उत्तर प्रदेश

सदन में हंगामे पर योगी का वार, बोले- विपक्ष ने लोकतंत्र की मर्यादा तोड़ी

Ratna Netam
5 Aug 2026 3:51 PM IST
सदन में हंगामे पर योगी का वार, बोले- विपक्ष ने लोकतंत्र की मर्यादा तोड़ी
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उत्तर प्रदेश : विधानसभा का मानसून सत्र भारी हंगामे के बीच तय समय से पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सदन में लगातार जारी विरोध और नारेबाजी के कारण अनुपूरक बजट सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला और विपक्ष के रवैये को लोकतंत्र तथा विकास विरोधी बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही के दौरान समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर अपना असली चेहरा दिखाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने सदन की गरिमा बनाए रखने के बजाय लगातार हंगामा कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, विधानसभा का मंच जनता के हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए होता है, लेकिन विपक्ष ने इस अवसर को भी राजनीतिक विरोध का माध्यम बना दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 59 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट लेकर आई थी, जिसका उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए नई योजनाओं और विकास कार्यों को गति देना था। उन्होंने कहा कि इस बजट के माध्यम से युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के हित में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा होनी थी, लेकिन विपक्ष के लगातार विरोध के कारण इस पर सार्थक बहस नहीं हो सकी।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, रसोइयों, ग्राम चौकीदारों सहित विभिन्न वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं तैयार की थीं। इसके अलावा महिला पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन और वृद्धावस्था पेंशन जैसी योजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों पर भी सदन में चर्चा प्रस्तावित थी। उनका आरोप था कि समाजवादी पार्टी के नकारात्मक रवैये के कारण इन विषयों पर विस्तार से चर्चा नहीं हो सकी।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के व्यवहार को युवा विरोधी, किसान विरोधी, महिला विरोधी और गरीब विरोधी बताते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही में व्यवधान डालकर जनता के हितों को नुकसान पहुंचाया गया। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हंगामे के बावजूद विधानसभा ने अनुपूरक बजट की मांगों को पारित कर दिया है और सरकार जल्द ही विभिन्न वर्गों के लिए घोषित योजनाओं पर अमल शुरू करेगी।
गौरतलब है कि मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को पेश किए गए अनुपूरक बजट पर चर्चा शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। बुधवार को भी समाजवादी पार्टी के विधायक नारेबाजी और हंगामा करते रहे। स्थिति लगातार बिगड़ती देख विधानसभा अध्यक्ष को पहले दो बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। बाद में जब सदन दोबारा शुरू हुआ तब भी हंगामा जारी रहा, जिसके बीच कुछ आवश्यक विधेयक पेश किए गए। अंततः लगातार व्यवधान के कारण विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना भी भावुक नजर आए। उन्होंने सदन में हुए घटनाक्रम पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मना करने के बावजूद जो कुछ हुआ, वह बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि वह आत्ममंथन करेंगे कि पिछले साढ़े चार वर्षों में उन्होंने सदन के संचालन के लिए जो प्रयास किए, वे पर्याप्त थे या नहीं। उन्होंने यहां तक कहा कि उन्हें यह भी विचार करना होगा कि क्या वे इस जिम्मेदारी के योग्य हैं या नहीं।
विधानसभा में हुए इस घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति को नया मुद्दा दे दिया है। सत्ता पक्ष जहां विपक्ष पर विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगा रहा है, वहीं विपक्ष सरकार के खिलाफ अपने विरोध को लोकतांत्रिक अधिकार बता रहा है। आने वाले दिनों में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
फिलहाल सरकार का कहना है कि अनुपूरक बजट पारित होने के बाद विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। वहीं विधानसभा में हुए हंगामे और समय से पहले सत्र समाप्त होने को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा लगातार जारी है। आने वाले समय में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण विषय बना रह सकता है।
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