उत्तर प्रदेश

युवती की आत्महत्या से मचा हड़कंप, अधिकारी पर गंभीर आरोप

Ratna Netam
1 Aug 2026 2:47 PM IST
युवती की आत्महत्या से मचा हड़कंप, अधिकारी पर गंभीर आरोप
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उत्तर प्रदेश : महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े दो अलग-अलग मामलों ने कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहला मामला जौनपुर जिले का है, जहां एक नायब तहसीलदार के खिलाफ युवती से दुष्कर्म, मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़िता की मां का आरोप है कि आरोपी अधिकारी की प्रताड़ना से परेशान होकर उसकी बेटी ने आत्महत्या कर ली। वहीं दूसरा मामला राजधानी लखनऊ का है, जहां एक व्यक्ति पर प्रेम प्रसंग में बाधा बनने पर अपनी पत्नी की हत्या कर शव नदी में फेंकने का आरोप लगा है। दोनों मामलों की पुलिस जांच जारी है।

जौनपुर जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र में दर्ज मामले के अनुसार, केराकत में तैनात नायब तहसीलदार विवेक श्रीवास्तव के खिलाफ पीड़िता की मां ने शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि विवेक श्रीवास्तव की पहचान उनके परिवार से उस समय हुई थी, जब वह राजस्व विभाग में कर्मचारी के रूप में मछलीशहर में तैनात थे। घर पर लगातार आने-जाने के दौरान उनकी जान-पहचान महिला की बेटी से हो गई। आरोप है कि इसी दौरान विवेक ने युवती को शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और लंबे समय तक उसका मानसिक एवं शारीरिक शोषण किया।

शिकायत में कहा गया है कि आरोपी और युवती कुछ समय तक साथ भी रहे, लेकिन बाद में कथित प्रताड़ना बढ़ती चली गई। पीड़िता की मां का आरोप है कि लगातार हो रहे उत्पीड़न और मानसिक दबाव के कारण उनकी बेटी ने 9 मार्च को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार ने न्याय की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर नायब तहसीलदार के खिलाफ दुष्कर्म, उत्पीड़न और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों तथा दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले के सामने आने के बाद राजस्व विभाग में भी हलचल मच गई है।

उधर, राजधानी लखनऊ में एक विवाहिता की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि पति ने प्रेम संबंधों में बाधा बनने पर पत्नी की हत्या कर दी और सबूत मिटाने के उद्देश्य से उसका शव गोमती नदी में फेंक दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने वारदात के बाद खुद ही रहीमाबाद थाने पहुंचकर पत्नी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई, ताकि परिवार और पुलिस को गुमराह किया जा सके।

जांच के दौरान जब गोमती नदी के पुल के नीचे से महिला का शव बरामद हुआ और उसकी पहचान अंजली सिंह के रूप में हुई, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। मृतका के भाई पुष्पेंद्र सिंह ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया कि उनकी बहन की शादी 16 नवंबर 2016 को उमेन्द्र प्रताप सिंह से हुई थी। उन्होंने बताया कि करीब एक माह पहले अंजली ने अपने पति को एक अन्य महिला के साथ मोबाइल पर चैट करते हुए पकड़ लिया था। इतना ही नहीं, उसने चैट और दोनों की तस्वीरें अपने मोबाइल में सुरक्षित कर ली थीं तथा इसकी जानकारी अपने मायके वालों को भी दी थी।

परिजनों का आरोप है कि इसी बात को लेकर पति और पत्नी के बीच विवाद बढ़ गया था और बाद में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर अंजली की हत्या कर दी। इसके बाद शव को कार में रखकर इटौंजा थाना क्षेत्र स्थित गोमती नदी के पुल के नीचे फेंक दिया गया। शिकायत के आधार पर रहीमाबाद पुलिस ने पति समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

दोनों मामलों में पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, सभी उपलब्ध साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डिजिटल रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इन घटनाओं ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा, विश्वास और न्याय व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।

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