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500 रुपये नहीं दिए तो सिर में मार दी गोली, युवक की हत्या

मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में शराब पीने के लिए महज 500 रुपये देने से इनकार करना एक व्यक्ति की जान पर भारी पड़ गया। थाना हाईवे क्षेत्र के महोली गांव में बुधवार रात करीब साढ़े नौ बजे 42 वर्षीय रौतान सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि गांव के ही विकास उर्फ विशाल ने अपने साथियों के साथ मिलकर पहले रौतान सिंह का रास्ता रोका और शराब के लिए रुपये मांगे। रुपये देने से मना करने पर विवाद शुरू हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। इसी दौरान आरोपी ने रौतान सिंह के सिर में गोली मार दी। वारदात के बाद आरोपी अपने साथियों के साथ मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने सात नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए चार विशेष टीमें गठित की हैं।
जानकारी के अनुसार, महोली गांव निवासी रौतान सिंह बुधवार रात त्रिवेदीपुरम स्थित अपने मकान से परिवार के लाखन सिंह और सुभाष चंद्र समेत अन्य लोगों के साथ बाइक से गांव लौट रहे थे। रात करीब साढ़े नौ बजे जब वे नेक्सा शोरूम से महोली गांव की ओर जाने वाले रास्ते पर पहुंचे, तभी गांव के विकास उर्फ विशाल ने अपने साथियों के साथ उन्हें रोक लिया। बताया जा रहा है कि नेक्सा शोरूम से करीब 100 मीटर आगे आरोपियों ने रौतान सिंह से शराब पीने के लिए 500 रुपये मांगे। रौतान सिंह ने रुपये देने से इनकार कर दिया।
रुपये देने से इनकार करते ही दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि विकास और उसके साथियों ने रौतान सिंह के साथ मौजूद लाखन सिंह और सुभाष चंद्र से भी मारपीट की। विवाद बढ़ने पर विकास उर्फ विशाल ने कथित तौर पर हथियार निकालकर रौतान सिंह के सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही रौतान सिंह जमीन पर गिर पड़े। अचानक हुई फायरिंग से मौके पर अफरातफरी मच गई। आरोपियों पर वारदात के बाद हवाई फायरिंग करते हुए फरार होने का भी आरोप है।
गोली चलने की घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घायल रौतान सिंह को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं अन्य रिपोर्टों में उनकी मौके पर ही मौत होने की बात कही गई है। मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के लिए यह विश्वास करना मुश्किल हो गया कि शराब के लिए रुपये मांगने जैसे मामूली विवाद में परिवार के एक सदस्य की जान चली गई।
घटना की सूचना मिलने पर थाना हाईवे पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों ने घटना की परिस्थितियों के बारे में जानकारी जुटाई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि वारदात में किन लोगों की क्या भूमिका रही और गोली चलाने में इस्तेमाल हथियार कहां से आया।
मृतक के पिता लाल सिंह की शिकायत पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में विकास उर्फ विशाल, मेघश्याम, डालचंद, मुकेश, धर्मेंद्र, राजकुमार और मनोज शामिल हैं। मुख्य आरोपी विकास उर्फ विशाल पर गोली चलाने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, अन्य नामजद व्यक्तियों की भूमिका जांच और साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी। पुलिस सभी आरोपियों की तलाश कर रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ रिफाइनरी प्रवीण कुमार तिवारी और थाना प्रभारी अरविंद कुमार निर्वाल ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने घटना से जुड़ी जानकारी लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह के अनुसार, वारदात में शामिल आरोपियों को पकड़ने के लिए चार विशेष पुलिस टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी विकास उर्फ विशाल के खिलाफ पहले भी लड़ाई-झगड़े से संबंधित तीन आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही है। इसके साथ ही यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना केवल रुपये मांगने के विवाद का नतीजा थी या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश भी थी। हालांकि, अब तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर शराब के लिए रुपये मांगने को लेकर हुए विवाद को ही वारदात की प्रमुख वजह बताया जा रहा है।
इस हत्याकांड ने महोली गांव और आसपास के क्षेत्रों में चिंता बढ़ा दी है। मामूली रकम को लेकर हुई कहासुनी का हत्या में बदल जाना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना के बाद से पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है। परिवार को अब आरोपियों की गिरफ्तारी और न्याय मिलने का इंतजार है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। मामले में दर्ज मुकदमे के आधार पर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने और वारदात के घटनाक्रम को साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट करने की है। आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद हत्या के पीछे की परिस्थितियों को लेकर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।





