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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 सितंबर को लोक निर्माण विभाग (PWD) की समीक्षा बैठक बुलाई है। बैठक में बारिश के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और उन्हें गड्ढामुक्त करने से लेकर पुराने अधूरे निर्माण कार्यों, नई कार्ययोजना और बजट खर्च तक की समीक्षा की जाएगी। बैठक को देखते हुए पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने सभी क्षेत्रीय मुख्य अभियंताओं को पूरी जानकारी और आंकड़ों के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक 27 सितंबर को दोपहर 12 बजे से प्रस्तावित है। इसमें प्रदेशभर में पीडब्ल्यूडी की ओर से कराए जा रहे कार्यों की प्रगति का ब्यौरा रखा जाएगा। सभी क्षेत्रीय मुख्य अभियंताओं से उनके क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों, सड़कों की स्थिति, बजट आवंटन और खर्च सहित विभिन्न बिंदुओं की अपडेट रिपोर्ट मांगी गई है। विभाग के अधिकारी इन आंकड़ों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
बैठक का प्रमुख मुद्दा बारिश और बाढ़ के कारण खराब हुई सड़कों की स्थिति रहने की संभावना है। इससे पहले 11 सितंबर को हुई समीक्षा में मुख्यमंत्री ने बारिश से खराब सड़कों को तत्काल आवागमन योग्य बनाने और बरसात खत्म होने के बाद जरूरत के मुताबिक स्थायी मरम्मत तथा नवीनीकरण कराने के निर्देश दिए थे। उस समय प्रदेश के नौ विभागों के अधीन करीब 4.36 लाख किलोमीटर सड़कों में लगभग 50 हजार किलोमीटर मार्गों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य बताया गया था।
नई बैठक में अधिकारियों से पूछा जाएगा कि बारिश के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत की मौजूदा स्थिति क्या है और गड्ढामुक्ति अभियान के तहत अब तक कितना काम पूरा किया गया है। मुख्यमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि गड्ढामुक्ति केवल पैचवर्क तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। जिन सड़कों की स्थिति ज्यादा खराब है, उन्हें पहले आवागमन योग्य बनाया जाए और मौसम अनुकूल होने पर उनका स्थायी नवीनीकरण किया जाए।
इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2023-24 से पहले स्वीकृत 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले अधूरे कामों की भी समीक्षा की जाएगी। इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए संशोधित कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। बैठक में अधिकारी बताएंगे कि पुरानी परियोजनाओं में देरी की वजह क्या है, वर्तमान में कितनी प्रगति हुई है और शेष काम को पूरा करने के लिए आगे क्या कार्ययोजना बनाई गई है।
मुख्यमंत्री वित्तीय वर्ष 2027-28 के लिए प्रस्तावित नए कामों की कार्ययोजना पर भी चर्चा करेंगे। विभाग से अगले वित्तीय वर्ष में प्रस्तावित सड़कों, पुल-पुलियों और दूसरे निर्माण कार्यों से संबंधित जानकारी तैयार रखने को कहा गया है। इससे पहले भी मुख्यमंत्री के सामने जिलों की संशोधित कार्ययोजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया गया था और जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता वाले सड़क तथा पुल-पुलिया निर्माण प्रस्तावों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे।
बैठक में चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की स्थिति भी महत्वपूर्ण मुद्दा होगी। विभाग को आवंटित धनराशि में से अब तक कितना पैसा खर्च किया गया है, किन योजनाओं में बजट खर्च कम हुआ है और किन परियोजनाओं में अतिरिक्त धनराशि की जरूरत है, इसका ब्यौरा मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा। इससे पहले विभाग को चालू कार्यों के लिए बजट जारी करने और स्वीकृत परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
समीक्षा के दौरान जीएसटी और अतिरिक्त बिटुमिन की मांग से संबंधित रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाएगी। सड़क निर्माण और मरम्मत में बिटुमिन महत्वपूर्ण सामग्री है। ऐसे में विभाग से निर्माण कार्यों के लिए इसकी अतिरिक्त जरूरत और उससे संबंधित वित्तीय स्थिति की जानकारी मांगी गई है। सभी मुख्य अभियंताओं को निर्धारित प्रारूप में जरूरी आंकड़े और रिपोर्ट तैयार रखने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री पहले भी अधिकारियों को सड़क निर्माण और मरम्मत के काम में तेजी के साथ गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दे चुके हैं। उनका जोर ऐसे मार्गों पर प्राथमिकता से काम कराने पर रहा है, जिनसे स्कूल, अस्पताल, बाजार, सरकारी कार्यालय और अधिक आवाजाही वाले क्षेत्र जुड़े हैं। 11 सितंबर की समीक्षा में नवीनीकरण के लिए करीब 30 हजार किलोमीटर और विशेष मरम्मत के लिए करीब पांच हजार किलोमीटर सड़कों का लक्ष्य बताया गया था।
27 सितंबर की समीक्षा बैठक के कारण पीडब्ल्यूडी में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। शनिवार और रविवार की छुट्टी के बावजूद विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय के साथ क्षेत्रीय, वृत्तीय और खंडीय कार्यालय खुले रखने का फैसला किया गया है। प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष ए.के. द्विवेदी के मुताबिक मुख्य अभियंता मुख्यालय-1, सेतु और भवन से जुड़े कार्यालयों में भी सामान्य दिनों की तरह काम होगा, ताकि समीक्षा बैठक के लिए सभी जरूरी सूचनाएं समय पर तैयार की जा सकें।
अब 27 सितंबर की बैठक में प्रदेशभर के पीडब्ल्यूडी कार्यों की वास्तविक प्रगति मुख्यमंत्री के सामने रखी जाएगी। खास तौर पर बारिश से खराब सड़कों की मरम्मत, गड्ढामुक्ति, वर्षों से लंबित बड़ी परियोजनाओं, चालू वित्तीय वर्ष के बजट खर्च और अगले वित्तीय वर्ष की नई कार्ययोजना पर विभाग को विस्तृत हिसाब देना होगा। बैठक के बाद लंबित परियोजनाओं और सड़क मरम्मत के कामों को लेकर नए निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं।





