
देहरादून। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आयोजित राज्योत्सव समारोह में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बड़ा संदेश दिया। परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रदेश में लगातार तीसरी बार भाजपा की सरकार बनाने का आह्वान किया। शाह ने कार्यकर्ताओं के सामने 65 से अधिक विधानसभा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का गठन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य को नई दिशा मिली है। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला और उसकी 'वोट बचाओ यात्रा' को घुसपैठियों को बचाने का अभियान बताया।
शुक्रवार को देहरादून पहुंचने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा नेताओं ने स्वागत किया। इसके बाद वह परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। राज्य स्थापना दिवस से जुड़े समारोह के साथ भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत भी जनसभा आयोजित की गई। कार्यक्रम को आगामी विधानसभा चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अपने संबोधन में अमित शाह ने उत्तराखंड की जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं से प्रदेश में एक बार फिर पार्टी की सरकार बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लगातार दो कार्यकाल से राज्य में भाजपा की सरकार है और अब तीसरी बार भी पार्टी को मजबूत बहुमत के साथ सत्ता में लाने का लक्ष्य होना चाहिए।
शाह ने कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों में जुटने का संदेश देते हुए 65 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास की गति बनाए रखने के लिए मजबूत सरकार जरूरी है। उनका जोर संगठन की मजबूती, जनता से संपर्क और सरकार के कामकाज को घर-घर तक पहुंचाने पर रहा।
केंद्रीय गृह मंत्री ने उत्तराखंड के गठन का उल्लेख करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया। उन्होंने कहा कि अलग राज्य बनाने के पीछे पर्वतीय क्षेत्रों की विकास संबंधी जरूरतों को पूरा करने की सोच थी। उन्होंने भाजपा की ओर से किए गए प्रयासों को याद करते हुए राज्य की प्रगति का श्रेय केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों को दिया।
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में बुनियादी ढांचे, सड़क संपर्क, पर्यटन, तीर्थाटन और निवेश के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम हुए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने और जनहित की योजनाओं को लागू करने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री धामी की सरकारों को राज्य के विकास में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि केंद्र और प्रदेश के बीच समन्वय से विकास योजनाओं को गति मिली है। भाजपा इसी विकास के आधार पर जनता के बीच जाएगी और आगामी चुनाव में समर्थन मांगेगी।
अमित शाह ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष की ओर से चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर उठाए जा रहे सवालों की आलोचना की। कांग्रेस की 'वोट बचाओ यात्रा' पर टिप्पणी करते हुए शाह ने आरोप लगाया कि विपक्ष का अभियान वास्तव में घुसपैठियों को बचाने की राजनीति से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की प्राथमिकता लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना और मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना है। शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह लगातार चुनावी हार के बाद लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर जनता के बीच भ्रम पैदा कर रहा है।
हालांकि, मतदाता सूची में कथित घुसपैठियों की मौजूदगी और विपक्ष की मंशा को लेकर लगाए गए आरोप भाजपा का राजनीतिक पक्ष हैं। कांग्रेस इन मुद्दों पर मतदाताओं के अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता का सवाल उठाती रही है।
शाह का यह संबोधन ऐसे समय हुआ है, जब उत्तराखंड में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के उद्देश्य से संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां कर रही है। दूसरी ओर कांग्रेस भी राज्य में सत्ता वापसी के लिए सरकार की नीतियों और कामकाज को मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है।
भाजपा ने अपने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के माध्यम से विपक्ष की राजनीति का जवाब देने की रणनीति बनाई है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कार्यक्रम से पहले दावा किया था कि देहरादून की जनसभा और पदयात्रा में 25 हजार से अधिक कार्यकर्ता और समर्थक शामिल होंगे। पार्टी ने विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां की थीं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी भी महत्वपूर्ण रही। प्रदेश सरकार उत्तराखंड के गठन के 26वें वर्ष से जुड़े आयोजनों के माध्यम से राज्य की विकास यात्रा और उपलब्धियों को सामने ला रही है। राज्योत्सव के अवसर पर विकास परियोजनाओं, सांस्कृतिक विरासत और राज्य निर्माण में योगदान देने वाले लोगों को भी याद किया जा रहा है।
उत्तराखंड का गठन 9 नवंबर 2000 को उत्तर प्रदेश से अलग होकर हुआ था। राज्य की स्थापना के बाद से सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा, रोजगार और पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन जैसे विषय लगातार महत्वपूर्ण रहे हैं। आगामी विधानसभा चुनाव में भी इन मुद्दों के प्रमुख रहने की संभावना है।
अमित शाह ने अपने संबोधन के जरिए भाजपा कार्यकर्ताओं को यह संदेश देने का प्रयास किया कि चुनाव जीतने के लिए सरकार के विकास कार्यों के साथ संगठन की सक्रियता भी जरूरी है। राजनीतिक विश्लेषण के लिहाज से 65 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य पार्टी की चुनावी महत्वाकांक्षा को दर्शाता है। उत्तराखंड विधानसभा में कुल 70 सीटें हैं। ऐसे में यह लक्ष्य लगभग पूरी विधानसभा में जीत हासिल करने की चुनौती के समान है।
केंद्रीय गृह मंत्री के देहरादून दौरे के दौरान उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति निशान प्रदान करने का कार्यक्रम भी निर्धारित था। राष्ट्रपति निशान पुलिस बल की विशिष्ट सेवाओं और उपलब्धियों के सम्मान से जुड़ा महत्वपूर्ण अलंकरण है।
फिलहाल अमित शाह की जनसभा ने उत्तराखंड की चुनावी राजनीति को नया मुद्दा दे दिया है। भाजपा जहां लगातार तीसरी बार सरकार बनाने और विकास की निरंतरता को प्रमुख आधार बना रही है, वहीं कांग्रेस सरकार के कामकाज और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठा रही है। आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।





