उत्तराखंड

बदरीनाथ धाम मामला: SIT ने पूर्व अधिकारी दबोचा

Saba Naaz
17 July 2026 4:22 PM IST
बदरीनाथ धाम मामला: SIT ने पूर्व अधिकारी दबोचा
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बदरीनाथ धाम: भगवान के चढ़ावे में कथित हेराफेरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में विशेष जांच टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई की है। एसआईटी ने बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के पूर्व टेंपल ऑफिसर राजेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में यह दूसरी बड़ी गिरफ्तारी है। जांच एजेंसी अब मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, राजेंद्र सिंह चौहान को शुक्रवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। एसआईटी ने उनसे करीब चार घंटे तक लगातार पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उनके जवाबों में कथित विरोधाभास पाए गए और जांच टीम को कुछ ऐसे तथ्य मिले, जिनके आधार पर उन्हें हिरासत में लिया गया। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उनकी गिरफ्तारी दर्ज कर ली गई।

गौरतलब है कि राजेंद्र सिंह चौहान इसी वर्ष 30 जून को मंदिर समिति की सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे। रिटायरमेंट के कुछ ही दिनों बाद हुई इस कार्रवाई से बदरी-केदार मंदिर समिति से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल मच गई है।

बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद एसआईटी लगातार जांच कर रही है। जांच के दौरान मंदिर में चढ़ावे से जुड़े रिकॉर्ड, लेनदेन, दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस हाई प्रोफाइल मामले में एसआईटी इससे पहले बीकेटीसी के वैयक्तिक सहायक कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार कर चुकी है। प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और कई अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ की गई। अब पूर्व टेंपल ऑफिसर राजेंद्र सिंह चौहान की गिरफ्तारी को जांच में अहम कदम माना जा रहा है।

मामला सामने आने के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति ने भी कार्रवाई शुरू की थी। समिति ने मुख्य खजांची संदीप मेहता को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया था। इसके बाद एसआईटी ने मंदिर से जुड़े रिकॉर्ड और वित्तीय गतिविधियों की जांच तेज कर दी थी।

एसआईटी अब यह पता लगाने में जुटी है कि चढ़ावे में हुई कथित गड़बड़ी केवल कुछ लोगों तक सीमित थी या फिर इसमें कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल थे। जांच टीम सीसीटीवी फुटेज, बैंक खातों की जानकारी, चढ़ावे से संबंधित रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों का मिलान कर रही है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए पूर्व अधिकारी से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच में यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसे भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।

बदरीनाथ धाम देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और यहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में चढ़ावे और मंदिर व्यवस्था से जुड़ी किसी भी अनियमितता को गंभीर मामला माना जाता है। एसआईटी की कार्रवाई के बाद अब सभी की नजर जांच की अगली कड़ी पर है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

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