
Uttarakhand उत्तराखंड : पवित्र बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान में कथित हेराफेरी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मंदिर में दान पात्रों से प्राप्त नकदी, आभूषण और अन्य सामग्री के प्रबंधन को लेकर उठे सवालों के बीच अब सीसीटीवी कैमरों के बदले जाने को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार, बदरीनाथ धाम में लगे सीसीटीवी कैमरे 1 जुलाई को बदले गए हैं। इस बदलाव को लेकर कुछ लोग इसे चल रहे कथित हेराफेरी मामले से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि मंदिर समिति प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया सामान्य तकनीकी अपग्रेडेशन का हिस्सा है और उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे लगाए जा रहे हैं।
मामले में आरोप है कि मंदिर में दान पात्रों से एकत्र की गई नगदी और सोना-चांदी सहित अन्य चढ़ावे की गिनती और प्रबंधन में अनियमितताएं हुई हैं। बताया जा रहा है कि इस प्रक्रिया में एक अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं, जो दान सामग्री की गणना और रिकॉर्ड से जुड़े कार्यों में शामिल रहते थे।
इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने जांच टीम का गठन किया है। समिति ने इस मामले की जांच के लिए कई वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया है, जिनमें वित्तीय अधिकारी हेम कांडपाल, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी केदारनाथ डबर सिंह भुजवाण, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी और लॉ अधिकारी शिशुपाल सिंह बत्र्वाल का नाम शामिल है।
जांच समिति को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह दान प्रक्रिया, नकदी प्रबंधन, सोना-चांदी की गिनती और रिकॉर्डिंग सिस्टम की विस्तृत जांच करे। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि क्या किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।
मंदिर समिति के अनुसार, बदरीनाथ धाम में आने वाले दान का पूरा लेखा-जोखा निर्धारित प्रक्रिया के तहत रखा जाता है और हर चरण में रिकॉर्डिंग और सत्यापन किया जाता है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सीसीटीवी कैमरों को अपग्रेड करने का निर्णय पहले से ही प्रस्तावित था और इसे सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से लागू किया गया है।
हालांकि, स्थानीय स्तर पर और सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कुछ लोग इसे जांच से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि मंदिर प्रशासन इसे मात्र तकनीकी सुधार बता रहा है।
मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रशासन ने अपील की है कि बिना जांच पूरी हुए किसी भी प्रकार की अटकलें न लगाई जाएं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बदरीनाथ धाम हिंदू धर्म का एक प्रमुख तीर्थ स्थल है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और भारी मात्रा में दान भी करते हैं। ऐसे में दान प्रबंधन की पारदर्शिता को लेकर उठे सवाल प्रशासन के लिए गंभीर विषय बन गए हैं।
फिलहाल जांच समिति ने अपनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट सौंपे जाने की संभावना है। इसके बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





