उत्तर प्रदेश

योगी सरकार का बड़ा फैसला विश्वकर्मा योजना का दायरा बढ़ा

Kavita2
7 Sept 2026 9:13 AM IST
योगी सरकार का बड़ा फैसला विश्वकर्मा योजना का दायरा बढ़ा
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने युवाओं, पारंपरिक कारीगरों और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने वाले लोगों के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 का दायरा और व्यापक कर दिया है। योजना में पहले से शामिल 11 ट्रेडों के साथ अब 14 नए ट्रेड जोड़ दिए गए हैं। इस विस्तार के बाद योजना के अंतर्गत कुल 25 ट्रेड शामिल हो गए हैं। सरकार का उद्देश्य पारंपरिक हुनर को प्रोत्साहित करने के साथ बदलते समय की जरूरत के अनुरूप आधुनिक कौशल को भी रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना है।

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के नए स्वरूप में पारंपरिक व्यवसायों के साथ आधुनिक तकनीकी सेवाओं को विशेष स्थान दिया गया है। योजना में मूर्तिकार, मालाकार, दूधवाला, भरभूजा और मछुआरा जैसे पांच नए पारंपरिक ट्रेड शामिल किए गए हैं। इन व्यवसायों से जुड़े लोगों को योजना के दायरे में लाने से उनके कौशल को नई पहचान मिलने और आजीविका के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

इसके साथ ही वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रही तकनीकी और सेवा क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नौ आधुनिक ट्रेड भी योजना में शामिल किए गए हैं। इनमें मोबाइल रिपेयरिंग, ऑटोमोबाइल मरम्मत, इलेक्ट्रॉनिक सामान मरम्मत, विद्युत सामान, प्लम्बर, कंप्यूटर मरम्मत, सोलर इंस्टॉलेशन, डिजिटल फोटोग्राफी तथा सौंदर्य एवं वेलनेस से जुड़े काम शामिल हैं। इस तरह योजना अब पारंपरिक कारीगरी तक सीमित न रहकर आधुनिक रोजगार के क्षेत्रों को भी अपने दायरे में ले रही है।

मोबाइल फोन, कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल लगातार बढ़ने के कारण इनकी मरम्मत से जुड़े प्रशिक्षित युवाओं की मांग भी बढ़ी है। ऐसे में मोबाइल और कंप्यूटर रिपेयरिंग जैसे ट्रेडों को शामिल करने से तकनीकी क्षेत्र में काम करने के इच्छुक युवाओं के लिए अवसर बढ़ सकते हैं। इसी तरह ऑटोमोबाइल मरम्मत और इलेक्ट्रॉनिक सामान की मरम्मत से जुड़े कौशल को योजना का हिस्सा बनाने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

सोलर इंस्टॉलेशन को योजना में शामिल करना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ने के साथ इसके उपकरणों की स्थापना और रखरखाव के लिए प्रशिक्षित लोगों की आवश्यकता बढ़ रही है। इस ट्रेड में कौशल हासिल करने वाले युवाओं के लिए आने वाले समय में रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं। विद्युत सामान और प्लम्बर से जुड़े काम भी शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लगातार मांग वाले व्यवसायों में शामिल हैं।

डिजिटल फोटोग्राफी तथा सौंदर्य एवं वेलनेस को शामिल किए जाने से सेवा क्षेत्र में स्वरोजगार की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा। डिजिटल तकनीक के विस्तार के बाद फोटोग्राफी का स्वरूप तेजी से बदला है। शादी-विवाह, सामाजिक कार्यक्रम, व्यावसायिक आयोजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए फोटोग्राफी की मांग बढ़ी है। इसी प्रकार सौंदर्य एवं वेलनेस का क्षेत्र भी रोजगार के महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में उभरा है।

योजना में पारंपरिक व्यवसायों को विस्तार देना भी सरकार की रणनीति का अहम हिस्सा है। मूर्तिकार और मालाकार जैसे कारीगर धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों से सीधे जुड़े रहते हैं। दूधवाला, भरभूजा और मछुआरा जैसे व्यवसाय बड़ी संख्या में परिवारों की आजीविका का आधार हैं। इन्हें योजना के दायरे में लाने से पारंपरिक काम करने वाले लोगों को कौशल विकास और स्वरोजगार से जुड़ी व्यवस्थाओं का लाभ मिलने का रास्ता खुलेगा।

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का मूल उद्देश्य परंपरागत कारीगरों और श्रमिकों के कौशल को बेहतर बनाकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। योजना 2.0 के जरिए सरकार ने अब ऐसे क्षेत्रों को भी शामिल किया है जिनमें आने वाले वर्षों में प्रशिक्षित कामगारों की मांग बढ़ने की संभावना है। इससे युवा नौकरी तलाशने के साथ अपना छोटा व्यवसाय या सेवा आधारित काम शुरू करने की दिशा में भी आगे बढ़ सकेंगे।

25 ट्रेडों तक योजना का विस्तार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवाओं के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। गांवों में पारंपरिक काम करने वाले कारीगरों को जहां अपने हुनर को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा, वहीं शहरों और कस्बों में तकनीकी सेवाओं से जुड़े युवाओं के लिए मोबाइल, कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर जैसे क्षेत्रों में संभावनाएं बढ़ेंगी।

सरकार का जोर कौशल विकास को रोजगार और स्वरोजगार से सीधे जोड़ने पर है। योजना का विस्तारित स्वरूप इसी दिशा में उठाया गया कदम है। पारंपरिक कारीगरी और आधुनिक तकनीकी कौशल को एक ही योजना के तहत लाने से अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों तक इसका दायरा पहुंचेगा। कुल 25 ट्रेडों के साथ विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 अब युवाओं और कारीगरों के लिए रोजगार, कौशल और स्वरोजगार के अवसरों का बड़ा माध्यम बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

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