उत्तर प्रदेश

दिवाली से पहले योगी सरकार का बड़ा तोहफा, यूपी के मजदूरों की बढ़ी सैलरी, जानें नई दरें

Kavita2
28 Oct 2026 9:35 AM IST
दिवाली से पहले योगी सरकार का बड़ा तोहफा, यूपी के मजदूरों की बढ़ी सैलरी, जानें नई दरें
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दीपावली से पहले प्रदेश के लाखों श्रमिकों को बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। राज्य सरकार ने श्रमिकों के परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (VDA) की संशोधित दरें निर्धारित कर दी हैं। इसके तहत अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी में 174.25 रुपये से लेकर 238.39 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी और 31 मार्च 2027 तक लागू रहेंगी। सरकार के इस निर्णय का लाभ प्रदेश के 74 अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत पात्र श्रमिकों को मिलेगा। महंगाई के बीच मजदूरी में हुई इस वृद्धि से कामगारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

दीपावली से पहले मजदूरों के लिए बड़ी खुशखबरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम मजदूरी की नई दरें लागू करने का निर्णय लिया है। श्रम विभाग की ओर से 21 अक्टूबर 2026 को जारी शासनादेश के अनुसार, प्रदेश में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों और प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रमिकों को संशोधित दरों के अनुसार भुगतान किया जाएगा।

इस फैसले से उन श्रमिकों को लाभ मिलेगा, जो निर्धारित न्यूनतम मजदूरी पर काम कर रहे हैं। सरकार ने मजदूरी में संशोधन करते समय महंगाई के स्तर और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को आधार बनाया है।

नई दरों के लागू होने से श्रमिकों को अक्टूबर महीने से बढ़ी हुई मजदूरी का लाभ मिलेगा। श्रम विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठानों को संशोधित दरों के अनुसार भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में सबसे ज्यादा मजदूरी

सरकार ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों के लिए मजदूरी की अलग-अलग दरें निर्धारित की हैं। गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी अन्य जिलों की तुलना में अधिक रखी गई है।

इन दोनों जिलों में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी 13,690 रुपये से बढ़ाकर 13,883.59 रुपये कर दी गई है। इस प्रकार उन्हें हर महीने 193.59 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।

अर्द्धकुशल श्रमिकों की मासिक मजदूरी 15,059 रुपये से बढ़ाकर 15,271.41 रुपये निर्धारित की गई है। इससे उन्हें 212.41 रुपये का लाभ होगा।

वहीं, कुशल श्रमिकों की मजदूरी 16,868 रुपये से बढ़ाकर 17,106.39 रुपये कर दी गई है। इस श्रेणी में श्रमिकों को हर महीने 238.39 रुपये अधिक मिलेंगे। यह संशोधन में निर्धारित सबसे अधिक मासिक वृद्धि है।

नगर निगम वाले जिलों में भी बढ़ी मजदूरी

गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद को छोड़कर प्रदेश के अन्य नगर निगम वाले जिलों में भी मजदूरी की संशोधित दरें लागू की गई हैं।

इन जिलों में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी 13,006 रुपये से बढ़ाकर 13,189.68 रुपये कर दी गई है। इससे उन्हें हर महीने 183.68 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।

अर्द्धकुशल श्रमिकों की मजदूरी 14,306 रुपये से बढ़कर 14,507.46 रुपये हो गई है। इस श्रेणी के श्रमिकों को 201.46 रुपये की मासिक बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा।

कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी 16,025 रुपये से बढ़ाकर 16,250.86 रुपये निर्धारित की गई है। इस प्रकार उन्हें प्रतिमाह 225.86 रुपये अधिक मिलेंगे।

अन्य जिलों के श्रमिकों को भी मिलेगा फायदा

प्रदेश के शेष जिलों के लिए भी न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की गई है। इन जिलों में अकुशल श्रमिकों की मासिक मजदूरी 12,356 रुपये से बढ़ाकर 12,530.25 रुपये कर दी गई है।

अर्द्धकुशल श्रमिकों की मासिक मजदूरी 13,590 रुपये से बढ़ाकर 13,782.30 रुपये निर्धारित की गई है। इससे उन्हें हर महीने 192.30 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

इसी तरह कुशल श्रमिकों की मासिक मजदूरी 15,224 रुपये से बढ़कर 15,438.42 रुपये हो गई है। इस श्रेणी के श्रमिकों को 214.42 रुपये की मासिक वृद्धि मिलेगी।

महंगाई के आधार पर तय हुई नई दरें

श्रम विभाग के अनुसार, न्यूनतम मजदूरी में संशोधन जनवरी से जून 2026 की अवधि के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के औसत 431 अंकों के आधार पर किया गया है।

परिवर्तनीय महंगाई भत्ता यानी वीडीए न्यूनतम मजदूरी का वह हिस्सा है, जिसमें महंगाई के स्तर के अनुसार समय-समय पर बदलाव किया जाता है।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ने पर श्रमिकों की आय में भी उचित समायोजन हो सके।

इस बार महंगाई भत्ते की गणना 400 अंकों के आधार स्तर से ऊपर सूचकांक में हुई वृद्धि के अनुसार की गई है।

दैनिक मजदूरी की गणना का नियम भी स्पष्ट

सरकार ने दैनिक न्यूनतम मजदूरी की गणना का तरीका भी स्पष्ट किया है। इसके अनुसार मासिक न्यूनतम मजदूरी को 26 से भाग देकर दैनिक मजदूरी निर्धारित की जाएगी।

उदाहरण के लिए, यदि किसी श्रमिक की न्यूनतम मासिक मजदूरी 13,883.59 रुपये निर्धारित है, तो उसकी दैनिक न्यूनतम मजदूरी लगभग 534 रुपये होगी।

शासनादेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो कर्मचारी पहले से निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से अधिक वेतन प्राप्त कर रहे हैं, उनका वेतन कम नहीं किया जाएगा।

इसका अर्थ है कि नई दरें न्यूनतम भुगतान की सीमा तय करती हैं। पहले से अधिक वेतन पाने वाले सभी कर्मचारियों के लिए उतनी ही अतिरिक्त वृद्धि अनिवार्य नहीं है।

31 मार्च 2027 तक लागू रहेंगी नई दरें

उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश के अनुसार, परिवर्तनीय महंगाई भत्ते की संशोधित दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू होकर 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी।

श्रम विभाग ने औद्योगिक प्रतिष्ठानों और अन्य संबंधित नियोजकों को निर्देश दिया है कि वे श्रमिकों के कौशल वर्ग और जिले की श्रेणी के अनुसार निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करें।

सरकार के इस फैसले से प्रदेश के पात्र श्रमिकों को त्योहारी सीजन में अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलेगा। हालांकि, यह बढ़ोतरी छोटी है, लेकिन न्यूनतम मजदूरी पर निर्भर परिवारों के लिए हर महीने मिलने वाली अतिरिक्त राशि घरेलू खर्चों को पूरा करने में कुछ मदद कर सकती है।

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