उत्तराखंड

65 की उम्र में भी आस्था का जुनून अहमदाबाद के 25 बुजुर्गों ने शुरू की बदरीनाथ पैदल यात्रा

nidhi
24 Aug 2026 6:59 AM IST
65 की उम्र में भी आस्था का जुनून अहमदाबाद के 25 बुजुर्गों ने शुरू की बदरीनाथ पैदल यात्रा
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25 बुजुर्गों ने उठाया बदरीनाथ यात्रा का संकल्प

कर्णप्रयाग (चमोली) : उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में आस्था और संकल्प की एक अनोखी तस्वीर सामने आई है। अहमदाबाद से आए 25 वरिष्ठ नागरिकों का दल ऋषिकेश से बदरीनाथ धाम की पैदल यात्रा पर निकल पड़ा है। खास बात यह है कि इस दल में शामिल सभी यात्री 65 वर्ष से अधिक उम्र के हैं। उम्र के इस पड़ाव में भी भगवान बदरीविशाल के दर्शन की इच्छा और मजबूत संकल्प ने सभी को पैदल यात्रा के लिए प्रेरित किया है।

यात्रा पर निकले वरिष्ठजनों
का कहना है कि तीर्थ यात्रा केवल धार्मिक आस्था नहीं बल्कि आत्मिक शांति और जीवन के अनुभवों को महसूस करने का माध्यम भी है। उन्होंने तय किया कि बदरीनाथ धाम तक पैदल पहुंचकर भगवान विष्णु के दर्शन करेंगे और इस यात्रा को जीवन की यादगार यात्रा बनाएंगे। दल के सदस्यों ने बताया कि यात्रा के दौरान वे पूरी सावधानी बरत रहे हैं। उम्र को देखते हुए स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। नियमित आराम, खानपान और जरूरी दवाओं के साथ सभी यात्री आगे बढ़ रहे हैं। यात्रा मार्ग में आने वाली कठिनाइयों के बावजूद उनके उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दे रही है।
बदरीनाथ धाम उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु भगवान बदरीनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। पहाड़ी रास्तों, मौसम की चुनौतियों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था उन्हें धाम तक पहुंचने का हौसला देती है। ऋषिकेश से बदरीनाथ की यात्रा मार्ग हिमालयी क्षेत्र से होकर गुजरता है। इस दौरान यात्रियों को कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों और कठिन रास्तों से गुजरना पड़ता है। इसके बावजूद अहमदाबाद के इन वरिष्ठ यात्रियों ने अपनी इच्छाशक्ति और भक्ति के बल पर यह कठिन यात्रा शुरू की है।
यात्रा दल के इस प्रयास को देखकर स्थानीय लोगों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। कई लोग वरिष्ठ नागरिकों के इस संकल्प की सराहना कर रहे हैं और इसे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बता रहे हैं। उनका कहना है कि उम्र केवल एक संख्या है, यदि मन में विश्वास और आस्था हो तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। चारधाम यात्रा के दौरान प्रशासन भी यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लगातार सतर्क रहता है। खासकर बुजुर्ग यात्रियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है। अहमदाबाद के इन 25 वरिष्ठजनों की बदरीनाथ यात्रा आस्था, साहस और सकारात्मक सोच का उदाहरण बन गई है। 65 वर्ष से अधिक उम्र में भी उनका यह धार्मिक संकल्प लोगों को यह संदेश दे रहा है कि मजबूत इच्छाशक्ति के सामने उम्र की सीमाएं भी छोटी पड़ जाती हैं।
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