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आजादी के सालों बाद भी सड़क का इंतजार पहाड़ में बुजुर्ग की हालत ने खोली पोल
चंपावत : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विधानसभा क्षेत्र चंपावत में सड़क सुविधा की कमी की दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। बकोड़ा गांव में सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि एक 80 वर्षीय बुजुर्ग को इलाज के लिए ग्रामीणों ने डंडे के सहारे बांधकर कई किलोमीटर तक पैदल पहुंचाया।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। बारिश के मौसम में कच्चे और दुर्गम रास्तों के कारण बीमार और बुजुर्ग लोगों को अस्पताल पहुंचाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
सड़क नहीं होने से बढ़ी परेशानी
बकोड़ा गांव के लोगों के लिए सड़क सुविधा आज भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। गांव तक वाहन नहीं पहुंच पाने के कारण आपात स्थिति में मरीजों को पैदल या डोली के सहारे ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद सड़क निर्माण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। बरसात के दौरान समस्या और गंभीर हो जाती है।
बुजुर्ग को ऐसे पहुंचाया अस्पताल
80 वर्षीय बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ने के बाद परिवार और ग्रामीणों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने का फैसला किया। लेकिन सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस या वाहन गांव तक नहीं पहुंच सका। मजबूरी में ग्रामीणों ने डंडे का सहारा लेकर बुजुर्ग को बांधा और कठिन रास्ते से अस्पताल तक पहुंचाया। यह तस्वीर सामने आने के बाद क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी उठे सवाल
पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क की कमी का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ता है। कई बार गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। उत्तराखंड के कई दुर्गम इलाकों में मानसून के दौरान सड़कें बंद होने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।
ग्रामीणों ने की सड़क निर्माण की मांग
स्थानीय लोगों ने सरकार से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के दावों के बावजूद कई गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से दूर हैं।
लोगों का कहना है कि सड़क बनने से न सिर्फ आवागमन आसान होगा, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी समस्याएं भी कम होंगी।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में दूरदराज के गांवों तक सड़क पहुंचाना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। हालांकि सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन कई इलाकों में जमीनी स्तर पर अभी भी सुधार की जरूरत है। बकोड़ा गांव की घटना ने एक बार फिर पहाड़ों में बेहतर सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत को उजागर कर दिया है।
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