
Uttarakhand उत्तखण्ड : केदारनाथ यात्रा रूट में पैदल मार्ग पर हुड़दंग और मारपीट करने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 5 घोड़ा-खच्चर ऑपरेटरों के खिलाफ शांति भंग की धाराओं में कार्रवाई की है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर की गई, जिसमें ऑपरेटरों में लाठी-डंडों से मारपीट करते दिखाई दे रहे थे।
पुलिस के अनुसार यह घटना 23 मई की है, जब यात्रा मार्ग पर कुछ संचालकों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि स्थिति मारपीट तक पहुंच गई। इस दौरान मौके पर मौजूद अन्य लोगों और तीर्थयात्रियों में भय का माहौल बन गया और पैदल आवागमन भी प्रभावित हुआ।
वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की। जांच में यह पाया गया कि 4 से 5 लोग सार्वजनिक स्थान पर आपस में भिड़ गए थे, जिससे न केवल कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हुए।
उत्तराखंड पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर कोर्ट के निर्देश प्रस्तुत किया जा रहा है। उनके खिलाफ शांति भंग करने और सार्वजनिक व्यवस्था बाधित करने के आरोप में कार्रवाई की गई है।
इसके साथ ही प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि संबंधित घोड़ा-खच्चर संचालकों के लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी गई है, जिसमें भविष्य में उन्हें केदारनाथ यात्रा मार्ग पर पशु संचालन की अनुमति न देने की सिफारिश की गई है।
प्रशासन का कहना है कि केदारनाथ मंदिर यात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकार की ठेकेदारी या हिंसा को बाध्य नहीं किया जाएगा, क्योंकि यह मार्ग लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा से जुड़ा है।
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने सभी घोड़ा-खच्चर संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग पर अनुशासन बनाए रखें और किसी भी प्रकार के विवाद से दूर रहें।
पुलिस ने यह भी कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा निगरानी बढ़ाई जाएगी, ताकि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और यात्रा की शांति बनी रहे।
कुल मिलाकर, इस घटना ने केदारनाथ यात्रा मार्ग पर व्यवस्था और अनुशासन को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिसके बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है।





