उत्तराखंड

AIIMS चोरी केस सुलझा, अंतरराज्यीय चोर गिरफ्तार

Kavita2
1 Aug 2026 1:30 PM IST
AIIMS चोरी केस सुलझा, अंतरराज्यीय चोर गिरफ्तार
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ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश में हुई लाखों रुपये की चोरी की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में पुलिस ने आंध्र प्रदेश के एक शातिर अंतरराज्यीय चोर को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने केवल ऋषिकेश ही नहीं, बल्कि गुजरात के राजकोट समेत अन्य स्थानों पर भी चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था।

पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से चोरी की वारदातों में सक्रिय था और अलग-अलग राज्यों में जाकर बड़े संस्थानों और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाता था। एम्स ऋषिकेश में हुई चोरी के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की थी।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से मिले सुराग, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आंध्र प्रदेश निवासी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। वह पहले स्थान की रेकी करता था और उसके बाद मौका देखकर चोरी करता था। पूछताछ में आरोपी ने एम्स ऋषिकेश में चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में चोरी की घटना सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे थे। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब मामले में आगे की जांच की जा रही है, ताकि चोरी की गई संपत्ति और आरोपी के अन्य आपराधिक मामलों की जानकारी जुटाई जा सके।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि वह किन-किन राज्यों में चोरी की वारदातों में शामिल रहा है और उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी इस गिरोह में शामिल है या नहीं।

राजकोट में भी चोरी की वारदातों को अंजाम देने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस से भी संपर्क कर रही है। इससे आरोपी के पूरे नेटवर्क और आपराधिक गतिविधियों का पता लगाने में मदद मिलेगी।

एम्स ऋषिकेश चोरी मामले में पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय अपराधियों के खिलाफ पुलिस लगातार अभियान चला रही है, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके द्वारा की गई अन्य चोरी की घटनाओं के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का भी खुलासा होने की संभावना है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े संस्थानों में चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी है। पुलिस ने भी संस्थानों को सुरक्षा उपायों की समीक्षा करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह दी है।

एम्स ऋषिकेश चोरी मामले में आरोपी की गिरफ्तारी से जहां पुलिस को राहत मिली है, वहीं इससे यह भी स्पष्ट हुआ है कि अंतरराज्यीय अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखना लगातार जरूरी है।

फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और चोरी की गई रकम व सामान की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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