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उत्तर प्रदेश
यातायात के 'रक्षक' बनेंगे युवा, परिवहन विभाग ने स्काउट्स और एनसीसी कैडेट्स को सिखाए सड़क सुरक्षा के गुर
SHIDDHANT
27 Jan 2026 10:20 PM IST

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Lucknow लखनऊ। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और जनहानि को न्यूनतम करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा माह चलाया जा रहा है। 1 जनवरी से 31 जनवरी तक चलने वाले इस सड़क सुरक्षा माह के दौरान जिला और संभाग स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और साथ ही कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।
परिवहन विभाग की इन कार्यशालाओं में यातायात नियमों के संबंध में प्रशिक्षण और जानकारी दी जा रही है। साथ ही कार्यशालाओं में 'कैशलेस उपचार सुविधा' और 'राहवीर योजना' के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जा रही है। वहीं, दूसरी ओर विभाग की ओर से प्रदेशवासियों में ट्रैफिक नियम पालन की आदत डालने के उद्देश्य से चालान की कार्रवाई की जा रही है।
परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने बताया कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान जनपद और संभाग स्तर की कार्यशालाओं में ट्रैफिक नियमों के बारे में लोगों को जागरूकता प्रदान की जा रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों और संभागों में चलाई जा रही प्रशिक्षण कार्यशालाओं में आपदा मित्र, सिविल डिफेंस, एनसीसी कैडेट्स, स्वयंसेवी संस्था सीआइए, डीलर्स एसोसिएशन और स्काउट्स एंड गाइड्स के साथ-साथ ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी शामिल हो रहे हैं।
कार्यशालाओं में दुपहिया वाहन चालकों और पीछे बैठी सवारियों दोनों के लिए बीआईएस मानक वाले हेलमेट लगाने की अनिवार्यता के बारे में जोर दिया जा रहा है। साथ ही कार चालकों और साथ बैठे यात्रियों को भी सुरक्षा के लिए सीट बेल्ट लगाने की अनिवार्यता के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही एक्सीडेंट से बचने के लिए वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करने और नशे की स्थिति में ड्राइविंग न करने की सलाह दी जा रही है। कार्यशालाओं में विशेष रूप से युवाओं को ड्राइविंग के दौरान स्टंट न करने, रैश ड्राइविंग और ओवरस्पीडिंग से बचने और सुरक्षित व धैर्यपूर्वक वाहन चलाने को प्रेरित किया जा रहा है।
परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने बताया कि परिवहन विभाग की कार्यशाला में शामिल सहभागियों को सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के लिए 'कैशलेस उपचार सुविधा' और 'राहवीर योजना' के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जा रही है, ताकि समय पर मदद पहुंचाकर दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की जान बचाई जा सके। वहीं, युवाओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के साथ यातायात के 'रक्षक' बनने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
परिवहन विभाग प्रदेशवासियों में ट्रैफिक नियमों का पालन करने की आदत डालने के उद्देश्य से सख्त प्रवर्तन कार्रवाई कर रहा है। इसके तहत सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के लिए 1 जनवरी से लेकर 21 जनवरी तक हेलमेट न पहनने पर 49,500, सीट बेल्ट का प्रयोग न करने पर 11,740, ओवर-स्पीडिंग पर 15,180 वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने पर 4,164, नशे की अवस्था में वाहन चलाने पर 304 तथा गलत दिशा में वाहन चलाने पर 5,546 चालान किए गए हैं।
साथ ही पूरे सड़क सुरक्षा माह के दौरान प्रदेश स्तर पर नो हेलमेट नो फ्यूल अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही गलत पार्किंग और अनफिट वाहनों के विरुद्ध भी निरंतर कार्रवाई जारी है। इसके तहत अब तक 89,992 से अधिक चालान काटे जा चुके हैं, जो लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक कर रहा है।
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