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वृंदावन दर्शन करने गया मध्य प्रदेश का युवक लापता, दो महीने से नहीं मिला सुराग

मथुरा/सागर। उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल वृंदावन से एक युवक के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। मध्य प्रदेश के सागर जिले का रहने वाला 27 वर्षीय साकेत नामदेव ठाकुर बांके बिहारी के दर्शन और परिक्रमा करने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन करीब दो महीने बीत जाने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका है। बेटे के अचानक लापता होने से परिवार परेशान है। परिजन लगातार मध्य प्रदेश से वृंदावन पहुंचकर उसकी तलाश कर रहे हैं। मामले में मध्य प्रदेश के नरयावली थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई है। परिवार ने पुलिस और प्रशासन से युवक को जल्द से जल्द खोजने की गुहार लगाई है।
31 अगस्त को घर से निकला था साकेत
जानकारी के अनुसार, साकेत नामदेव मध्य प्रदेश के सागर जिले के नरयावली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव का निवासी है। उसके पिता रामगोपाल नामदेव ने बताया कि उनका 27 वर्षीय बेटा 31 अगस्त को घर से मथुरा-वृंदावन जाने की बात कहकर निकला था। साकेत भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करने और वृंदावन की परिक्रमा करने के लिए काफी उत्साहित था।
घर से निकलने के दौरान वह अपने छोटे भाई अनुराग के साथ खुरई रेलवे स्टेशन पहुंचा था। वहां भाई को छोड़ने के बाद साकेत गोंडवाना एक्सप्रेस में सवार होकर रवाना हो गया। शुरुआत में परिवार को उसकी यात्रा को लेकर कोई चिंता नहीं थी। परिजनों को उम्मीद थी कि वह दर्शन करने के बाद कुछ दिनों में वापस घर लौट आएगा।
12 सितंबर तक होती रही फोन पर बातचीत
साकेत के घर से निकलने के बाद शुरुआती दिनों में परिवार का उससे संपर्क बना रहा। परिजनों के मुताबिक, 12 सितंबर तक उसकी फोन पर बातचीत होती रही। इस दौरान उसने वृंदावन में होने और धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी दी थी।
आखिरी बातचीत में साकेत ने बताया था कि वह वृंदावन स्थित राधा केलि कुंज में परिक्रमा कर रहा है। इसके बाद अचानक उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। परिवार के लोगों ने कई बार फोन लगाने का प्रयास किया, लेकिन हर बार मोबाइल बंद मिला। इसके बाद से साकेत से परिवार का संपर्क पूरी तरह टूट गया।
दो महीने बाद भी नहीं मिला कोई सुराग
कई दिनों तक बेटे से संपर्क नहीं होने पर रामगोपाल नामदेव और परिवार के अन्य सदस्यों की चिंता बढ़ गई। उन्होंने अपने स्तर पर रिश्तेदारों, परिचितों और अन्य संभावित स्थानों पर उसकी जानकारी जुटाने का प्रयास किया। जब कहीं से कोई सूचना नहीं मिली तो परिजन खुद वृंदावन पहुंचे और उसकी तलाश शुरू कर दी।
परिवार के लोग वृंदावन में कई स्थानों पर साकेत को खोज चुके हैं। मंदिरों, आश्रमों और आसपास के इलाकों में उसकी जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया। इसके बावजूद कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया। परिवार के अनुसार, वे दो बार मथुरा-वृंदावन पहुंचकर तलाश कर चुके हैं।
प्रेमानंद महाराज के आश्रम में भी की तलाश
साकेत के परिजनों ने वृंदावन स्थित संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में भी जाकर जानकारी ली। परिवार को बताया गया था कि साकेत वहां दर्शन के लिए आता था। इसके बाद परिजनों ने आश्रम और आसपास के स्थानों पर उसकी मौजूदगी के संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास किया।
बताया जा रहा है कि साकेत पिछले कुछ समय से संत प्रेमानंद महाराज के प्रवचनों से प्रभावित था और उनके दर्शन तथा सत्संग में शामिल होने की इच्छा रखता था। इसी धार्मिक आस्था के चलते वह वृंदावन पहुंचा था। हालांकि, वह आखिरी बार कहां देखा गया और उसके लापता होने की परिस्थितियां क्या थीं, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
नरयावली थाने में दर्ज है गुमशुदगी
साकेत के लापता होने के बाद मध्य प्रदेश के नरयावली थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई है। परिवार लगातार संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर रहा है। पिता रामगोपाल नामदेव ने अपने बेटे को खोजने के लिए पुलिस और प्रशासन से गंभीरता से प्रयास करने की अपील की है।
परिजन चाहते हैं कि साकेत की तलाश के लिए मथुरा-वृंदावन के प्रमुख धार्मिक स्थलों, आश्रमों, रेलवे स्टेशनों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जांच की जाए। इसके साथ ही यदि आवश्यक हो तो संबंधित क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की मदद भी ली जाए।
इस मामले में परिजनों ने पहले पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष जताया था। हालांकि, हालिया जानकारी के अनुसार मथुरा-वृंदावन पुलिस भी उसकी तलाश में सहयोग कर रही है। अब परिवार को उम्मीद है कि पुलिस की जांच से जल्द कोई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आएगी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
रामगोपाल नामदेव के लिए बेटे का इस तरह लापता होना बेहद पीड़ादायक है। साकेत परिवार में तीन भाइयों में मझला है। उसकी मां का पहले ही निधन हो चुका है। ऐसे में बेटे के अचानक गायब होने से पिता और परिवार के अन्य सदस्यों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
परिजनों को अब भी उम्मीद है कि साकेत सुरक्षित होगा और जल्द घर वापस लौट आएगा। परिवार के सदस्य उसकी तस्वीर और पहचान से जुड़ी जानकारी के माध्यम से लोगों से भी मदद की अपील कर रहे हैं।
पुलिस से जल्द तलाश कराने की गुहार
धार्मिक नगरी वृंदावन में प्रतिदिन देश के अलग-अलग हिस्सों से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिरों, आश्रमों और परिक्रमा मार्गों पर बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में किसी व्यक्ति के लापता होने के मामले में आसपास के क्षेत्रों की जानकारी और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
साकेत के परिवार को उम्मीद है कि संबंधित पुलिस अधिकारी मामले को प्राथमिकता से लेते हुए उसकी तलाश तेज करेंगे। युवक के मोबाइल फोन की आखिरी सक्रिय लोकेशन, यात्रा के दौरान संपर्क में आए लोगों और उसके आखिरी ठिकाने से जुड़े तथ्यों की जांच से भी मदद मिल सकती है।
फिलहाल करीब दो महीने से साकेत नामदेव का कोई पता नहीं चल पाया है। एक तरफ परिवार वृंदावन की गलियों और आश्रमों में उसकी तलाश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस जांच जारी है। परिजनों की सबसे बड़ी इच्छा है कि उनका बेटा सकुशल वापस घर लौट आए।





