उत्तराखंड

उत्तराखंड को अमित शाह की 1474 करोड़ की सौगात

Kavita2
6 Nov 2026 1:30 PM IST
उत्तराखंड को अमित शाह की 1474 करोड़ की सौगात
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देहरादून। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार, 6 नवंबर को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून पहुंचे। यहां परेड ग्राउंड में आयोजित उत्तराखंड राज्योत्सव समारोह में उन्होंने शिरकत की। केंद्रीय गृह मंत्री के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही पूरा परेड ग्राउंड 'मोदी-मोदी' के नारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर अमित शाह ने प्रदेश को विकास योजनाओं की बड़ी सौगात देते हुए करीब 1474 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

उत्तराखंड राज्य स्थापना के 26वें वर्ष के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव समारोह को लेकर देहरादून में विशेष तैयारियां की गई थीं। परेड ग्राउंड को भव्य तरीके से सजाया गया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके आगमन को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्थाएं की थीं।

कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें उत्तराखंड की पारंपरिक टोपी, गंगाजली और समुद्र मंथन का प्रतीक चिह्न भेंट किया। इस स्वागत के माध्यम से प्रदेश की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को प्रदर्शित किया गया।

उत्तराखंड की टोपी प्रदेश की पारंपरिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। वहीं, गंगाजली का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। हिमालयी राज्य होने के कारण उत्तराखंड की पहचान प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक परंपराओं से भी जुड़ी हुई है।

समारोह के दौरान उत्तराखंड की विकास यात्रा पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इस फिल्म के माध्यम से राज्य के गठन से लेकर अब तक के विकास कार्यों, उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं को प्रस्तुत किया गया। राज्य के विकास में विभिन्न क्षेत्रों के योगदान को भी रेखांकित किया गया।

कार्यक्रम में प्रदेश की कला और संस्कृति से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। प्रसिद्ध लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी और अभिनेता हेमंत पांडेय को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किया गया। दोनों कलाकारों ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी को उत्तराखंड की लोकसंस्कृति का प्रमुख प्रतिनिधि माना जाता है। उनके गीतों में पहाड़ का जीवन, सामाजिक समस्याएं, स्थानीय परंपराएं और आम लोगों की भावनाएं दिखाई देती हैं। दशकों से वे अपने गीतों के माध्यम से प्रदेश की संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं।

वहीं, अभिनेता हेमंत पांडेय ने हिंदी फिल्म और टेलीविजन जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने अभिनय के क्षेत्र में लंबे समय तक काम करते हुए उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। समारोह में दोनों कलाकारों का सम्मान प्रदेश की सांस्कृतिक उपलब्धियों को रेखांकित करने वाला महत्वपूर्ण अवसर रहा।

राज्योत्सव समारोह का प्रमुख आकर्षण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास रहा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लगभग 1474 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं को राज्य के विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में आधारभूत ढांचे का विकास विशेष महत्व रखता है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार कई चुनौतियों के साथ जुड़ा होता है। ऐसे में नई विकास परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की उम्मीद की जाती है।

राज्य सरकार का प्रयास उत्तराखंड में विकास की गति को बढ़ाने के साथ-साथ पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के बीच सुविधाओं की उपलब्धता में अंतर को कम करना है। पर्यटन, तीर्थाटन और स्थानीय रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना भी प्रदेश की विकास प्राथमिकताओं में शामिल है।

उत्तराखंड के विकास में पर्यटन और धार्मिक यात्रा का बड़ा योगदान है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं। चारधाम यात्रा, प्राकृतिक पर्यटन स्थलों और धार्मिक महत्व वाले स्थानों के कारण प्रदेश की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है।

इसके अलावा प्रदेश में सड़क संपर्क, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाना भी आवश्यक है। पर्वतीय क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं तथा कठिन मौसम के कारण बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना एक बड़ी जरूरत बनी हुई है।

राज्योत्सव के माध्यम से राज्य सरकार ने उत्तराखंड की अब तक की विकास यात्रा और भविष्य के लक्ष्यों को सामने रखने का प्रयास किया। कार्यक्रम में राज्य के निर्माण के लिए हुए आंदोलन और प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान का महत्व भी केंद्र में रहा।

उत्तराखंड का गठन 9 नवंबर 2000 को उत्तर प्रदेश से अलग राज्य के रूप में हुआ था। राज्य निर्माण के पीछे पर्वतीय क्षेत्रों की अलग प्रशासनिक जरूरतें, विकास की मांग और क्षेत्रीय पहचान से जुड़ी लंबी जनभावना रही। राज्य आंदोलन में अनेक लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

राज्य गठन के बाद उत्तराखंड ने प्रशासनिक व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और सड़क संपर्क जैसे क्षेत्रों में विकास की दिशा में कदम बढ़ाए। हालांकि, दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार, पलायन और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी चुनौतियां अभी भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का यह दौरा राज्योत्सव कार्यक्रम के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों से भी जुड़ा है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, परेड ग्राउंड के बाद उन्हें देहरादून की पुलिस लाइन में आयोजित राष्ट्रपति कलर समारोह में भी शामिल होना है। यह सम्मान पुलिस बल की सेवाओं और उपलब्धियों से जुड़ा प्रतिष्ठित प्रतीक माना जाता है।

केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे को देखते हुए देहरादून में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी विशेष तैयारियां की गई थीं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम से पहले परेड ग्राउंड पहुंचकर तैयारियों की समीक्षा की थी। उन्होंने अधिकारियों को समारोह की सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए थे।

कुल मिलाकर, उत्तराखंड राज्योत्सव समारोह में सांस्कृतिक सम्मान और विकास योजनाओं की घोषणा प्रमुख आकर्षण रहे। एक ओर लोकसंस्कृति और अभिनय के क्षेत्र में योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित किया गया, वहीं दूसरी ओर 1474 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के माध्यम से राज्य के विकास को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।

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