उत्तराखंड

गजब का चोर घर से आईफोन 15 चुराया, फिर पीड़ित की बहन से मांग लिया पासवर्ड

Kavita2
8 Oct 2026 9:51 AM IST
गजब का चोर घर से आईफोन 15 चुराया, फिर पीड़ित की बहन से मांग लिया पासवर्ड
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देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आईफोन चोरी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। क्लेमनटाउन थाना क्षेत्र में घर के अंदर घुसकर आईफोन 15 चोरी करने के बाद संदिग्ध ने पीड़ित की बहन को ही मैसेज भेजकर फोन का पासवर्ड मांग लिया। घटना 12 सितंबर की बताई जा रही है। चोरी की वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद होने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। परिवार का आरोप है कि शिकायत के बाद भी पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की। अब घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सर्विलांस टीम जांच कर रही है और संदिग्ध की तलाश जारी है।

घर में घुसकर चुराया आईफोन 15

जानकारी के अनुसार, घटना देहरादून के क्लेमनटाउन क्षेत्र स्थित सनशाइन एन्क्लेव की है। यहां 12 सितंबर को एक फ्लैट से आईफोन 15 चोरी हो गया था। पीड़ित सक्षम नेगी ने मामले की शिकायत पुलिस से की थी। बताया गया है कि सुबह करीब 8 बजकर 45 मिनट पर मोबाइल फोन चोरी होने की जानकारी सामने आई।

घटना के बाद आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में दो संदिग्ध युवक कमरे की ओर आते और अंदर दाखिल होते दिखाई दिए। इसके बाद परिवार ने संदिग्धों की तस्वीरें और अन्य जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराई।

पीड़ित परिवार का कहना है कि चोरों की तस्वीरें सामने आने के बावजूद उनकी पहचान नहीं हो सकी और चोरी हुआ मोबाइल भी बरामद नहीं किया जा सका।

23 दिन बाद बहन को आया मैसेज

इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई, जब चोरी के करीब 23 दिन बाद संदिग्ध ने पीड़ित की बहन कौशिकी से संपर्क किया।

परिवार का आरोप है कि जिस व्यक्ति ने फोन चोरी किया था, उसने सोशल मीडिया और मैसेज के माध्यम से आईफोन का पासवर्ड मांगना शुरू कर दिया। कथित संदिग्ध ने फोन को अनलॉक करने के लिए पासवर्ड उपलब्ध कराने को कहा।

कौशिकी के मुताबिक, चोरी हुए फोन में संपर्क करने के लिए उपलब्ध नंबर के जरिए संदिग्ध उन तक पहुंचा था। इसके बाद उसने मैसेज भेजकर पासवर्ड पूछा।

कौशिकी ने इन संदेशों के स्क्रीनशॉट भी सुरक्षित रखे और पुलिस को उपलब्ध कराए। हालांकि, संदेश भेजने वाला व्यक्ति वास्तव में चोरी करने वालों में शामिल था या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

सीसीटीवी फुटेज देने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप

पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना की जानकारी देने के बाद पुलिस को कई महत्वपूर्ण साक्ष्य उपलब्ध कराए गए थे। इनमें सीसीटीवी फुटेज, संदिग्ध की तस्वीरें, संभावित लोकेशन और पासवर्ड मांगने वाले संदेशों के स्क्रीनशॉट शामिल हैं।

इसके बावजूद लंबे समय तक मोबाइल फोन बरामद नहीं होने से परिवार नाराज है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब संदिग्ध खुद संपर्क कर रहा है तो पुलिस उसकी पहचान क्यों नहीं कर पा रही है।

परिवार ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और चोरी हुए मोबाइल को बरामद करने की मांग की है।

सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर उठाए सवाल

पीड़ित की बहन कौशिकी ध्यानी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पूरे मामले की जानकारी साझा की है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से चोरी की घटना और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए।

वीडियो में उन्होंने बताया कि क्षेत्र में मोबाइल और अन्य सामान चोरी होने की घटनाएं सामने आई हैं। इसके बावजूद आरोपियों तक पहुंचने में देरी हो रही है।

कौशिकी ने दावा किया कि चोरी की घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों की तस्वीरें पुलिस के पास मौजूद हैं। इसके अलावा पासवर्ड मांगने वाले संदेश भी उपलब्ध कराए गए हैं।

उनका कहना है कि इन साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों का पता लगाया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद मामले की चर्चा बढ़ गई है।

अन्य मोबाइल और लैपटॉप चोरी होने की भी शिकायत

कौशिकी ने अपने वीडियो में यह भी दावा किया है कि क्लेमनटाउन और आसपास के क्षेत्रों में चोरी की अन्य घटनाएं हुई हैं।

उनके अनुसार, 12 सितंबर को केवल एक आईफोन ही चोरी नहीं हुआ था, बल्कि सक्षम नेगी और अन्य लोगों के मोबाइल फोन भी चोरी हुए थे।

इसके अलावा कुछ लोगों के लैपटॉप और अन्य कीमती सामान चोरी होने की शिकायत भी सामने आई है। कौशिकी का दावा है कि 16 सितंबर को भी इसी क्षेत्र में चोरी की एक और घटना हुई थी।

उन्होंने डीआईटी और ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के आसपास की घटनाओं का भी उल्लेख किया। हालांकि, इन सभी घटनाओं में एक ही व्यक्ति या गिरोह की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मुकदमा दर्ज नहीं करने का भी आरोप

पीड़ित परिवार ने पुलिस पर शिकायत के बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि घटना के बाद थाने में जानकारी दी गई थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने शिकायत का संज्ञान लेने और तकनीकी जांच जारी रहने की जानकारी दी है। मुकदमा दर्ज होने की मौजूदा स्थिति के संबंध में स्पष्ट आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं है।

ऐसे में परिवार के आरोपों और पुलिस की कार्रवाई की स्थिति को अलग-अलग समझना जरूरी है।

सर्विलांस टीम कर रही मामले की जांच

मामले को लेकर सीओ सदर अंकित कंडारी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर का संज्ञान लिया गया है। सर्विलांस टीम मामले की जांच कर रही है।

पुलिस चोरी हुए मोबाइल की लोकेशन और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

पुलिस के अनुसार, संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी जा रही है। जांच में सीसीटीवी फुटेज और अन्य जानकारी की मदद ली जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध की पहचान करने और चोरी हुए फोन को बरामद करने के प्रयास जारी हैं।

पासवर्ड मांगने से निजी जानकारी की सुरक्षा पर सवाल

चोरी हुए आईफोन का पासवर्ड मांगने की घटना ने मोबाइल में मौजूद निजी जानकारी की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाई है।

स्मार्टफोन में व्यक्तिगत तस्वीरें, संपर्क नंबर, दस्तावेज, ईमेल और विभिन्न ऑनलाइन खातों से जुड़ी जानकारी हो सकती है। ऐसे में किसी अनजान व्यक्ति द्वारा चोरी हुए फोन का पासवर्ड मांगना गंभीर चिंता का विषय है।

हालांकि, इस मामले में संदिग्ध ने पासवर्ड क्यों मांगा और उसका उद्देश्य क्या था, यह जांच का विषय है। अभी इस बात का प्रमाण सामने नहीं आया है कि चोरी हुए फोन में मौजूद किसी निजी जानकारी का दुरुपयोग किया गया है।

आरोपी की गिरफ्तारी और फोन बरामदगी की मांग

क्लेमनटाउन में हुई इस चोरी की घटना के बाद पीड़ित परिवार ने जल्द कार्रवाई की मांग की है। परिवार चाहता है कि पुलिस उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जानकारी के आधार पर संदिग्ध की पहचान कर उसे गिरफ्तार करे।

घटना के कई दिन बाद भी मोबाइल फोन बरामद नहीं होने और संदिग्ध की ओर से कथित रूप से पासवर्ड मांगने के कारण मामला चर्चा में बना हुआ है।

फिलहाल पुलिस की सर्विलांस टीम जांच में जुटी है। अब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि फोन चोरी करने वाले कौन थे और पासवर्ड मांगने वाले संदेश किस व्यक्ति ने भेजे थे।

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