उत्तराखंड

CM धामी से मिले बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार, उत्तराखंड को फिल्म हब बनाने पर बड़ी चर्चा

Kavita2
18 Oct 2026 12:45 PM IST
CM धामी से मिले बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार, उत्तराखंड को फिल्म हब बनाने पर बड़ी चर्चा
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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने मुख्यमंत्री के शासकीय आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उत्तराखंड को देश के प्रमुख फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने, राज्य की नई फिल्म नीति और फिल्म उद्योग में निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री धामी ने इस मुलाकात को आत्मीय और सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अनुकूल फिल्म नीति के कारण प्रदेश फिल्म निर्माताओं की पसंदीदा जगह के रूप में उभर रहा है। राज्य सरकार का उद्देश्य फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के साथ स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।

मुख्यमंत्री आवास पर हुई महत्वपूर्ण मुलाकात

बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके शासकीय आवास पर मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच उत्तराखंड में फिल्म निर्माण की संभावनाओं और राज्य में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के विषय पर बातचीत हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता के कारण फिल्म निर्माण के लिए बेहद आकर्षक प्रदेश है।

राज्य में हिमालय की पर्वत शृंखलाएं, नदियां, झीलें, घने जंगल, ऐतिहासिक स्थल और धार्मिक पर्यटन केंद्र मौजूद हैं। ये सभी स्थान फिल्मों तथा वेब सीरीज की शूटिंग के लिए अलग-अलग प्रकार की लोकेशन उपलब्ध कराते हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार इन विशेषताओं का उपयोग करते हुए उत्तराखंड को फिल्म निर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहती है।

नई फिल्म नीति से फिल्म निर्माताओं को मिल रहा प्रोत्साहन

बैठक में उत्तराखंड की फिल्म नीति पर विशेष चर्चा हुई। राज्य सरकार ने फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करने के लिए उत्तराखंड फिल्म नीति-2024 लागू की है।

इसके अंतर्गत फिल्म निर्माण से जुड़ी अनुमतियों को सरल बनाने और पात्र परियोजनाओं को वित्तीय प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है।

नीति के अनुसार, हिंदी और संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल अन्य भाषाओं की पात्र फिल्मों को राज्य में किए गए मान्य खर्च पर 30 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है। इसकी अधिकतम सीमा तीन करोड़ रुपये है।

गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी जैसी क्षेत्रीय भाषाओं के फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान है।

शूटिंग की अनुमति के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था

फिल्म निर्माताओं को विभिन्न विभागों से अनुमति लेने में परेशानी न हो, इसके लिए उत्तराखंड में सिंगल विंडो प्रणाली लागू की गई है।

उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के अनुसार, इस व्यवस्था के माध्यम से फिल्म शूटिंग की अनुमति निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराई जाती है।

इससे निर्माताओं को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होती है।

परिषद के मुताबिक, शूटिंग की अनुमति सामान्यतः दो सप्ताह की निर्धारित समयसीमा में उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।

सरकार का मानना है कि सरल अनुमति प्रक्रिया और अनुकूल नीतियों से राज्य में फिल्म निर्माण की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

अक्षय कुमार के साथ फिल्म निर्माण की संभावनाओं पर चर्चा

मुख्यमंत्री और अक्षय कुमार की मुलाकात में उत्तराखंड की विभिन्न लोकेशन पर फिल्मों की शूटिंग को प्रोत्साहित करने पर विचार-विमर्श हुआ।

अक्षय कुमार बॉलीवुड के प्रमुख अभिनेताओं में शामिल हैं और उन्होंने अनेक फिल्मों में अभिनय किया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक खूबसूरती फिल्म निर्माताओं को अलग-अलग प्रकार की कहानियां पर्दे पर प्रस्तुत करने का अवसर देती है।

राज्य सरकार का प्रयास है कि बड़े फिल्म निर्माता और प्रोडक्शन हाउस उत्तराखंड में अपनी परियोजनाओं की शूटिंग करें।

हालांकि, इस मुलाकात के दौरान अक्षय कुमार की किसी नई फिल्म की शूटिंग या निवेश को लेकर औपचारिक घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है।

स्थानीय युवाओं को मिल सकते हैं रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री धामी ने फिल्म उद्योग के विकास को राज्य के युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाओं से जोड़ा।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अधिक फिल्मों की शूटिंग होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

फिल्म निर्माण के दौरान कैमरा, लाइट, साउंड, मेकअप, कॉस्ट्यूम, सेट डिजाइन और अन्य तकनीकी कार्यों के लिए बड़ी संख्या में लोगों की जरूरत होती है।

इसके अलावा स्थानीय परिवहन, होटल, भोजन व्यवस्था और अन्य सेवाओं की मांग भी बढ़ती है।

यदि राज्य में नियमित रूप से फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग होती है, तो स्थानीय युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में काम करने के अवसर मिल सकते हैं।

इससे रोजगार के लिए दूसरे शहरों की ओर पलायन करने वाले कुछ युवाओं को अपने प्रदेश में ही काम मिलने की संभावना बढ़ेगी।

पर्यटन को भी मिल सकता है फायदा

फिल्म उद्योग का विकास केवल मनोरंजन क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका पर्यटन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

किसी फिल्म या वेब सीरीज में दिखाई गई खूबसूरत लोकेशन दर्शकों को उस स्थान की ओर आकर्षित कर सकती है।

उत्तराखंड पहले से ही धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है।

चारधाम यात्रा, हिमालयी पर्यटन स्थल, झीलें और पर्वतीय क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता राज्य की प्रमुख पहचान हैं।

फिल्मों की शूटिंग बढ़ने से ऐसे स्थानों को व्यापक पहचान मिल सकती है।

इसके साथ ही स्थानीय होटल व्यवसायियों, टैक्सी संचालकों, गाइड और छोटे व्यापारियों को भी अतिरिक्त व्यावसायिक अवसर मिल सकते हैं।

क्षेत्रीय फिल्मों को भी बढ़ावा दे रही सरकार

उत्तराखंड सरकार की फिल्म नीति में क्षेत्रीय भाषा की फिल्मों के प्रोत्साहन पर विशेष ध्यान दिया गया है।

गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी भाषा में बनने वाली फिल्मों को बढ़ावा देने का उद्देश्य राज्य की लोक संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण करना है।

राज्य के सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में कई क्षेत्रीय फिल्मों को अनुदान प्रदान किया गया।

इनमें गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी भाषाओं की फिल्में शामिल हैं।

इसके अलावा राज्य में शूट की गई हिंदी फिल्मों और वेब सीरीज को भी निर्धारित पात्रता के अनुसार वित्तीय सहायता दी गई है।

फिल्म निर्माण के लिए बुनियादी सुविधाओं पर जोर

उत्तराखंड को प्रमुख फिल्म डेस्टिनेशन बनाने के लिए केवल प्राकृतिक लोकेशन ही पर्याप्त नहीं हैं।

फिल्म निर्माताओं को बेहतर सड़क संपर्क, परिवहन, आवास, तकनीकी सुविधाएं और प्रशिक्षित मानव संसाधन की भी आवश्यकता होती है।

उत्तराखंड फिल्म नीति में फिल्म निर्माण स्टूडियो, पोस्ट प्रोडक्शन सुविधाओं, प्रशिक्षण संस्थानों और फिल्म सिटी जैसी व्यवस्थाओं को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य शामिल है।

इन प्रयासों के माध्यम से राज्य में फिल्म निर्माण से जुड़ी पूरी व्यवस्था विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

इससे भविष्य में प्रदेश केवल शूटिंग स्थल नहीं, बल्कि फिल्म निर्माण और तकनीकी सेवाओं का केंद्र भी बन सकता है।

सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की कोशिश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत राज्य की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में शामिल है।

प्रदेश के लोकगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक परिधान, ऐतिहासिक धरोहर और स्थानीय त्योहार फिल्म निर्माताओं के लिए विषय उपलब्ध कराते हैं।

क्षेत्रीय संस्कृति को फिल्मों के माध्यम से देश और दुनिया के दर्शकों तक पहुंचाया जा सकता है।

सरकार चाहती है कि फिल्मों के माध्यम से उत्तराखंड की पहचान प्राकृतिक पर्यटन के साथ सांस्कृतिक विविधता के केंद्र के रूप में भी मजबूत हो।

उत्तराखंड को फिल्म हब बनाने की दिशा में प्रयास

मुख्यमंत्री धामी और अभिनेता अक्षय कुमार की मुलाकात को उत्तराखंड में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के प्रयासों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राज्य सरकार फिल्म नीति, शूटिंग सुविधाओं और आर्थिक प्रोत्साहन के माध्यम से अधिक फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करना चाहती है।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार का प्रयास उत्तराखंड को देश के प्रमुख फिल्म निर्माण केंद्रों में शामिल करना है।

इसके साथ स्थानीय कलाकारों को अवसर देना, युवाओं के लिए रोजगार तैयार करना और प्रदेश की संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

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