उत्तर प्रदेश

योगी सरकार की नई पहल कॉलेजों में अफसर देंगे करियर मंत्र

Ratna Netam
10 Aug 2026 6:05 PM IST
योगी सरकार की नई पहल कॉलेजों में अफसर देंगे करियर मंत्र
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लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन और सुविधाएं देने की दिशा में नई युवा नीति लाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना को और व्यापक बनाने का ऐलान किया है। इसके तहत प्रदेश के हर जिले, हर महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में युवाओं के लिए कोचिंग की व्यवस्था किए जाने की योजना है। खास बात यह होगी कि इन कोचिंग संस्थानों में छात्रों को पढ़ाने और मार्गदर्शन देने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के साथ डॉक्टर और आईआईटी से पढ़े इंजीनियर भी जुड़ेंगे।
सरकार की योजना के अनुसार, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग की सुविधा वर्चुअल और फिजिकल दोनों माध्यमों से उपलब्ध कराई जाएगी। सरकारी कॉलेजों और स्कूलों में भी प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी कोचिंग शुरू करने की तैयारी है। इसका उद्देश्य यह है कि आर्थिक या भौगोलिक कारणों से किसी छात्र को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों का रुख न करना पड़े। छात्रों को अपने जिले और शिक्षण संस्थान के स्तर पर ही जरूरी मार्गदर्शन और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत यूपीएससी, यूपीपीएससी, यूपीएसएसएससी, एनडीए, जेईई, नीट और सीयूईटी जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों को मार्गदर्शन दिया जाएगा। इसके अलावा मेडिकल, इंजीनियरिंग, सेना और अन्य क्षेत्रों में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं को भी आगे बढ़ने के रास्ते बताए जाएंगे। सरकार का जोर केवल परीक्षा की तैयारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छात्रों को करियर और उच्च शिक्षा से जुड़े विकल्पों की जानकारी देने पर भी रहेगा।
इस पहल की एक खास बात यह है कि आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारी हर महीने स्कूलों और कॉलेजों में जाकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद करेंगे। अधिकारी अपने अनुभव साझा करेंगे और छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, करियर चयन और आगे की पढ़ाई को लेकर जरूरी जानकारी देंगे। इससे विद्यार्थियों को उन लोगों से सीधे बातचीत करने का अवसर मिलेगा, जिन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं और प्रशासनिक सेवाओं में सफलता हासिल की है।
योजना के तहत डीएम और एसपी के अलावा डॉक्टरों तथा आईआईटी पास इंजीनियरों को भी छात्रों से जोड़ने की बात कही गई है। इससे अलग-अलग क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं को संबंधित विशेषज्ञों से मार्गदर्शन मिल सकेगा। सरकार का मानना है कि छात्रों को सही समय पर सही जानकारी मिलने से उन्हें अपनी पढ़ाई और करियर को लेकर बेहतर निर्णय लेने में मदद मिल सकती है।
मुख्यमंत्री की इस पहल में टाइम मैनेजमेंट और परीक्षा की रणनीति पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। छात्रों को कम समय में बेहतर तरीके से पढ़ाई करने, परीक्षा की तैयारी की योजना बनाने और अपनी कमजोरियों को पहचानने के तरीके बताए जाएंगे। इसके साथ ही उच्च शिक्षा, तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और स्टार्टअप के अवसरों की जानकारी भी युवाओं को दी जाएगी।
सरकार की योजना में युवाओं को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से भी परिचित कराने का प्रावधान है। इसके अलावा वित्तीय कौशल, संचार कौशल, व्यापार प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति, तनाव प्रबंधन और आत्मविश्वास विकास जैसे विषयों पर भी छात्रों को जागरूक किया जाएगा। इस तरह कार्यक्रम का उद्देश्य केवल प्रतियोगी परीक्षा पास कराने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व और करियर विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के विस्तार के तहत जिला स्तर पर कार्यक्रमों की निगरानी की जिम्मेदारी डीएम को दी जाएगी। डीएम हर महीने कार्यक्रमों का कैलेंडर तैयार करेंगे और जिले में तैनात युवा अधिकारियों की इनमें भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। आयोजित कार्यक्रमों का संक्षिप्त विवरण हर महीने की पांच तारीख तक माध्यमिक शिक्षा विभाग को भेजना होगा।
योगी सरकार की इस पहल का मकसद प्रदेश के युवाओं को उनके आसपास ही गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराना और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं तथा रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार करना है। सरकार का मानना है कि अनुभवी अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से सीधे संवाद युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद कर सकता है। नई युवा नीति और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के विस्तार के जरिए सरकार युवाओं को शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है।
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