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उत्तर प्रदेश
SIR प्रक्रिया पर योगी का बयान विपक्ष के आरोपों को किया खारिज
Ratna Netam
27 Sept 2026 8:54 PM IST

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों के विरोध पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (SP) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) समेत अन्य विपक्षी दलों पर संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विपक्षी दलों का रवैया लंबे समय से संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा के लिए नुकसानदेह रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर नेताओं की ओर से दिए जा रहे बयानों पर रोक लगनी चाहिए।मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल राजनीतिक हितों के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए संस्थाओं की स्वतंत्रता और सम्मान जरूरी है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों की ओर से SIR प्रक्रिया को लेकर की जा रही बयानबाजी गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने कहा कि ऐसी बयानबाजी लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचा सकती है।उन्होंने कहा, "कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों का रवैया हमेशा ऐसा रहा है कि वे अपने राजनीतिक हितों के लिए भारत की संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने वाली हर साजिश का हिस्सा बनी हैं।"मुख्यमंत्री ने कहा कि SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की आपत्ति उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची में सुधार और सत्यापन की प्रक्रिया पहले भी कई बार हो चुकी है और यह कोई नई प्रक्रिया नहीं है।
पुराने SIR अभियानों का किया जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में पहले भी अलग-अलग समय पर SIR प्रक्रिया लागू की गई है। उन्होंने बताया कि 1952, 1957, 1961, 1965-66 और 2003 में भी इस तरह की प्रक्रिया पूरी की गई थी।मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय भी मतदाता सूची में सुधार और सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पहले ऐसी प्रक्रियाएं होती रही हैं, तो इस बार इसे लेकर इतना विरोध क्यों किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय तक देश की सत्ता में रही है और उसके शासनकाल में भी इस तरह के कदम उठाए गए थे। इसके बावजूद वर्तमान SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की ओर से विरोध किया जा रहा है।
विपक्ष के विरोध पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, RJD और अन्य विपक्षी दलों की ओर से SIR को लेकर किए जा रहे विरोध का उद्देश्य राजनीतिक लाभ हासिल करना है।उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर जनता के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संस्थाओं का सम्मान बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए मतदाता सूची का सही होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि SIR जैसी प्रक्रियाएं इसी उद्देश्य से की जाती हैं।
लोकतांत्रिक संस्थाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां संवैधानिक संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।उन्होंने विपक्षी नेताओं से अपील की कि वे राजनीतिक मतभेदों के बावजूद लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा का ध्यान रखें।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाएं अपने नियमों के अनुसार काम करती हैं। उन्होंने कहा कि संस्थाओं पर अनावश्यक आरोप लगाने से लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
SIR को लेकर जारी है राजनीतिक बहस
SIR प्रक्रिया को लेकर देश में राजनीतिक बहस जारी है। विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए हैं, जबकि सत्तारूढ़ दल इसके समर्थन में तर्क दे रहे हैं।इसी मुद्दे को लेकर विभिन्न राजनीतिक दल अपने-अपने पक्ष रख रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए प्रक्रिया को लेकर समर्थन जताया है।उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को बेहतर और सटीक बनाने के लिए समय-समय पर सुधार जरूरी होते हैं।
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