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Yogi Adityanath ने 5 से 21 जून तक कार्यक्रमों में जनभागीदारी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर 5 जून से 21 जून तक आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तैयारियों की समीक्षा करते हुए दिए। एक आधिकारिक प्रेस बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल औपचारिक कार्यक्रम न होकर एक बड़े स्तर का जन-जागरूकता अभियान होना चाहिए, जिसमें अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने बताया कि ये कार्यक्रम विश्व पर्यावरण दिवस से शुरू होकर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर समाप्त होंगे। इस दौरान विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग जनहित और जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी, जिनका उद्देश्य समाज में पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जाना चाहिए और साथ ही लोगों को विभिन्न विकास योजनाओं और नीतियों की जानकारी भी दी जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी जिलों में कार्यक्रमों की रूपरेखा इस तरह तैयार की जाए कि अधिक से अधिक नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि पर्यावरण संरक्षण और योग जैसे विषय आज के समय की आवश्यकता हैं, और इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश जाना चाहिए। विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को इन गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया है ताकि वे स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण में योगदान दे सकें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी कार्यक्रमों का आयोजन समयबद्ध और प्रभावी तरीके से किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि हर जिले में इन आयोजनों की मॉनिटरिंग की जाए और उनकी रिपोर्ट नियमित रूप से राज्य स्तर पर भेजी जाए।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को विभिन्न जिलों में चल रही तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पर्यावरण दिवस से लेकर योग दिवस तक कई जागरूकता रैलियाँ, सेमिनार, योग शिविर, वृक्षारोपण अभियान और स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से जनता और प्रशासन के बीच संवाद मजबूत होगा और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा। साथ ही, यह कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को भी बढ़ावा देंगे।





