
देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से प्रदेश की कमान संभालने के बाद की गई घोषणाओं में से 61 फीसदी पूरी हो चुकी हैं। वहीं, करीब 30 प्रतिशत घोषणाओं पर विभिन्न स्तरों पर काम तेजी से चल रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इन लंबित घोषणाओं को भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। मंगलवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति को लेकर यह तस्वीर सामने आई।
समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों से मुख्यमंत्री की घोषणाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई। इस दौरान यह सामने आया कि बड़ी संख्या में घोषणाएं धरातल पर उतर चुकी हैं, जबकि शेष योजनाओं पर विभागीय स्तर पर प्रक्रिया जारी है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन घोषणाओं पर काम चल रहा है, उन्हें प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए और अनावश्यक देरी से बचा जाए।
मुख्यमंत्री की घोषणाओं में सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, पर्यटन, ग्रामीण विकास और शहरी क्षेत्रों से जुड़ी कई योजनाएं शामिल हैं। इनमें से कई योजनाओं पर काम पूरा हो चुका है, जबकि कुछ घोषणाओं के लिए प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है। समीक्षा बैठक में विभागवार स्थिति पर चर्चा की गई और लंबित मामलों को जल्द आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों से कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाएं सीधे जनता की अपेक्षाओं से जुड़ी होती हैं। इसलिए इन्हें केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। जिन योजनाओं की स्वीकृति मिल चुकी है, उनमें निर्माण और क्रियान्वयन से जुड़ी प्रक्रिया को तेज किया जाए। जिन मामलों में जमीन, बजट या तकनीकी स्वीकृति जैसी दिक्कतें हैं, उन्हें संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर दूर किया जाए।
बैठक में यह भी सामने आया कि मुख्यमंत्री की कई घोषणाएं विभिन्न जिलों से जुड़ी हैं। स्थानीय स्तर पर इन घोषणाओं को पूरा करने के लिए जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिलों में चल रहे कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और उनकी प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर शासन को भेजी जाए।
सरकार की ओर से घोषणाओं को पूरा करने की प्रगति पर नजर रखने के लिए अलग-अलग स्तर पर समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को स्पष्ट किया गया कि जिन घोषणाओं का काम धीमा चल रहा है, उनके कारणों की पहचान कर समाधान निकाला जाए। समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के लिए विभागीय जिम्मेदारी भी तय करने पर जोर दिया गया।
समीक्षा बैठक में 61 फीसदी घोषणाओं के पूर्ण होने को सरकार की उपलब्धि के रूप में देखा गया। वहीं 30 प्रतिशत घोषणाओं पर काम जारी होने से यह संकेत मिला कि अधिकांश योजनाएं क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। सरकार की कोशिश है कि शेष योजनाओं को भी जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि लोगों को उनका लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों के दौरों और कार्यक्रमों के दौरान कई विकास कार्यों की घोषणाएं की थीं। इन घोषणाओं में स्थानीय जरूरतों के आधार पर सड़क निर्माण, पुल, विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र, पेयजल व्यवस्था, खेल सुविधाएं और अन्य बुनियादी विकास कार्य शामिल रहे हैं। शासन स्तर पर इन घोषणाओं को विभागों को भेजकर कार्रवाई शुरू की गई थी।
अब समीक्षा में यह सामने आया है कि अधिकांश घोषणाएं या तो पूरी हो चुकी हैं या उन पर काम चल रहा है। जिन घोषणाओं पर अभी काम शुरू नहीं हो पाया है, उनमें आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही अधिकारियों को यह भी कहा गया कि जिन योजनाओं में किसी कारण से व्यवहारिक कठिनाइयां आ रही हैं, उनकी जानकारी स्पष्ट रूप से शासन को दी जाए।
मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि घोषणाओं की प्रगति को केवल प्रतिशत के आधार पर नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर उसकी वास्तविक स्थिति के आधार पर देखा जाए। काम की गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों पर ध्यान देने को कहा गया। अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने के साथ यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार हों।
बैठक में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत पर भी जोर दिया गया। कई योजनाओं में एक से अधिक विभागों की भूमिका होती है। ऐसे मामलों में फाइलों के स्तर पर देरी न हो और संबंधित विभाग समय पर जरूरी कार्रवाई करें, इसके लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री की घोषणाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि जिन कार्यों को पूरा कर लिया गया है, उनकी वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाए। वहीं जिन योजनाओं पर काम जारी है, उनकी समयसीमा तय कर निगरानी की जाए। इससे लंबित घोषणाओं को जल्द पूरा करने में मदद मिलेगी।
सरकार का फोकस अब उन 30 प्रतिशत घोषणाओं पर है, जिनका काम अलग-अलग चरणों में चल रहा है। प्रशासनिक स्तर पर इन योजनाओं की गति बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा शेष घोषणाओं को भी विभागीय प्रक्रिया में आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक के बाद यह साफ हुआ कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणाओं को पूरा करने के लिए शासन ने विभागों पर निगरानी बढ़ा दी है। सरकार का लक्ष्य है कि लंबित घोषणाओं को जल्द धरातल पर उतारा जाए और विकास कार्यों का लाभ संबंधित क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचे।





