उत्तराखंड

Bhararisain: गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने पर फिर छिड़ी बहस

Admindelhi1
12 March 2026 12:21 PM IST
Bhararisain: गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने पर फिर छिड़ी बहस
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"गैरसैंण पर सरकार और विपक्ष में तीखी बहस"

भराड़ीसैंण: उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र में गैरसैंण को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने दिखे। सरकार जहां गैरसैंण क्षेत्र को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है, वहीं विपक्ष इसे प्रदेश की स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग पर कायम है।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने सदन में कहा कि भराड़ीसैंण (गैरसैंण) प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी है। इसके साथ-साथ पूरे गैरसैंण और आसपास के क्षेत्रों को पर्यटन डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अवस्थापना सुविधाओं के विस्तार और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) को लेकर उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है और विकास के नए आयामों को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।

वहीं बद्रीनाथ विधायक लखपत बुटोला ने सदन में गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित किए जाने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में गैरसैंण को लेकर सरकार का स्पष्ट विजन नजर नहीं आता। बुटोला ने कहा कि गैरसैंण राज्य आंदोलन की भावनाओं से जुड़ा विषय है और इस पर ठोस रोडमैप पेश किया जाना चाहिए, न कि केवल औपचारिक घोषणाएं की जाएं।

सदन में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

बयान तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने एक जारी विज्ञप्ति में कहा कि भराड़ीसैंण को लेकर उनके वक्तव्य को विपक्ष जानबूझकर गलत तरीके से प्रस्तुत कर रहा है। उनका आशय ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण के साथ-साथ गैरसैंण और आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास से था, जिसमें पर्यटन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार शामिल है।

महाराज ने कहा कि वर्ष 2013 में तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की ओर से गैरसैंण में विधानसभा भवन के शिलान्यास के दौरान उनकी भी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दे को तूल देने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश की जनता सच्चाई से भली-भांति परिचित है।

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