उत्तराखंड

हरिद्वार में बासमती चावल उत्पादन को बढ़ावा, 87 किसानों से शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट

Kavita2
27 Aug 2026 11:57 AM IST
हरिद्वार में बासमती चावल उत्पादन को बढ़ावा, 87 किसानों से शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट
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रुड़की। किसानों की आय बढ़ाने और पारंपरिक धान की खेती को अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से हरिद्वार जिले में नई पहल शुरू की गई है। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र के पायलट प्रोजेक्ट के तहत अब जिले के भगवानपुर और बहादराबाद ब्लॉक में बासमती चावल के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा।

इस योजना के माध्यम से किसानों को सामान्य धान की खेती के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता वाली बासमती किस्म की खेती से जोड़ा जा रहा है। कृषि विभाग का उद्देश्य है कि किसान बेहतर बाजार मूल्य वाली फसलों का उत्पादन कर अपनी आय में बढ़ोतरी कर सकें।

पायलट प्रोजेक्ट के पहले चरण में भगवानपुर और बहादराबाद ब्लॉक के किसानों का चयन किया गया है। कृषि विभाग ने दोनों ब्लॉकों में कुल 40 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पूसा बासमती किस्म का धान लगाने की योजना तैयार की है। इसके लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है और उन्हें खेती से जुड़ी आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है।

इस परियोजना की खास बात यह है कि किसानों को जिला योजना के बजट से बासमती धान का बीज निशुल्क उपलब्ध कराया गया है। इससे किसानों पर शुरुआती लागत का दबाव कम होगा और वे नई किस्म की खेती को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।

पहले चरण में कुल 87 किसानों को इस योजना से जोड़ा गया है। कृषि विभाग की ओर से किसानों को बेहतर उत्पादन के लिए तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि बासमती चावल की खेती से किसानों को पारंपरिक धान की तुलना में अधिक लाभ मिल सकता है।

हरिद्वार जिले में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। हालांकि, सामान्य धान की खेती में लागत बढ़ने और बाजार मूल्य सीमित होने के कारण किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता। ऐसे में बासमती जैसी प्रीमियम फसल को बढ़ावा देना किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, पूसा बासमती किस्म की मांग देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी रहती है। इसकी गुणवत्ता और बाजार मूल्य बेहतर होने के कारण किसानों को अच्छी आमदनी मिलने की संभावना रहती है।

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने इस परियोजना को किसानों के लिए लाभकारी बताते हुए कहा कि जिले में कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को आधुनिक तकनीक और बेहतर फसल विकल्प उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

कृषि विभाग की टीम किसानों को बासमती धान की खेती के लिए जरूरी जानकारी दे रही है। इसमें बीज चयन, रोपाई, खाद प्रबंधन, सिंचाई और रोग नियंत्रण जैसी तकनीकी जानकारी शामिल है।

अधिकारियों का कहना है कि यदि पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो आने वाले समय में जिले के अन्य क्षेत्रों के किसानों को भी इससे जोड़ा जा सकता है। इससे बासमती चावल का उत्पादन क्षेत्र बढ़ेगा और किसानों को नई संभावनाएं मिलेंगी।

किसानों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यदि अच्छी गुणवत्ता वाली फसल का उचित बाजार मूल्य मिलता है तो उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।

हरिद्वार में शुरू हुई यह पहल कृषि विविधीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे किसानों को पारंपरिक खेती के साथ नए विकल्प मिलेंगे और जिले में बासमती चावल उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

फिलहाल परियोजना का पहला चरण शुरू हो चुका है और कृषि विभाग इसकी सफलता को लेकर लगातार निगरानी कर रहा है। आने वाले समय में इसके परिणामों के आधार पर योजना का विस्तार किया जा सकता है।

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