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Yogi आदित्यनाथ के निर्देश: पुलिस ट्रेनिंग होगी तकनीक-आधारित

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने गुरुवार को राज्य में पुलिस प्रशिक्षण प्रणाली को अधिक आधुनिक, तकनीक-आधारित और परिणाम-उन्मुख बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बदलते समय के अनुसार पुलिसिंग में सुधार आवश्यक है, ताकि कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय बैठक में उत्तर प्रदेश पुलिस की प्रशिक्षण व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक पुलिसिंग के लिए केवल पारंपरिक प्रशिक्षण पर्याप्त नहीं है, बल्कि अब संवेदनशीलता, बेहतर संवाद कौशल और साइबर अपराध तथा फोरेंसिक तकनीक में विशेषज्ञता अनिवार्य हो गई है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुलिस प्रशिक्षण को इस तरह विकसित किया जाए कि उसमें तकनीक का अधिकतम उपयोग हो और प्रशिक्षण वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि पुलिसकर्मियों को व्यवहारिक रूप से सक्षम बनाना होना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान समय में अपराध के तरीके तेजी से बदल रहे हैं, खासकर साइबर अपराध के मामलों में वृद्धि हुई है। ऐसे में पुलिस बल को डिजिटल तकनीकों और फोरेंसिक जांच की आधुनिक विधियों में दक्ष बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्रणाली को इस तरह तैयार किया जाए कि पुलिसकर्मी हर प्रकार की चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।
बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस को दक्षता, अनुशासन, संवेदनशीलता और जनता के विश्वास के मामले में देश की सबसे बेहतरीन पुलिस बल के रूप में स्थापित किया जाना चाहिए। इसके लिए प्रशिक्षण प्रणाली में सुधार के साथ-साथ कार्य संस्कृति में भी बदलाव जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रशिक्षण केंद्रों में आधुनिक उपकरणों और तकनीकी संसाधनों का उपयोग बढ़ाया जाए, ताकि पुलिसकर्मियों को वास्तविक परिस्थितियों का अनुभव मिल सके। साथ ही, प्रशिक्षण कार्यक्रमों में मानसिक स्वास्थ्य, व्यवहारिक कौशल और नागरिकों के साथ बेहतर व्यवहार जैसे पहलुओं को भी शामिल करने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का संबंध मजबूत होना चाहिए। इसके लिए पुलिसकर्मियों को संवेदनशील और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की आवश्यकता है, जिससे जनता में सुरक्षा और भरोसे की भावना बढ़े।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रशिक्षण प्रणाली से जुड़ी वर्तमान स्थिति और सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने इन प्रयासों को और गति देने तथा निर्धारित समय सीमा में सुधार लागू करने के निर्देश दिए।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशिक्षण प्रणाली को आधुनिक और तकनीक-संचालित बनाने की यह पहल राज्य की कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे पुलिस बल को भविष्य की चुनौतियों के लिए अधिक सक्षम बनाया जा सकेगा।





