
रामनगर। उत्तराखंड के प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में सफारी के बाद लौट रहे पर्यटकों के साथ मंगलवार देर शाम बड़ा हादसा टल गया। जंगल क्षेत्र में खारा गेट के आसपास अचानक तेज बहाव वाले बरसाती नाले में पर्यटकों से भरी जिप्सियां फंस गईं। करीब तीन घंटे तक पर्यटक जंगल के बीच फंसे रहे। बाद में पानी का बहाव कम होने पर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जानकारी के अनुसार, सफारी के लिए जंगल गए पर्यटक जब वापस लौट रहे थे, तभी खारा गेट के आसपास रास्ते में बह रहे बरसाती नाले का पानी अचानक बढ़ गया। पानी का बहाव तेज होने के कारण जिप्सियां आगे नहीं बढ़ सकीं और पर्यटक जंगल के अंदर ही फंस गए।
जिप्सियों में कुल 20 पर्यटक सवार थे, जिनमें तीन विदेशी पर्यटक भी शामिल थे। अचानक आई इस स्थिति से पर्यटकों में चिंता बढ़ गई। हालांकि, सफारी वाहन चालकों और पार्क कर्मचारियों ने स्थिति को संभालते हुए सभी पर्यटकों को सुरक्षित रखने का प्रयास किया।
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय हो गए। पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेस्क्यू की तैयारी शुरू की गई। जंगल क्षेत्र में रात के समय अभियान चलाना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीम ने लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखी।
करीब रात नौ बजे बरसाती नाले में पानी का बहाव कम हुआ, जिसके बाद रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। जिप्सियों को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया और सभी पर्यटकों को सुरक्षित जंगल क्षेत्र से बाहर लाया गया।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी पर्यटक सुरक्षित हैं और किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। बारिश के मौसम में जंगल के अंदर बहने वाले बरसाती नालों में अचानक पानी बढ़ने की संभावना रहती है, इसलिए पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जाती है।
घटना के बाद पार्क प्रशासन ने पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। बरसात के दौरान जंगल सफारी के रास्तों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।
पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बुधवार सुबह की पाली में ढेला और झिरना टूरिज्म जोन में जंगल सफारी बंद रखी गई। पार्क प्रशासन ने मौसम और रास्तों की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया।
वन अधिकारियों के अनुसार, बारिश के दौरान जंगल क्षेत्र में कई जगहों पर छोटे-बड़े नाले सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे में सफारी वाहनों को निर्धारित मार्गों पर सावधानीपूर्वक चलने के निर्देश दिए जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून के दौरान कॉर्बेट पार्क क्षेत्र में अचानक मौसम बदल जाता है। पहाड़ी और वन क्षेत्रों में बारिश के कारण नालों में जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए पर्यटकों और वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ती है।
इस घटना ने एक बार फिर मानसून के दौरान वन क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों की अहमियत को सामने ला दिया है। पार्क प्रशासन अब सफारी मार्गों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है।
अधिकारियों ने पर्यटकों से भी अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए सफारी के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें और वन विभाग के निर्देशों का पालन करें।
फिलहाल सभी पर्यटक सुरक्षित हैं और घटना के बाद पार्क प्रशासन ने राहत की सांस ली है। हालांकि, मानसून के दौरान ऐसी घटनाओं को देखते हुए सफारी संचालन को लेकर और सतर्कता बरती जा रही है।





