
बाजपुर: उत्तराखंड अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष लीलावती राणा ने सोमवार को तहसील सभागार में जनजाति समाज के लोगों के लंबित चल रहे मामलों को गंभीरता से सुना। इस दौरान उन्होंने 13 मामलों का निस्तारण किया, जबकि बाजपुर की शेष 10 समस्याओं को विचाराधीन रखने के निर्देश दिए। आयोग अध्यक्ष राणा ने कहा कि जनजाति समाज के लोगों को उनके अधिकारों के अनुरूप सुरक्षा दी जाएगी। फरियादियों की समस्याओं के प्रति अधिकारी सचेत रहें।
तहसील सभागार में आयोग अध्यक्षा लीलावती राणा ने मामलों की सुनवाई के दौरान बताया कि बाजपुर और गदरपुर क्षेत्र में जनजाति समुदाय के 43 मामले लंबित हैं। सोमवार को उनके समक्ष 13 फरियादी पहुंचे। सुनवाई कर उनका निस्तारण किया गया है। गांव बन्नाखेड़ा निवासी सूरजो देवी के आवासीय भूमि का भू स्वामित्व प्रमाणपत्र परिवार के दूसरे व्यक्ति के नाम बना दिया गया था। इस मामले में सुनवाई की गई। भू स्वामित्व प्रमाणपत्र सूरजो देवी के नाम बनाने के लिए एसडीएम को आदेशित किया गया।
कहा कि संबंधित पटवारी से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। यह मामला तीन साल से लंबित था। गांव अजीमुल्ला भूड़ी निवासी पीआरडी देव सिंह को डयूटी नहीं मिलने के मामले की सुनवाई कर संबंधित अधिकारी को नियमानुसार ड्यूटी देने के लिए निर्देश दिए गए हैं। वहां तहसीलदार अक्षय कुमार भट्ट, आयोग सदस्य सुरेंद्र सिंह राणा, बाबू सिंह तोमर आदि मौजूद रहे





