उत्तर प्रदेश

हाइपरटेंशन की गिरफ्त में हैं पर पता ही नहीं, ऐसे कर सकते हैं बचाव

Admin Delhi 1
19 May 2023 12:34 PM GMT
हाइपरटेंशन की गिरफ्त में हैं पर पता ही नहीं, ऐसे कर सकते हैं बचाव
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कानपूर न्यूज़: सिर दर्द से परेशान हैं, लगातार चक्कर और बेचैनी हो रही है. सांस लेने मंस दिक्कत या उल्टी आ रही है तो सतर्क हो जाएं. यह हाई ब्लडप्रेशर के लक्षण हो सकते हैं.

सबसे तेजी से बढ़ने वाली यह बीमारी साइलेंट किलर है. लाखों लोग इसकी चपेट में हैं लेकिन उन्हें पता ही नहीं लग पाता है. एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट की हालिया रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है. एक साल में 13 हजार मरीज तकलीफ होने पर संस्थान में पहुंचे तब उन्हें पता चला कि हाइपरटेंशन की गिरफ्त में आ चुके हैं. उनका बीपी मानक से कहीं 160 से 240 मिला.

ह्दय रोग संस्थान में पिछले साल अप्रैल से वर्ष 2023 मार्च तक 308722 मरीज पहुंचे. इनमें लगभग 13 हजार ऐसे निकले जिनकी जांच के बाद पाया गया कि वह हाई बीपी के शिकार हैं. ट्रेंड और केस हिस्ट्री के आधार पर स्टडी की गई तो पता चला कि बीमारी से बेखबर ये मरीज डेढ़ साल से हाइपरटेंशन की चपेट में हैं पर किसी में लक्षण नहीं हैं. हल्के-फुल्के लक्षण यदाकदा रहे पर चेक कभी नहीं कराया.

3788 चटोरे मिले, ज्यादा मसालेदार खाना बना कारण परीक्षण के साथ केस हिस्ट्री डॉक्टरों ने तैयार की तो सामने आया कि ज्यादा नमक और मसालेदार खाना 3788 मरीजों में हाई बीपी का कारण रहा. 872 को एनजाइना पेन हुआ जिस पर उन्हें एक हफ्ते तक भर्ती होकर इलाज कराना पड़ा.

इन पर भी गौर करें

सीएमओ डॉ.आलोक रंजन ने बताया कि नेशनल फॅमिली हेल्थ सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक कानपुर में वर्ष 2015-16 में 15 वर्ष व उससे ऊपर की 4.9 फीसदी महिलाएं सामान्य से कुछ ऊपर, 0.5 फीसदी मध्यम से ऊपर और 0.5 फीसदी सबसे अधिक हाइपरटेंशन से ग्रसित थीं. 2019-21 में यह बढ़कर क्रमश 10.1 फीसदी, 4.4 फीसदी और 17.3 प्रतिशत पहुंच गई. 2015-16 में 15 वर्ष व उससे ऊपर के 7.7 फीसदी पुरुष सामान्य से कुछ ऊपर, 1.0 फीसदी मध्यम से ऊपर और 0.4 फीसदी सबसे अधिक हाइपरटेंशन से ग्रसित थे. 2019-21 में यह बढ़कर क्रमश 11 फीसदी, 2.8 फीसद और 16.2 प्रतिशत हो गई.

हार्ट अटैक का बड़ा कारण हाइपरटेंशन है. सिरदर्द, बेचैनी चक्कर और सीने में दर्द हो तो परीक्षण कराएं.

- प्रो. विनय कृष्णा, निदेशक एलपीएस कार्डियोलाजी इंस्टीट्यूट

ऐसे कर सकते हैं बचाव

● धूम्रपान और शराब के सेवन से बचें.

● हरी-सब्जियों और फलों का सेवन करें.

● छह माह में एक बार बीपी जरूर चेक करवाएं

● कम फैट वाले डेयरी उत्पाद डाइट में करें शामिल.

● रोजना करीब एक घंटे तक व्यायाम करें.

● रोजाना नमक की मात्रा 5 ग्राम से कम रखें.

● शरीर को सक्रिय रखें और वजन घटाएं.

● मॉर्निंग वॉक या रनिंग की आदत डालें.

● फैमिली के साथ अच्छा समय बिताएं.

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