उत्तर प्रदेश

वृंदावन आश्रम में चार मंजिला इमारत से कूदे युवा साधु की मौत, कमरे से मिला खून से सना ग्राइंडर

Kavita2
26 Sept 2026 9:06 AM IST
वृंदावन आश्रम में चार मंजिला इमारत से कूदे युवा साधु की मौत, कमरे से मिला खून से सना ग्राइंडर
x

वृंदावन। वाराहघाट स्थित एक आश्रम में शुक्रवार को हुई एक घटना से सनसनी फैल गई। प्रेमानंद महाराज से दीक्षित बताए जा रहे 25 वर्षीय युवा साधु दीपक उर्फ रसिक दुलारी शरण ने कथित तौर पर चार मंजिला इमारत से छलांग लगा दी। गंभीर रूप से घायल साधु को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान सामने आए कुछ तथ्यों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। साधु के शरीर पर गंभीर चोट मिली है और उनके कमरे से खून से सना ग्राइंडर भी बरामद किया गया है।

जानकारी के अनुसार दीपक उर्फ रसिक दुलारी शरण वृंदावन के वाराहघाट क्षेत्र स्थित आश्रम में रह रहे थे। शुक्रवार को अचानक उनके चार मंजिला इमारत से नीचे गिरने की जानकारी मिली। ऊंचाई से गिरने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आश्रम में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल के साथ उस कमरे की भी जांच की, जहां दीपक रहते थे। जांच के दौरान पुलिस को कमरे से खून से सना एक ग्राइंडर मिला। पुलिस ने ग्राइंडर को कब्जे में लेकर जांच के लिए सुरक्षित कर लिया है। आशंका जताई जा रही है कि शरीर पर मिली गंभीर चोट पहुंचाने में इसका इस्तेमाल हुआ हो सकता है। हालांकि पुलिस ने अभी इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दीपक का प्राइवेट पार्ट कटा हुआ था। यह चोट कैसे लगी, फिलहाल इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है कि दीपक ने खुद को चोट पहुंचाई थी या घटना में किसी अन्य व्यक्ति की कोई भूमिका थी। कमरे से मिले ग्राइंडर और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।

मामले में सीसीटीवी फुटेज पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक एक सीसीटीवी फुटेज में दीपक को इमारत के टॉप फ्लोर से छलांग लगाते हुए देखा गया है। हालांकि उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसका कारण अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस घटना से पहले की उनकी गतिविधियों और उनसे संपर्क में आए लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से कुछ समय पहले दीपक की किसी से बातचीत हुई थी या नहीं। आश्रम में रहने वाले लोगों से भी जानकारी ली जा रही है। इसके साथ ही पुलिस इमारत के अलग-अलग हिस्सों और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है, ताकि घटना से पहले और बाद की पूरी गतिविधियों की टाइमलाइन तैयार की जा सके।

दीपक के शरीर पर मिली गंभीर चोट ने जांच को कई दिशाओं में आगे बढ़ा दिया है। पुलिस के सामने सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि यह चोट कब और किन परिस्थितियों में लगी। कमरे से खून से सना ग्राइंडर मिलने के कारण इसकी फोरेंसिक जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ग्राइंडर पर मिले खून और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच से घटना से जुड़े तथ्य सामने आ सकते हैं।

इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट से शरीर पर मौजूद चोटों और मौत के कारण से संबंधित तथ्य स्पष्ट हो सकते हैं। पुलिस सभी वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को एक साथ जोड़कर मामले की वास्तविकता तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

कोतवाली प्रभारी अश्विनी कुमार ने बताया कि इमारत और उसके आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की जा रही है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। किसी भी संभावना को फिलहाल खारिज नहीं किया गया है।

युवा साधु की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या था, इसका जवाब अभी नहीं मिल पाया है। दीपक ने कथित तौर पर इमारत से छलांग क्यों लगाई और उनके शरीर पर गंभीर चोट कैसे लगी, ये दोनों सवाल जांच के केंद्र में हैं। पुलिस के लिए सीसीटीवी फुटेज, कमरे से बरामद खून से सना ग्राइंडर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच अहम साबित हो सकती है।

फिलहाल पुलिस मामले में किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। अधिकारियों का कहना है कि सभी उपलब्ध साक्ष्यों की जांच और संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने के बाद ही घटना की सही परिस्थितियां स्पष्ट हो पाएंगी। पुलिस हर बिंदु को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।

Next Story