उत्तराखंड

जीरो नंबर आने से नाराज छात्र-छात्राओं का धरना-प्रदर्शन अचानक हुआ उग्र

Admin Delhi 1
29 Aug 2022 2:20 PM GMT
जीरो नंबर आने से नाराज छात्र-छात्राओं का धरना-प्रदर्शन अचानक हुआ उग्र
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हल्द्वानी क्राइम न्यूज़: बीएससी अंतिम वर्ष की परीक्षा में जीरो नंबर आने से नाराज छात्र-छात्राओं का धरना-प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया। उग्र छात्रों की प्राचार्य से तीखी नोकझोंक हुई और एक छात्र ने प्राचार्य के टेबल पर गिलास तोड़ दिया। मामले में पुलिस के दखल पर बात बिगड़ गई। छात्रों की पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। हिरासत में लिए छात्र को छुड़ाने के लिए छात्र पुलिस जीप के आगे अड़ गए। कॉलेज में करीब एक घंटे तक जमकर हंगामा चला और अंत में प्राचार्य पीछे हट गए। पुलिस ने भी छात्र को हिदायत देकर छोड़ दिया।

जीरो नंबर से आने नाराज तमाम छात्र और छात्राएं सुबह करीब साढ़े 11 बजे एमबीपीजी कॉलेज के प्राचार्य एनएस बनकोटी के दफ्तर के बाहर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान छात्र-छात्राओं के दो गुट बंट गए और एक गुट प्राचार्य को ज्ञापन देकर बाहर आ गया। जिसके बाद छात्र-छात्राओं का दूसरा गुट प्राचार्य के दफ्तर में दाखिल हो गया। यहां प्राचार्य पर छात्र-छात्राओं ने जमकर गुस्सा निकला और इसी बीच एक उग्र छात्र ने पानी का गिलास प्राचार्य की टेबल पर दे मारा। मामला बिगड़ा तो मौके पर कोतवाली पुलिस पहुंच और पुलिस ने गिलास तोड़ने वाले को हिरासत में ले लिया, जिसके बाद मामला बिगड़ गया।

पुलिस छात्र को हिरासत में लेकर कॉलेज गेट से बाहर निकलती, इससे पहले छात्रों ने कॉलेज गेट को अंदर से बंद कर दिया और हिरासत में लिए छात्र को छुड़ाने की कोशिश करने लगे। इस बीच पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। किसी तरह पुलिस ने गेट खुलवा कर हिरासत में लिए छात्र को पुलिस जीप में बिठाया तो छात्र पुलिस जीप के आगे अड़ गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस के कार्य में बाधा डालने की सजा बताकर पुलिस ने रास्ते से छात्रों को हटाया और हिरासत में लिए छात्र को कोतवाली लेकर पहुंची। एसएसआई विजय मेहता ने बताया कि मामले में प्राचार्य की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई। जिसके बाद हिरासत में लिए छात्र को हिदायत देकर छोड़ दिया गया।

दूसरे गुट की नेतागिरी से उग्र हुए बौखलाए छात्र: सुबह छात्र-छात्राओं का धरना-प्रदर्शन सिर्फ नारेबाजी तक सीमित था, लेकिन बता दें कि कॉलेज में छात्र संघ चुनाव की तैयारियां भी छात्र-छात्राओं ने शुरू कर दी है। ऐसे एक गुट ने प्राचार्य को ज्ञापन दे दिया और यह बात शांति-पूर्वक धरना-प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं को अखर गई। पहले इस बात से छात्र उग्र हुए और पुलिस के आने से बात और बिगड़ गई।

शिक्षकों ने उग्र छात्रों पर केस दर्ज कराने की मांग: इस घटना के बाद कॉलेज के शिक्षकों का कहना था कि धरना-प्रदर्शन हर किसी का अधिकार है, लेकिन नाराज छात्र-छात्राओं ने प्राचार्य के साथ जो किया, वह सरासर गलत है। यह शिक्षक-छात्र मर्यादा का भी उल्लंघन है। प्राचार्य से बदसलूकी सभी नहीं की, लेकिन जिन्होंने की है, उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाना चाहिए। हालांकि प्राचार्य का फैसला भी सराहनीय है। छात्रों की मांग विश्वविद्यालय में पहले ही रखी जा चुकी है। विश्वविद्यालय से आए जवाब में ऐसे बच्चों को आरटीआई के तहत 75 रुपए का फार्म भरकर अपनी कॉपी निकलवाने को कहा गया है।- प्रो. एनएस बनकोटी, प्राचार्य, एमबीपीजी कॉलेज

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