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राह चलती महिला को कार में खींचने की कोशिश
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सड़क पर जा रही एक महिला को कथित तौर पर जबरन कार में खींचकर अगवा करने की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोप है कि कार सवार तीन युवकों ने महिला का रास्ता रोका और उसे जबरदस्ती वाहन में बैठाने का प्रयास किया। महिला ने खतरा भांपते ही जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। आवाज सुनकर आसपास के लोगों का ध्यान उसकी तरफ गया तो आरोपी मौके से भाग निकले।
घटना के बाद महिला ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। शिकायत मिलने पर पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान के साथ उस कार का पता लगाने की कोशिश की जा रही है, जिसका कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल किया गया। महिला के मुताबिक वह अपने रास्ते से जा रही थी, तभी कार में सवार तीन युवक उसके पास पहुंचे। आरोप है कि युवकों ने पहले उसे रोकने की कोशिश की और इसके बाद जबरन कार की तरफ खींचने लगे। अचानक हुई इस घटना से महिला घबरा गई, लेकिन उसने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाया। उसकी आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग सतर्क हो गए।
लोगों को अपनी तरफ आता देखकर तीनों युवक कथित तौर पर महिला को छोड़कर कार में सवार हुए और वहां से फरार हो गए। घटना कुछ ही समय में हुई, लेकिन इससे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पुलिस अब घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों की फुटेज के जरिए आरोपियों के आने और जाने का रास्ता पता लगाने की कोशिश कर रही है। कार के नंबर और उसकी पहचान से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए अलग-अलग स्थानों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग देखी जा सकती है। महिला द्वारा बताए गए हुलिए और अन्य जानकारियों को भी जांच में शामिल किया गया है।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी महिला को पहले से जानते थे या उन्होंने अचानक उसे निशाना बनाया। घटना के पीछे किसी पुरानी रंजिश, पहचान अथवा अन्य कारण की संभावना को भी जांच के दायरे में रखा जा सकता है। आरोपियों के पकड़े जाने और पूछताछ के बाद ही घटना के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। राह चलते किसी महिला को जबरन वाहन में खींचने की कथित कोशिश गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय है। महिला की सतर्कता और तत्काल शोर मचाने से आसपास मौजूद लोगों का ध्यान उसकी ओर गया और संभावित बड़ी वारदात टल गई।
फिलहाल पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा रही है। पुलिस की आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में कौन लोग शामिल थे और इसके पीछे उनका मकसद क्या था।
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