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उत्तर प्रदेश: सहारनपुर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यव्यापी ‘स्कूल चलो अभियान’ के द्वितीय चरण (1 से 15 जुलाई) का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम उच्च प्राथमिक विद्यालय इस्माइलपुर (कंपोजिट) से शुरू किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।
सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय विकास की नींव है। उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा स्कूल नहीं जाता है तो यह केवल परिवार की नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र की भी क्षति है। उन्होंने यह भी कहा कि पढ़ा-लिखा बच्चा ही आगे चलकर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व करता है।
मुख्यमंत्री ने 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू किए गए ‘स्कूल चलो अभियान’ का उल्लेख करते हुए बताया कि उस समय प्रदेश के केवल 36 प्रतिशत स्कूलों में ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध थीं। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के जरिए स्कूलों में टॉयलेट, पेयजल, मिड डे मील, फर्नीचर और डिजिटल सुविधाएं बढ़ाई गईं, जिससे अब 96 प्रतिशत से अधिक स्कूलों में बेहतर व्यवस्था हो चुकी है।
सीएम योगी ने बताया कि पिछले 9 वर्षों में 60 लाख से अधिक बच्चों का नामांकन बढ़ा है, जबकि ड्रॉपआउट दर 19-20 प्रतिशत से घटकर 3-4 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने कहा कि सरकार हर बच्चे को यूनिफॉर्म, बैग, किताबें और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि अगले 15 दिनों तक विशेष अभियान चलाकर हर गांव और हर घर तक पहुंचें और सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि की है और सभी शिक्षकों व कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा दी गई है। कार्यक्रम के दौरान सीएम ने मां शाकंभरी की कृपा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अभियान एक जनांदोलन का रूप लेगा।
इस अवसर पर बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, कई मंत्री, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।





