उत्तर प्रदेश

यीडा की 92वीं बोर्ड बैठक: जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र बनेगा देश का नया औद्योगिक हब

Kavita2
18 Aug 2026 9:20 AM IST
यीडा की 92वीं बोर्ड बैठक: जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र बनेगा देश का नया औद्योगिक हब
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ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश को औद्योगिक निवेश, रोजगार और आधुनिक अवस्थापना (इंफ्रास्ट्रक्चर) के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सोमवार को आयोजित प्राधिकरण की 92वीं बोर्ड बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास से जुड़ी कई दूरगामी और महत्वाकांक्षी योजनाओं को हरी झंडी दिखाई गई।

बैठक में औद्योगिक विकास, चिकित्सा शिक्षा, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइसेस, अंतरराष्ट्रीय परिवहन, खेल और किसान कल्याण से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की गई। इन फैसलों से न केवल जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (Noida International Airport) क्षेत्र एक एकीकृत औद्योगिक और संस्थागत हब के रूप में तेजी से उभरेगा, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलने की उम्मीद है।

जेवर-नोएडा एयरपोर्ट क्षेत्र का एकीकृत विकास

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से पहले ही यीडा पूरे यमुना एक्सप्रेसवे रीजन को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की रणनीति पर काम कर रहा है। बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णयों का मुख्य केंद्र बिंदु एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों का सुनियोजित और एकीकृत विकास करना है।

प्राधिकरण का उद्देश्य इस पूरे बेल्ट को सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट हब तक सीमित न रखकर इसे मैन्युफैक्चरिंग, एजुकेशन, मेडिकल, स्पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स का बड़ा केंद्र बनाना है। इससे वैश्विक निवेशकों के लिए यह क्षेत्र भारत में निवेश का सबसे आकर्षक गंतव्य बन जाएगा।

प्रमुख योजनाएं और बोर्ड की मंजूरी

यीडा की 92वीं बोर्ड बैठक में कई विशेष परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जो इस प्रकार हैं:

ताइवान सिटी और जापानी इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर: इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए ताइवान सिटी और जापानी कंपनियों के लिए समर्पित विशेष औद्योगिक जोन विकसित किए जाएंगे। इससे हाई-टेक विनिर्माण क्षेत्र में भारी विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) आने की संभावना है।

फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर व मेडिकल डिवाइस पार्क: दवा निर्माण और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के स्वदेशी उत्पादन को गति देने के लिए फार्मास्यूटिकल क्लस्टर और मेडिकल डिवाइस पार्क के आवंटन व इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई।

यूनिवर्सिटी टाउनशिप और मेडिकल हब: शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाने के उद्देश्य से एक विशाल यूनिवर्सिटी टाउनशिप और आधुनिक सुविधाओं से लैस मेडिकल हब स्थापित किया जाएगा। इसमें देश-विदेश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थान और मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल अपनी इकाइयां स्थापित कर सकेंगे।

अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स स्टेडियम: खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय खेल स्पर्धाओं की मेजबानी के लिए विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट व स्पोर्ट्स स्टेडियम के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।

इंटरस्टेट बस अड्डा (ISBT): क्षेत्र में निर्बाध आवाजाही और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक आधुनिक अंतरराज्यीय बस अड्डे (ISBT) का निर्माण किया जाएगा, जो इसे दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों से सीधा जोड़ेगा।

निवेश और रोजगार के नए अवसर

बोर्ड की बैठक में स्वीकृत इन परियोजनाओं से राज्य में अरबों रुपये के पूंजी निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे।

स्थानीय युवाओं को तकनीकी शिक्षा से लेकर फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स, एविएशन और स्पोर्ट्स मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नौकरियां मिलेंगी। इसके अलावा एमएसएमई (MSME) और सहायक उद्योगों (Auxiliary Units) को भी इन बड़ी परियोजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा।

किसानों के हितों का ध्यान

विकास की इस रफ्तार में किसानों की भागीदारी को भी रेखांकित किया गया। यीडा बोर्ड ने किसानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं, अधिग्रहित जमीनों के मुआवजे और लीज बैक से संबंधित प्रस्तावों पर सकारात्मक निर्णय लिए। प्राधिकरण ने यह स्पष्ट किया कि बुनियादी ढांचे और उद्योग का विकास किसानों के कल्याण और उनकी सहमति के साथ ही आगे बढ़ाया जाएगा।

उत्तर प्रदेश की 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था में योगदान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को पूरा करने में यीडा की ये योजनाएं रीढ़ की हड्डी साबित होंगी।

जेवर एयरपोर्ट, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, प्रस्तावित फिल्म सिटी और अब ताइवान सिटी व मेडिकल हब जैसी योजनाएं मिलकर यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि भारत के सबसे आधुनिक और समृद्ध औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में स्थापित करेंगी।

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