उत्तर प्रदेश

दशहरा पर किसानों को योगी सरकार का तोहफा, अनुदान पर मिलेंगे कृषि यंत्र

Kavita2
6 Oct 2026 4:34 PM IST
दशहरा पर किसानों को योगी सरकार का तोहफा, अनुदान पर मिलेंगे कृषि यंत्र
x

उत्तर प्रदेश : योगी सरकार दशहरा के मौके पर किसानों को कृषि यंत्रों पर अनुदान का लाभ देने जा रही है। प्रदेश के अन्नदाता किसान विभिन्न योजनाओं के तहत कृषि यंत्र और कृषि रक्षा उपकरण सब्सिडी पर प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए किसानों को 7 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

संयुक्त कृषि निदेशक अभियंत्रण बलराम वर्मा ने बताया कि किसान कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.agriculture.up.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। निर्धारित अवधि के भीतर आवेदन करने वाले पात्र किसानों को विभागीय नियमों के अनुसार कृषि यंत्रों पर अनुदान का लाभ दिया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य खेती में आधुनिक मशीनों का उपयोग बढ़ाना, किसानों की लागत कम करना और कृषि कार्यों को अधिक सुविधाजनक बनाना है। अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से हजारों कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।

संयुक्त कृषि निदेशक के अनुसार, विभाग की ओर से संचालित नेशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन के अंतर्गत सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन योजना में 2166 कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जाएगा।

इसके अलावा प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फॉर इन सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजिडयू योजना के तहत 1755 कृषि यंत्रों पर सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी।

अन्य योजनाओं के तहत भी कृषि यंत्र और कृषि रक्षा उपकरण अनुदान पर दिए जाएंगे। इससे छोटे और सीमांत किसानों के साथ उन किसानों को भी फायदा मिल सकता है, जो आधुनिक कृषि उपकरण खरीदना चाहते हैं लेकिन ज्यादा कीमत के कारण ऐसा नहीं कर पाते।

खेती में मशीनों का इस्तेमाल बढ़ने से किसानों के समय और श्रम दोनों की बचत होती है। बुवाई से लेकर कटाई और फसल अवशेष प्रबंधन तक अलग-अलग कार्यों के लिए मशीनों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है।

सरकार की कोशिश है कि अधिक से अधिक किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीक पहुंचे और खेती को लाभकारी बनाने में मदद मिले।

फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़े कृषि यंत्रों को भी योजना में विशेष महत्व दिया गया है। इन मशीनों की मदद से किसानों को खेत में बचे फसल अवशेषों का बेहतर तरीके से प्रबंधन करने में सहायता मिलती है।

इसके कारण खेतों में फसल अवशेष जलाने की जरूरत कम हो सकती है और अवशेषों का कृषि कार्य में बेहतर उपयोग किया जा सकता है।

प्रदेश सरकार लंबे समय से कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए किसानों को विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध करा रही है। इस बार दशहरा के अवसर पर आवेदन प्रक्रिया शुरू किए जाने से बड़ी संख्या में किसानों के जुड़ने की उम्मीद है।

किसानों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन करने से पहले योजना से संबंधित नियम और पात्रता की जानकारी अच्छी तरह देख लें। आवेदन में सही विवरण देना जरूरी होगा।

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 7 अक्टूबर से शुरू होगी और 20 अक्टूबर तक चलेगी। अंतिम तिथि के बाद आवेदन स्वीकार होने की स्थिति विभागीय नियमों पर निर्भर करेगी, इसलिए किसानों को समय रहते आवेदन करने की सलाह दी जा रही है।

कृषि यंत्रों की मांग अधिक होने की स्थिति में लाभार्थियों के चयन के लिए विभाग निर्धारित प्रक्रिया का पालन करेगा। इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश कृषि विभाग की ओर से उपलब्ध कराए जाएंगे।

कृषि यंत्रों पर अनुदान मिलने से किसानों पर आर्थिक बोझ कम होगा। आधुनिक मशीनें सामान्य तौर पर महंगी होती हैं और छोटे किसानों के लिए उन्हें सीधे खरीदना मुश्किल हो सकता है।

सरकारी अनुदान के जरिए किसान अपेक्षाकृत कम खर्च में आवश्यक मशीनें हासिल कर सकेंगे।

कृषि विभाग का जोर ऐसे उपकरणों के उपयोग पर भी है, जिनसे खेती की लागत कम हो और उत्पादकता बेहतर हो। समय पर बुवाई, सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण, फसल कटाई और अवशेष प्रबंधन जैसे कार्यों में मशीनों की बड़ी भूमिका है।

किसानों को कृषि रक्षा उपकरणों पर भी अनुदान मिलने से कीट और रोग नियंत्रण से जुड़े कार्यों को आसान बनाने में मदद मिलेगी।

विभाग की इस पहल को कृषि क्षेत्र में मशीनीकरण बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एक ओर किसान कम समय में अधिक कृषि कार्य कर सकेंगे, वहीं दूसरी ओर श्रम पर निर्भरता भी कम होगी।

सरकार का मानना है कि कृषि क्षेत्र में नई तकनीक और मशीनों के इस्तेमाल से किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करना होगा। आवेदन के दौरान किसान की पहचान, कृषि भूमि और आवश्यक मशीन से संबंधित जानकारी मांगी जा सकती है।

किसानों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनके दस्तावेज अपडेट हों, ताकि आवेदन की जांच के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न आए।

प्रदेश में बड़ी संख्या में किसान आज भी परंपरागत तरीके से खेती करते हैं। ऐसे किसानों को आधुनिक उपकरणों से जोड़ने के लिए सरकारी सहायता महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

2166 कृषि यंत्र सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन के तहत और 1755 कृषि यंत्र फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित योजना के तहत दिए जाने हैं।

इसके अतिरिक्त अन्य योजनाओं के कृषि यंत्र और कृषि रक्षा उपकरण भी अनुदान के दायरे में रहेंगे।

कुल मिलाकर दशहरा के अवसर पर शुरू हो रही यह आवेदन प्रक्रिया किसानों के लिए आधुनिक कृषि उपकरण हासिल करने का अवसर लेकर आई है।

जो किसान कृषि यंत्र खरीदने की योजना बना रहे हैं, वे 7 से 20 अक्टूबर के बीच कृषि विभाग की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं।

Next Story