उत्तराखंड

बदरीनाथ, केदारनाथ और सहस्रधारा में बनेंगे ATC, उत्तराखंड में हवाई सफर होगा और सुरक्षित

nidhi
26 July 2026 7:26 AM IST
बदरीनाथ, केदारनाथ और सहस्रधारा में बनेंगे ATC, उत्तराखंड में हवाई सफर होगा और सुरक्षित
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उत्तराखंड में हवाई सफर होगा और सुरक्षित
Uttarakhand : हवाई सेवाओं को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों बदरीनाथ, केदारनाथ और सहस्रधारा में नए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर स्थापित किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य हेलिकॉप्टर और अन्य विमान सेवाओं के संचालन को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और कुशल बनाना है।
चारधाम यात्रा के दौरान हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु हेली सेवाओं का उपयोग करते हैं। ऐसे में बढ़ते हवाई यातायात को देखते हुए आधुनिक एयर ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। नए एटीसी टावर बनने से उड़ानों की निगरानी बेहतर होगी और खराब मौसम जैसी परिस्थितियों में भी सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
चारधाम यात्रा को मिलेगा बड़ा लाभ
बदरीनाथ और केदारनाथ देश के सबसे प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल हैं। यात्रा सीजन के दौरान यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में हेलिकॉप्टर उड़ानें संचालित होती हैं। मौसम में अचानक बदलाव और पहाड़ी इलाकों की भौगोलिक चुनौतियों के कारण उड़ानों का संचालन बेहद संवेदनशील माना जाता है।
एटीसी टावर बनने के बाद उड़ानों का समन्वय अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा, जिससे हवाई यातायात का बेहतर प्रबंधन होगा और संभावित जोखिम कम होंगे।
सहस्रधारा हेलीपोर्ट भी होगा आधुनिक
देहरादून स्थित सहस्रधारा हेलीपोर्ट राज्य में हेलिकॉप्टर सेवाओं का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां से चारधाम समेत कई अन्य गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित होती हैं।
नया एटीसी सिस्टम स्थापित होने से उड़ानों की निगरानी, टेकऑफ और लैंडिंग प्रक्रिया पहले से अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित होगी। इससे यात्रियों के साथ-साथ पायलटों और ऑपरेटरों को भी सुविधा मिलेगी।
आधुनिक तकनीक से होगी निगरानी
प्रस्तावित एटीसी टावरों में आधुनिक संचार और निगरानी उपकरण लगाए जाएंगे। इनकी मदद से एयर ट्रैफिक कंट्रोलर वास्तविक समय (रियल-टाइम) में उड़ानों की स्थिति पर नजर रख सकेंगे और आवश्यक निर्देश जारी कर सकेंगे।
विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में बदलते मौसम, दृश्यता और उड़ान मार्गों की निगरानी के लिए यह प्रणाली महत्वपूर्ण साबित होगी।
सुरक्षा होगी और मजबूत
विशेषज्ञों के अनुसार, चारधाम क्षेत्र में हवाई यातायात लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में आधुनिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल व्यवस्था दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने में सहायक होगी।
इससे उड़ानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और यात्रियों की सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी।
पर्यटन और कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
एटीसी टावरों की स्थापना से न केवल चारधाम यात्रा अधिक सुरक्षित होगी, बल्कि उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय हवाई संपर्क को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर हवाई बुनियादी ढांचे से राज्य में पर्यटन उद्योग को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों का लक्ष्य है कि आधुनिक हवाई सुविधाओं के जरिए यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और विश्वसनीय यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जाए।
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