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प्राइमरी बच्चों के लिए योगी सरकार की पहल, दो बीमारियों से मिलेगी सुरक्षा

लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों को केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का केंद्र ही नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र स्वास्थ्य संरक्षण का भी सशक्त माध्यम बनाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में अगस्त माह के दौरान प्रदेशभर के विद्यालयों में दो विशेष टीकाकरण अभियान संचालित किए जाएंगे। इन अभियानों का उद्देश्य बच्चों को गंभीर संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखना और उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है। सरकार का मानना है कि विद्यालयों के माध्यम से बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाने से अधिक से अधिक बच्चों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा सकती है।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने इस संबंध में प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अभियान का संचालन पूरी गंभीरता, समयबद्धता और प्रभावी समन्वय के साथ किया जाए, ताकि कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे।
यह विशेष अभियान स्वास्थ्य विभाग और बेसिक शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों से संचालित किया जाएगा। इसके तहत परिषदीय विद्यालयों के अलावा सहायता प्राप्त विद्यालयों, मान्यता प्राप्त मदरसों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में भी टीकाकरण की व्यवस्था की जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के सभी पात्र बच्चों को समान रूप से इस अभियान का लाभ मिल सके।
अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचकर निर्धारित आयु वर्ग के बच्चों का टीकाकरण करेंगी। इसके लिए पहले से पात्र बच्चों की सूची तैयार की जाएगी और विद्यालय प्रशासन अभिभावकों को भी अभियान की जानकारी देगा। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि टीकाकरण के दौरान सभी आवश्यक स्वास्थ्य मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाए।
शिक्षा विभाग ने विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को भी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा है। उन्हें बच्चों और अभिभावकों को टीकाकरण के महत्व के बारे में जागरूक करने, निर्धारित तिथियों की जानकारी देने तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि टीकाकरण के बाद सभी बच्चों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से संधारित किया जाए।
सरकार का मानना है कि समय पर टीकाकरण बच्चों को कई गंभीर संक्रामक बीमारियों से बचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। विद्यालयों के जरिए इस अभियान को संचालित करने से बड़ी संख्या में बच्चों तक एक साथ पहुंच बनाई जा सकेगी। इससे न केवल टीकाकरण का दायरा बढ़ेगा, बल्कि स्कूलों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी मजबूत होगी।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अभियान की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। यदि किसी विद्यालय या क्षेत्र में टीकाकरण से संबंधित कोई समस्या सामने आती है, तो उसका तत्काल समाधान किया जाए। जिला स्तर पर शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ अभियान की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
विशेष अभियान के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इससे अभियान को प्रभावी और व्यापक बनाया जा सकेगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे और सभी को समय पर आवश्यक वैक्सीन उपलब्ध हो।
प्रदेश सरकार का यह कदम बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों को समान प्राथमिकता देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि विद्यालय आधारित टीकाकरण अभियान बच्चों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का सबसे प्रभावी तरीका है, क्योंकि इससे बड़ी संख्या में लाभार्थियों तक कम समय में पहुंच बनाई जा सकती है।
सरकार को उम्मीद है कि अगस्त में चलने वाले दोनों विशेष टीकाकरण अभियान से लाखों बच्चों को लाभ मिलेगा। शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से यह पहल बच्चों को गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने, उनकी नियमित पढ़ाई को बाधित होने से बचाने तथा स्वस्थ और सशक्त भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।





