उत्तराखंड

दिवाली से पहले कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, बढ़ेगी सैलरी

Kavita2
4 Nov 2026 9:59 AM IST
दिवाली से पहले कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, बढ़ेगी सैलरी
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देहरादून। दिवाली से पहले उत्तराखंड के कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ मिलने जा रहा है। वहीं, उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने भी अपने कर्मचारियों को त्योहार से पहले आर्थिक राहत देने का फैसला किया है। एनएचएम कर्मचारियों के वेतन में निर्धारित शर्तों के अनुसार अधिकतम पांच प्रतिशत तक वृद्धि होगी, जबकि यूपीसीएल के पात्र कर्मचारियों के लिए सात हजार रुपये की अनुग्रह राशि मंजूर की गई है। इन फैसलों से स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्य के मेडिकल कॉलेजों, सरकारी अस्पतालों, मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालयों और विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों में बड़ी संख्या में कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में इन कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में लंबे समय से वेतन वृद्धि की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों के लिए यह निर्णय राहत देने वाला माना जा रहा है।

एनएचएम प्रशासन की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक वेतन वृद्धि संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं। मिशन निदेशक डॉ. संदीप तिवारी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, पात्र कर्मचारियों को अधिकतम पांच प्रतिशत तक वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए राज्य के सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों और जिला स्वास्थ्य समितियों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

आदेश के अनुसार, वेतन वृद्धि का लाभ कर्मचारियों के सेवाकाल, कार्य मूल्यांकन और निर्धारित पात्रता शर्तों के आधार पर दिया जाएगा। इसके तहत राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर कार्यरत एनएचएम कर्मचारियों को शामिल किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में किए गए कार्यों के मूल्यांकन को भी वेतन वृद्धि की प्रक्रिया में महत्व दिया जाएगा।

एनएचएम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वेतन वृद्धि के लिए कर्मचारियों का निर्धारित सेवाकाल पूरा होना आवश्यक है। संबंधित पद पर एक वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी इसके पात्र हो सकते हैं। जिन कर्मचारियों को पहले वेतन वृद्धि मिल चुकी है, उनके मामले में पिछली वृद्धि की तिथि से एक वर्ष की अवधि पूरी होना जरूरी होगा।

वेतन वृद्धि की प्रक्रिया में वित्तीय अनुशासन का भी ध्यान रखा जाएगा। आदेश में कहा गया है कि कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि के लिए निर्धारित कुल राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 के स्वीकृत मानदेय बजट की औसतन पांच प्रतिशत सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसका अर्थ है कि सभी कर्मचारियों को बिना शर्त समान वृद्धि देने के बजाय पात्रता और बजट के अनुसार लाभ निर्धारित किया जाएगा।

एनएचएम के तहत संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों के अलावा कुछ आउटसोर्स कर्मचारियों को भी इस निर्णय का लाभ मिल सकता है। यूपीएनएल और अन्य आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से तैनात ऐसे कर्मचारी, जिनके अनुबंध का वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नवीनीकरण हो चुका है, निर्धारित शर्तों के अनुसार वेतन वृद्धि के पात्र होंगे।

हालांकि, सभी श्रेणियों के कर्मचारियों को इस आदेश में शामिल नहीं किया गया है। विशेष व्यवस्था के तहत तैनात कुछ विशेषज्ञ चिकित्सकों, 'पे माइनस पेंशन' व्यवस्था वाले कर्मचारियों और पीआरडी के माध्यम से नियुक्त कार्मिकों को इस वार्षिक वेतन वृद्धि के दायरे से बाहर रखा गया है। इसलिए कर्मचारियों को अपनी पात्रता संबंधित कार्यालय से सुनिश्चित करनी होगी।

मिशन निदेशक की ओर से जारी निर्देशों के बाद अब जिला स्तर पर कर्मचारियों के सेवाकाल और अन्य आवश्यक अभिलेखों का परीक्षण किया जाएगा। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालयों को पात्र कर्मचारियों के वेतन वृद्धि संबंधी मामलों का नियमानुसार निस्तारण करना होगा। इससे कर्मचारियों को स्वीकृत लाभ उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

दूसरी ओर, उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के कर्मचारियों को भी दिवाली से पहले खुशखबरी मिली है। यूपीसीएल प्रबंधन ने पात्र कर्मचारियों के लिए सात हजार रुपये की अनुग्रह राशि स्वीकृत की है। त्योहार के अवसर पर मिलने वाली इस राशि से कर्मचारियों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी।

ऊर्जा क्षेत्र के कर्मचारी बिजली आपूर्ति, वितरण व्यवस्था, तकनीकी रखरखाव और उपभोक्ता सेवाओं से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेष रूप से त्योहारों के दौरान बिजली की मांग और निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। ऐसे में अनुग्रह राशि की मंजूरी को कर्मचारियों के लिए सकारात्मक निर्णय माना जा रहा है।

यूपीसीएल के कर्मचारियों को अनुग्रह राशि का भुगतान संबंधित आदेश में निर्धारित पात्रता और प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। कर्मचारियों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि भुगतान की श्रेणियां, पात्रता और अन्य शर्तें निगम द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार लागू होंगी।

इस बीच उत्तराखंड सरकार ने भी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पात्र राज्य कर्मचारियों को उत्पादकता असंबद्ध तदर्थ बोनस देने की स्वीकृति प्रदान की है। इसके तहत पात्र कर्मचारियों को 30 दिन की परिलब्धियों के आधार पर अधिकतम सात हजार रुपये तक बोनस मिलेगा। इस संबंध में वित्त विभाग की ओर से अलग शासनादेश जारी किया गया है।

सरकारी बोनस के लिए समूह 'ग' और 'घ' के कर्मचारियों के साथ समूह 'ख' के निर्धारित वेतन स्तर तक के अराजपत्रित कर्मचारियों को पात्रता के दायरे में रखा गया है। हालांकि, यह सरकारी तदर्थ बोनस और यूपीसीएल द्वारा मंजूर अनुग्रह राशि अलग-अलग व्यवस्थाओं के अंतर्गत आते हैं।

दिवाली से पहले एक के बाद एक आर्थिक लाभ से जुड़े निर्णयों को कर्मचारियों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है। बढ़ती घरेलू जरूरतों और त्योहारों के खर्च के बीच अतिरिक्त राशि मिलने से कर्मचारियों को अपने परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिल सकती है।

एनएचएम कर्मचारियों के लिए वेतन वृद्धि का महत्व इसलिए भी अधिक है, क्योंकि बड़ी संख्या में कर्मचारी संविदा व्यवस्था के अंतर्गत सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों के लिए नियमित वार्षिक वृद्धि उनकी आय में सुधार का महत्वपूर्ण माध्यम होती है।

फिलहाल एनएचएम कर्मचारियों की वेतन वृद्धि और यूपीसीएल कर्मचारियों की अनुग्रह राशि को लेकर संबंधित विभागों की प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण होंगी। पात्रता की जांच और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद कर्मचारियों को लाभ दिया जाएगा। दिवाली से पहले लिए गए इन फैसलों से स्वास्थ्य और बिजली विभाग से जुड़े कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है।

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