उत्तराखंड

खटीमा के कुटरी गांव में 70 थारू ग्रामीणों की सनातन धर्म में वापसी

Kavita2
16 July 2026 3:54 PM IST
खटीमा के कुटरी गांव में 70 थारू ग्रामीणों की सनातन धर्म में वापसी
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खटीमा : उत्तराखंड के खटीमा क्षेत्र के कुटरी गांव में गुरुवार को एक धार्मिक आयोजन के दौरान 70 लोगों ने दोबारा सनातन धर्म अपनाने की घोषणा की। ये सभी लोग थारू जनजाति समुदाय से जुड़े बताए जा रहे हैं, जिन्होंने पहले ईसाई धर्म स्वीकार किया था। हरेला पर्व के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में साधु-संतों की मौजूदगी में शुद्धिकरण हवन-यज्ञ कराया गया, जिसके बाद इन ग्रामीणों की स्वधर्म में वापसी कराई गई।

कार्यक्रम में ग्राम प्रधान समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। धार्मिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच आयोजित इस आयोजन को स्थानीय लोगों ने आस्था और परंपरा से जुड़ा कार्यक्रम बताया।

हरेला पर्व पर हुआ आयोजन

जानकारी के अनुसार, कुटरी गांव में हरेला पर्व के अवसर पर विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान साधु-संतों ने वैदिक मंत्रों के साथ हवन-यज्ञ संपन्न कराया।

आयोजन में शामिल ग्रामीणों ने बताया कि शुद्धिकरण प्रक्रिया धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूरी की गई। इसके बाद 70 थारू समुदाय के लोगों ने सनातन धर्म में लौटने की बात कही।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।

मतांतरण को लेकर पहले हुआ था विवाद

स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ समय पहले कुटरी गांव के कुछ थारू आदिवासी परिवारों के धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों को बहला-फुसलाकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

इस मामले को लेकर गांव में नाराजगी का माहौल बना था। ग्रामीणों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई थी।

हालांकि, पुलिस कार्रवाई और जांच से जुड़ी विस्तृत जानकारी अधिकारियों की ओर से ही स्पष्ट की जा सकती है।

पुलिस ने की थी कार्रवाई

ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कथित मतांतरण मामले में कार्रवाई की थी। अधिकारियों ने मामले की जांच करते हुए संबंधित लोगों से पूछताछ की थी और आरोपों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई थी।

स्थानीय प्रशासन की ओर से इस तरह के मामलों में कानून व्यवस्था बनाए रखने और सभी पक्षों की शिकायतों की जांच करने की बात कही जाती रही है।

थारू समुदाय का सामाजिक महत्व

थारू जनजाति उत्तराखंड के तराई क्षेत्र में रहने वाला प्रमुख आदिवासी समुदाय है। इस समुदाय की अपनी अलग सांस्कृतिक परंपराएं और सामाजिक पहचान है।

कुटरी गांव में हुए इस आयोजन को स्थानीय लोगों ने अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं से जोड़कर देखा। ग्रामीणों का कहना है कि समुदाय की परंपराओं और आस्था को बनाए रखना उनके लिए महत्वपूर्ण है।

प्रशासन की नजर में मामला

धर्म से जुड़े मामलों को लेकर प्रशासन आमतौर पर सतर्क रहता है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति न बने। कुटरी गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भी स्थानीय स्तर पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।

अधिकारियों की ओर से इस पूरे मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

ग्रामीणों में दिखा उत्साह

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिला। लोगों ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया और हवन-यज्ञ में शामिल हुए।

स्थानीय लोगों ने कहा कि यह आयोजन उनकी आस्था और सामाजिक जुड़ाव से जुड़ा हुआ है। वहीं, पूरे मामले को लेकर आगे की स्थिति प्रशासनिक जांच और आधिकारिक जानकारी के आधार पर स्पष्ट होगी।

कुटरी गांव में हुआ यह आयोजन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। धर्म परिवर्तन और घर वापसी जैसे मुद्दों को लेकर पहले भी कई राज्यों में बहस होती रही है। ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया और सामाजिक संवेदनशीलता दोनों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है।

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