उत्तराखंड

पौड़ी और उत्तरकाशी में विकास और धार्मिक स्थलों के लिए 24 करोड़ मंजूर : CM Dhami

Kavita2
6 Jun 2026 5:29 PM IST
पौड़ी और उत्तरकाशी में विकास और धार्मिक स्थलों के लिए 24 करोड़ मंजूर : CM Dhami
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Uttarakhand उत्तराखंड : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में विकास योजनाओं, धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों के लिए कुल लगभग 24 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस वित्तीय स्वीकृति से चंपावत, पौड़ी और उत्तरकाशी जिलों में पर्यटन, धार्मिक आस्था और सार्वजनिक सुविधाओं के विकास को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने चंपावत जिले के विधानसभा क्षेत्र चंपावत में पूर्णागिरि मेले के आयोजन के लिए सेलागांव में बहुउद्देशीय प्रशासनिक भवन निर्माण के लिए 8.54 करोड़ रुपये की परियोजना के सापेक्ष चार करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की। यह भवन मेले के दौरान प्रशासनिक गतिविधियों और पर्यटकों के प्रबंधन में सहायक होगा।

धार्मिक स्थलों के विकास के लिए मुख्यमंत्री ने मानस मंदिर माला मिशन के अंतर्गत श्रीहनुमानगढ़ी मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्य के लिए 4.91 करोड़ रुपये की मंजूरी दी। इस परियोजना से मंदिर परिसर का आकर्षण बढ़ेगा और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पौड़ी जिले में स्थित पर्यटक आवास गृह खिर्सू के नवीनीकरण और उच्चीकरण के लिए 4.01 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इस परियोजना से खिर्सू क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार होगा और पर्यटकों को बेहतर आवासीय अनुभव मिलेगा।

उत्तरकाशी जिले के पुरोला विधानसभा क्षेत्र में भी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के स्थलों के विकास के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह कदम स्थानीय संस्कृति और धार्मिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास में मदद करेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पर्यटन और धार्मिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करना है, ताकि राज्य में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं से न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का विकास होगा, बल्कि स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी लाभ मिलेगा।

इस अवसर पर अधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने परियोजनाओं के महत्व को रेखांकित किया और मुख्यमंत्री की पहल की सराहना की। राज्य सरकार का यह कदम पर्यटन, धार्मिक आस्था और सार्वजनिक सुविधाओं के क्षेत्र में स्थायी विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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