उत्तराखंड

ऑपरेशन में लापरवाही को लेकर मैक्स अस्पताल पर लगा 12 लाख का हर्जाना

Admin Delhi 1
21 Sep 2022 3:08 PM GMT
ऑपरेशन में लापरवाही को लेकर मैक्स अस्पताल पर लगा 12 लाख का हर्जाना
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नैनीताल न्यूज़: जिला उपभोक्ता आयोग, नैनीताल के अध्यक्ष रमेश कुमार जायसवाल, सदस्य विजय लक्ष्मी थापा व लक्ष्मण सिंह रावत ने बुधवार को तीन मामलों में सुनवाई करते हुए मैक्स अस्पताल नई दिल्ली, स्टार हेल्थ एंड एलाईड इंश्योरेंस कंपनी और एसबीआई हल्द्वानी के खिलाफ निर्णय सुनाया। पहले वाद में मैक्स अस्पताल, शालीमार बाग नई दिल्ली द्वारा परिवादिनी के पति के सिर में ट्यूमर का ऑपरेशन करने के दौरान ट्यूमर का एक हिस्सा छोड़ने पर 12 लाख रुपये हर्जाना लगाया गया। चिकित्सीय लापरवाही और अनुचित व्यापारिक व्यवहार मानते हुए आयोग ने अस्पताल प्रबंधन व चिकित्सक पर संयुक्त अथवा पृथक रूप में पीड़ित को 10 लाख रुपये का मुआवजा अदा करने का आदेश पारित किया। आयोग ने सुनवाई में कहा कि अस्पताल द्वारा दिल्ली में मरीज के सिर के ट्यूमर का ऑपरेशन लापरवाही से किया गया, जिसके बाद हल्द्वानी आकर उसकी तबीयत बिगड़ने से उसे बरेली में एमआरआई व उपचार कराना पड़ा इसलिए मैक्स अस्पताल द्वारा ऑपरेशन के लिए 3 लाख रुपये में से आधी रकम परिवादिनी को देने के साथ ही मानसिक वेदना तथा वाद व्यय के लिए 50 हजार अलग से हर्जाना देना पड़ेगा। यह राशि 45 दिन के भीतर अदा करने के आदेश दिए।

दूसरे वाद में मेडीक्लेम पॉलिसी के नवीनीकरण में 14 दिन का विलंब होने और बाद में पॉलिसी को प्रपोजल फार्म में परिवादी के बीमारी के पहले से होने के आधार पर निरस्त किये गये बीमा क्लेम को अपात्र करार देने पर निर्णय सुनाया, जिसमें विपक्षी स्टार हेल्थ एंड एलाईड इंश्योरेंस कंपनी को परिवादी द्वारा ली गई प्रारंभिक बीमा पॉलिसी की बीमित राशि 5 लाख रुपये का भुगतान मय मानसिक वेदना की क्षतिपूर्ति व वाद व्यय रुपये 25 हजार आदेश के 45 दिनों के अंदर देने का आदेश सुनाया गया। एक अन्य वाद में सर्वर डाउन होने पर एसबीआई हल्द्वानी पर जुर्माना लगाया गया। वाद के अनुसार, एटीएम में कार्ड स्वैप करने पर ग्राहक के चले जाने के बाद मशीन द्वारा 20 हजार रुपये की रकम निकलने पर उसे अन्य व्यक्तियों द्वारा उठा लिया गया। आयोग ने इसे बैंक की लापरवाही व सेवा में कमी माना। बैंक द्वारा पीड़ित को 20 हजार रुपये की रकम मय ब्याज 8 प्रतिशत वार्षिक की दर से एटीएम से परिवादिनी के खाते से निकालने के बाद से उसको भुगतान करने की तिथि तक जोड़कर वापस अदा करने का आदेश सुनाया गया।

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