
हरिद्वार। सावन महीने की कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार में इस बार भक्ति के साथ देशभक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला। उत्तर प्रदेश के बागपत से आए कांवड़ियों के एक समूह ने 251 फीट लंबी तिरंगा कांवड़ तैयार की, जो श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गई। विशाल तिरंगे से सजी इस कांवड़ को लेकर भक्त हरिद्वार के हर की पौड़ी पहुंचे और वहां से पवित्र गंगाजल लेकर अपनी यात्रा शुरू की।
लगभग एक दर्जन कांवड़ियों के इस समूह ने देशभक्ति की भावना के साथ अपनी कांवड़ यात्रा का शुभारंभ किया। विशाल तिरंगे वाली कांवड़ को देखने के लिए हरिद्वार में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे। कांवड़ियों ने बताया कि यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि देश के गौरव और भारत के वीर शहीदों के बलिदान को समर्पित है।
#WATCH हरिद्वार, उत्तराखंड: कांवड़ियों ने हरिद्वार से बागपत तक विशाल तिरंगा यात्रा निकाली। कांवड़ यात्रा के दौरान 251 फुट ऊंचा तिरंगा कांवड़ आकर्षण का केंद्र बना। (02.08) pic.twitter.com/lBzpXx6ewK
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 3, 2026
कांवड़ यात्रा के दौरान आमतौर पर श्रद्धालु भगवान शिव को जल अर्पित करने के लिए अलग-अलग तरह की कांवड़ लेकर निकलते हैं। इस बार बागपत के भक्तों की तिरंगा कांवड़ ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। कांवड़ में लगे विशाल तिरंगे ने पूरे मार्ग पर देशभक्ति का माहौल बना दिया।
कांवड़ियों ने हर की पौड़ी से गंगाजल लेने के बाद अपनी यात्रा शुरू की। वे निर्धारित मार्ग से होते हुए बागपत की ओर रवाना हुए। यात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों ने इस अनोखी कांवड़ का स्वागत किया और कांवड़ियों का उत्साह बढ़ाया।
VIDEO | Haridwar, Uttarakhand: Devotees throng the Daksheshwar Mahadev Temple in Kankhal to offer prayers on the first Monday of the holy month of Shravan.
— Press Trust of India (@PTI_News) August 3, 2026
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/JKsMGYaMdy
समूह के सदस्यों ने कहा कि उन्होंने तिरंगा कांवड़ के माध्यम से देश के प्रति सम्मान और युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करने का संदेश देने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि भारत का राष्ट्रीय ध्वज देश की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है, इसलिए उन्होंने इसे अपनी कांवड़ यात्रा का हिस्सा बनाया।
कांवड़ियों ने युवाओं से नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने की अपील भी की। उनका कहना था कि युवा देश का भविष्य हैं और उन्हें अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगानी चाहिए। उन्होंने लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
सावन महीने में हर साल देशभर से लाखों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा के लिए हरिद्वार पहुंचते हैं। इस दौरान अलग-अलग राज्यों से आने वाले कांवड़िए अपनी-अपनी परंपराओं और श्रद्धा के अनुसार कांवड़ सजाते हैं। कोई फूलों से, कोई धार्मिक प्रतीकों से तो कोई सामाजिक संदेशों के साथ कांवड़ तैयार करता है।
इस बार भी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान कई आकर्षक कांवड़ देखने को मिल रही हैं। रंग-बिरंगी धार्मिक झांकियां, विशाल कांवड़ और अनोखे डिजाइन श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। इन कांवड़ों के माध्यम से भक्त अपनी आस्था के साथ-साथ सामाजिक संदेश भी दे रहे हैं।
बागपत से आए कांवड़ियों ने बताया कि तिरंगा कांवड़ तैयार करने के पीछे उनका उद्देश्य देश के वीर जवानों और शहीदों को सम्मान देना है। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा करने वाले सैनिकों के त्याग और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। यह यात्रा उनके सम्मान में एक छोटा सा प्रयास है।
हरिद्वार में कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा और व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। यात्रा मार्गों पर पुलिस बल तैनात किया गया है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रशासन लगातार भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था पर नजर रख रहा है।
धार्मिक आस्था के साथ देशभक्ति का संदेश देने वाली यह तिरंगा कांवड़ लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इसकी सराहना की और इसे भक्ति तथा राष्ट्रप्रेम का सुंदर उदाहरण बताया।
कांवड़ यात्रा में शामिल भक्तों का कहना है कि भगवान शिव की भक्ति के साथ देश के प्रति सम्मान की भावना भी जरूरी है। उनका मानना है कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज को सकारात्मक संदेश दिया जा सकता है।
251 फीट लंबी तिरंगा कांवड़ के साथ शुरू हुई यह यात्रा अब केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं रह गई है, बल्कि यह देशभक्ति और सामाजिक जागरूकता का संदेश देने वाली यात्रा बन गई है। हरिद्वार से बागपत तक इस अनोखी कांवड़ ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और सावन की आस्था में राष्ट्रप्रेम का रंग भी जोड़ दिया।





