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योगी सरकार का ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ मिशन, UP के छात्रों को मिलेगा रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: युवाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार मिशन मोड में काम करते हुए शिक्षा व्यवस्था को रोजगार से जोड़ने पर जोर दे रही है। इसी दिशा में माध्यमिक विद्यालयों के छात्रों के लिए कौशल विकास आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम को तेज किया गया है।
प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि छात्रों को केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें ऐसे कौशल भी सिखाए जाएं जो उन्हें भविष्य में रोजगार और स्वरोजगार दोनों के लिए सक्षम बना सकें। इसके लिए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए “प्रोजेक्ट प्रवीणता” के तहत अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण (शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग - STT) का विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया गया है।
इस योजना के तहत प्रदेश के सभी जिलों और शैक्षणिक प्रशिक्षण केंद्रों को लक्ष्य आवंटित कर दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को प्रशिक्षण के दायरे में लाया जा सके। सरकार का गठन है कि यदि युवाओं को स्कूल स्तर पर ही व्यावसायिक कौशल से जोड़ दिया जाए तो भविष्य में बेरोजगारी की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
राज्य के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने इस योजना की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश का कोई भी युवा हुनर से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि “प्रोजेक्ट प्रवीणता” के माध्यम से छात्रों को आधुनिक और रोजगार आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस पहल के अंतर्गत राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें आईटी और आईटी-इनेबल्ड सर्विसेज (आईटी-आईटीईएस), हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, अपैरल, ब्यूटी एंड वेलनेस और कृषि जैसे सेक्टर शामिल हैं। इन क्षेत्रों को इसलिए चुना गया है क्योंकि इनके बाजार में लगातार बढ़ती मांग है और रोजगार के अवसर भी व्यापक हैं।
सरकार का कामकाज है कि बदलते समय में केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल भी जरूरी है। इसी सोच के तहत शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। “प्रोजेक्ट प्रवीणता” इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
योजना के तहत छात्रों को अल्पकालीन प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे कम समय में किसी विशेष कौशल में दक्ष हो सकेंगे। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें उद्योग आधारित ज्ञान, तकनीकी समझ और व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जाएगा, जिससे वे भविष्य में नौकरी या स्वरोजगार के लिए तैयार हो सकेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, इस कार्यक्रम में शैक्षणिक प्रशिक्षण विद्यार्थियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी, जिन्हें सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार प्रशिक्षण देना होगा। इसके साथ ही प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी की व्यवस्था भी की गई है।
सरकार का उद्देश्य यह भी है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के छात्र समान रूप से इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। इससे प्रदेश में कौशल आधारित विकास को गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
शिक्षकों का कहना है कि यदि यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है तो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश में कुशल श्रमिकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। इससे न केवल युवाओं की आय में सुधार होगा, बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिति को भी बढ़ावा मिलेगा।
कुल मिलाकर, “प्रोजेक्ट प्रवीण” उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो शिक्षा को रोजगार से जोड़ने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो सकती है।





