उत्तराखंड

Uttarakhand में बिजली दरों पर बड़ा प्रस्ताव: 50% बढ़ोतरी की तैयारी

Kavita2
1 July 2026 10:56 AM IST
Uttarakhand में बिजली दरों पर बड़ा प्रस्ताव: 50% बढ़ोतरी की तैयारी
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Uttarakhand उत्तराखंड : बिजली उपभोक्ताओं को जल्द ही बड़ा आर्थिक झटका लग सकता है। राज्य ऊर्जा निगम ने बिजली दरों में करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव विद्युत नियामक आयोग को भेजा है। इस प्रस्ताव के लागू होने पर राज्य के लाखों उपभोक्ताओं पर भारी वित्तीय बोझ बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, ऊर्जा निगम ने अपने प्रस्ताव में कुल 5900 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार उपभोक्ताओं पर डालने की बात कही है। यह प्रस्ताव 2003 से लंबित ग्रॉस फिक्स्ड एसेट और ट्रांसफर स्कीम से जुड़े खर्चों को आधार बनाकर तैयार किया गया है। निगम का कहना है कि लंबे समय से लंबित इस वित्तीय दायित्व को अब बिजली दरों में शामिल किया जाना जरूरी हो गया है।

प्रस्ताव के अनुसार, यदि विद्युत नियामक आयोग इसे मंजूरी देता है, तो घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं की बिजली दरों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। इससे आम जनता की मासिक बिजली लागत पर सीधा असर पड़ेगा।

इस प्रस्ताव को लेकर विद्युत नियामक आयोग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है और आम लोगों से इस पर आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। आयोग का कहना है कि अंतिम निर्णय सभी पक्षों की राय और आर्थिक प्रभावों को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा।

ऊर्जा निगम के अनुसार, बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने और पुराने वित्तीय घाटे को संतुलित करने के लिए यह कदम जरूरी है। निगम का तर्क है कि ग्रॉस फिक्स्ड एसेट और ट्रांसफर स्कीम से जुड़े खर्च लंबे समय से बकाया हैं, जिन्हें अब समायोजित करना आवश्यक हो गया है।

वहीं दूसरी ओर, उपभोक्ता संगठनों और आम लोगों के बीच इस प्रस्ताव को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि पहले से ही महंगाई के दबाव में जी रहे परिवारों पर बिजली दरों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी अतिरिक्त बोझ डालेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि 50 प्रतिशत की संभावित बढ़ोतरी यदि लागू होती है तो यह राज्य की अर्थव्यवस्था और घरेलू बजट दोनों पर प्रभाव डाल सकती है। खासकर छोटे व्यवसाय और मध्यम वर्ग पर इसका सीधा असर देखने को मिलेगा।

आयोग द्वारा जनता से सुझाव मांगने के बाद अब इस मुद्दे पर सार्वजनिक सुनवाई की संभावना भी जताई जा रही है। इसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा कि प्रस्ताव को किस स्तर तक स्वीकार किया जाए।

राज्य सरकार और ऊर्जा विभाग की नजर भी इस प्रस्ताव पर बनी हुई है, क्योंकि इसका सीधा संबंध आम जनता की आर्थिक स्थिति से है। आने वाले दिनों में इस पर विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, उत्तराखंड में बिजली दरों में संभावित वृद्धि को लेकर स्थिति गंभीर बनी हुई है और अंतिम निर्णय विद्युत नियामक आयोग की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

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