उत्तर प्रदेश

युवाओं को राष्ट्रीय मंच पर मिलेगा बड़ा मौका विकसित भारत क्विज की प्रक्रिया शुरू

Kavita2
11 Sept 2026 12:53 PM IST
युवाओं को राष्ट्रीय मंच पर मिलेगा बड़ा मौका विकसित भारत क्विज की प्रक्रिया शुरू
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गाजियाबाद : देश के विकास को लेकर अपने विचार, नवाचार और सोच राष्ट्रीय मंच पर रखने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर सामने आया है। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत माय भारत की ओर से विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2027 की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कार्यक्रम का पहला चरण ‘विकसित भारत क्विज’ है जिसमें पात्र युवा 30 सितंबर 2026 तक भाग ले सकते हैं।

इस पहल में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवा हिस्सा ले सकेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर के प्रतिभाशाली और जागरूक युवाओं को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना है जहां वे विकसित भारत के निर्माण से जुड़े अपने विचार प्रस्तुत कर सकें। इसमें सामाजिक बदलाव, तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, रोजगार, उद्यमिता और ग्रामीण विकास जैसे विषयों पर नई सोच रखने वाले युवाओं को अवसर मिलने की उम्मीद है।

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2027 की चयन प्रक्रिया का पहला पड़ाव ऑनलाइन क्विज है। इसमें भाग लेने वाले युवाओं की सामान्य जागरूकता, देश से जुड़े विषयों की समझ और विकसित भारत की अवधारणा के प्रति जानकारी का परीक्षण किया जाएगा। क्विज में सफल होने वाले प्रतिभागियों को कार्यक्रम के अगले चरणों में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।

इच्छुक युवाओं के लिए आवेदन और क्विज में हिस्सा लेने की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। पात्र अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आखिरी दिन का इंतजार किए बिना समय रहते अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। अंतिम तारीख के आसपास बड़ी संख्या में युवाओं द्वारा पोर्टल इस्तेमाल किए जाने के कारण तकनीकी समस्या की आशंका हो सकती है।

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग युवाओं को केवल अपने विचार प्रस्तुत करने का मौका नहीं देता बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदार नागरिकता की भावना को बढ़ावा देने का भी प्रयास करता है। इसके माध्यम से अलग-अलग सामाजिक, आर्थिक और भौगोलिक पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं को एक साझा राष्ट्रीय मंच से जोड़ने की योजना है।

कार्यक्रम में भाग लेने वाले युवाओं को देश के सामने मौजूद चुनौतियों पर गंभीरता से सोचने और उनके व्यावहारिक समाधान सुझाने का अवसर मिलेगा। केंद्र सरकार चाहती है कि विकास की नीतियों और योजनाओं में युवाओं की आकांक्षाओं तथा सुझावों को पर्याप्त स्थान मिले। इसी उद्देश्य से संवाद और नवाचार पर आधारित यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

देश की आबादी में युवाओं की बड़ी भागीदारी है। शिक्षा, स्टार्टअप, डिजिटल तकनीक, कृषि, खेल, विज्ञान और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में युवा लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में इस युवा शक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कार्यक्रम के माध्यम से ऐसी प्रतिभाओं की पहचान करने का प्रयास होगा जो भविष्य में नेतृत्व की जिम्मेदारी निभा सकती हैं।

माय भारत के माध्यम से आयोजित यह पहल युवाओं को डिजिटल रूप से जोड़ने पर केंद्रित है। इससे छोटे शहरों, ग्रामीण क्षेत्रों, शिक्षण संस्थानों और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले युवाओं को भी भाग लेने का अवसर मिल सकता है। इंटरनेट और डिजिटल माध्यम की सहायता से वे अपने स्थान से ही चयन प्रक्रिया के शुरुआती चरण में शामिल हो सकते हैं।

15 से 29 वर्ष की आयु सीमा में आने वाले विद्यार्थी, युवा पेशेवर, उद्यमी, शोधार्थी, स्वयंसेवक और सामाजिक कार्यों से जुड़े युवा इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। किसी भी प्रतिभागी को आवेदन करने से पहले अपनी उम्र और अन्य पात्रता संबंधी जानकारी सावधानीपूर्वक देखनी चाहिए। गलत व्यक्तिगत विवरण दर्ज करने से चयन प्रक्रिया में समस्या हो सकती है।

विकसित भारत क्विज की तैयारी के लिए प्रतिभागियों को भारत के विकास, शासन व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, संस्कृति, सामाजिक योजनाओं और वर्तमान उपलब्धियों से संबंधित विषयों का अध्ययन करना उपयोगी हो सकता है। देश के दीर्घकालीन विकास लक्ष्यों तथा युवाओं से जुड़ी सरकारी पहलों की जानकारी भी क्विज में सहायक साबित हो सकती है।

प्रतिभागियों को केवल तथ्यों को याद रखने के बजाय विभिन्न राष्ट्रीय विषयों की व्यापक समझ विकसित करनी चाहिए। विकसित भारत का लक्ष्य आर्थिक वृद्धि तक सीमित नहीं है। इसमें समावेशी विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, आधुनिक बुनियादी ढांचा, पर्यावरण संरक्षण और समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जैसे विषय भी शामिल हैं।

क्विज में शामिल होने से पहले युवाओं को माय भारत के आधिकारिक मंच पर उपलब्ध दिशा-निर्देश पढ़ने चाहिए। पंजीकरण करते समय नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और अन्य आवश्यक जानकारियां सही दर्ज करनी होंगी। आवेदन पूरा होने के बाद पुष्टि से संबंधित जानकारी या प्रमाण को सुरक्षित रखना भी उचित होगा।

युवाओं को फर्जी वेबसाइट और अनधिकृत लिंक से सतर्क रहने की जरूरत है। क्विज या पंजीकरण के नाम पर किसी संदिग्ध व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड अथवा दूसरी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। कार्यक्रम से संबंधित सभी सूचनाएं युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय या माय भारत के आधिकारिक माध्यमों से ही प्राप्त करनी चाहिए।

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में भागीदारी युवाओं के लिए अपने ज्ञान और नेतृत्व कौशल को परखने का अवसर भी हो सकती है। विभिन्न चरणों से गुजरते हुए प्रतिभागियों को अपने विचार स्पष्ट और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की क्षमता विकसित करने का मौका मिलेगा। इससे उनके आत्मविश्वास, संवाद क्षमता और समस्या समाधान कौशल में सुधार हो सकता है।

राष्ट्रीय स्तर पर होने वाला ऐसा संवाद अलग-अलग क्षेत्रों के युवाओं को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का अवसर प्रदान करता है। किसी ग्रामीण क्षेत्र का युवा स्थानीय कृषि समस्या का अभिनव समाधान प्रस्तुत कर सकता है तो शहर का प्रतिभागी यातायात, प्रदूषण या कचरा प्रबंधन पर तकनीकी विचार दे सकता है। विभिन्न अनुभवों से निकले सुझाव देश की विकास प्रक्रिया को नई दिशा दे सकते हैं।

कार्यक्रम युवाओं को यह समझने का अवसर भी देता है कि नीति निर्माण में केवल समस्या बताना पर्याप्त नहीं है। किसी सुझाव को उपयोगी बनाने के लिए उसकी व्यवहारिकता, लागत, संभावित लाभ और क्रियान्वयन की योजना स्पष्ट होना जरूरी है। ऐसे मंच युवाओं में प्रमाण और तथ्यों के आधार पर विचार प्रस्तुत करने की आदत विकसित करते हैं।

शिक्षण संस्थान, युवा संगठन और स्वयंसेवी समूह भी पात्र युवाओं को इस प्रतियोगिता की जानकारी देकर उनकी भागीदारी बढ़ा सकते हैं। स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में क्विज से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होने पर अधिक युवा इससे जुड़ सकेंगे। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक सूचना पहुंचाना महत्वपूर्ण होगा।

फिलहाल विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2027 के पहले चरण के रूप में क्विज शुरू हो चुका है। इसमें भाग लेने की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 है। 15 से 29 वर्ष के युवाओं के लिए यह अपने ज्ञान को परखने और देश के भविष्य से जुड़े विचार राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की दिशा में पहला कदम हो सकता है।

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