- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- यमुना प्राधिकरण की...
उत्तर प्रदेश
यमुना प्राधिकरण की 87वीं बोर्ड बैठक, विकास कार्यों को मिली नई रफ्तार
SHIDDHANT
7 Nov 2025 9:59 PM IST

x
Greater Noida ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की 87वीं बोर्ड बैठक शुक्रवार को प्राधिकरण के सभागार में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव (औद्योगिक विकास) एवं यमुना प्राधिकरण के अध्यक्ष आलोक कुमार ने की। मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने विभिन्न विभागों से संबंधित एजेंडा प्रस्तुत किया। इस दौरान वित्त, नई परियोजनाओं, आवंटन और बकाया वसूली से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बोर्ड बैठक में बताया गया है कि प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति बेहतर हुई है। 31 अक्टूबर 2024 तक जहां पूंजीगत प्राप्तियां 1554.78 करोड़ रहीं थीं, वहीं 31 अक्टूबर 2025 तक यह बढ़कर 1746.38 करोड़ पहुंच गई। यह बीते वर्ष की तुलना में 112.32 प्रतिशत अधिक है। इस बैठक में किसानों को अतिरिक्त मुआवजे के भुगतान का भी ब्योरा रखा गया, जिसमें अधिग्रहण के बाद किसानों को दिए जाने वाले 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर के तहत अब तक 2925.06 करोड़ किसानों में वितरित किए जा चुके हैं।
इसके अलावा, वन टाइम सेटलमेंट 2025-26 में डिफॉल्टर आवंटियों से बकाया राशि वसूली के लिए प्राधिकरण ने एक बार फिर ओटीएस योजना लागू की है। इसमें आवेदन अवधि पहली दिसंबर से 28 फरवरी 2026 तक है। इसके अलावा, अब तक 574 लोगों ने आवेदन किया, पर अभी भी 5725 डिफॉल्टर मौजूद हैं। इस बोर्ड बैठक में किसानों के लिए आरक्षित 7 प्रतिशत आबादी भूखण्डों का विकास तेजी से हो रहा है। सेक्टर 17, 22 डी और 25 में कई भूखंड विकसित हो चुके हैं, जबकि शेष ग्रामों में विकास कार्य जारी है।
इस बैठक में यमुना प्राधिकरण के नए मुख्यालय का डिजाइन मंजूर किया गया। सेक्टर-18 में बनने वाले कार्यालय एवं स्टाफ हाउसिंग का डिजाइन सिक्का एसोसिएट्स और डीके एसोसिएट्स ने तैयार किया है। इसमें मुख्य विशेषताएं हरित भवन, भूकंपरोधी संरचना, यूनिवर्सल एक्सेस और अलग आई सीसीसी, पुलिस इंट्रूजन और ऑडिटोरियम योजना शामिल हैं। इसके अलावा जल्द चलेंगी हाइड्रोजन बसें, जिनमें एनटीपीसी ने यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में 5 हाइड्रोजन बसें चलाने का प्रस्ताव दिया है। एक बार फ्यूल भरने पर 600 किलोमीटर तक संचालन होगा। तीन बसें दिल्ली, एनसीआर और आगरा रूट पर अनिवार्य होंगी, जिससे एयरपोर्ट शुरू होने के बाद बढ़ते प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, अपैरल, हैंडीक्राफ्ट, एमएसएमई, टॉय और मेडिकल डिवाइस पार्क में तेजी लाई जाएगी। औद्योगिक सेक्टर-29 और सेक्टर-33 में चल रहे विशेष पार्कों की प्रगति तेजी से बढ़ी है, जिसमें अब तक अपैरल पार्क में 115 भूखंडों की लीज डीड, हैंडीक्राफ्ट पार्क में 77 आवंटियों की लीज पूरी हुई है, एमएसएमई पार्क में 241 भूखंडों की लीज पूरी हुई है, टॉय पार्क में 89 कंपनियों की लीज पूरी हुई है, और मेडिकल डिवाइस पार्क में 50 कंपनियों को लीज मिल चुकी है। जिन भूखंडों की लीज प्लान उपलब्ध नहीं है, उन्हें एक माह में पूरा करने के निर्देश दिए गए। जहां भूमि अधिग्रहण बाकी है, वहां प्रक्रिया जारी है और भूमि उपलब्ध होने पर नई योजनाएं जारी की जाएंगी।
इसके अलावा इस बोर्ड बैठक में लीजडीड वाले आवंटियों को राहत भी दी गई है। इसके मुताबिक भवन निर्माण की समय सीमा 31 दिसंबर 2024 से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी गई है, ताकि सिविल और विद्युत कार्य की देरी से प्रभावित भूखंडधारकों को राहत मिल सके। इस बैठक में स्टॉल्ड रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में राहत दी गई है। नीति के तहत 11 बिल्डरों ने देनदारियां स्वीकार कर 25 प्रतिशत राशि जमा की है। इससे अगले 1 वर्ष में करोड़ों रुपए की राजस्व प्राप्ति और रजिस्ट्री प्रक्रिया में तेजी आएगी।
Tagsग्रेटर नोएडायमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण87वीं बोर्ड बैठकवित्तीय सुधारपूंजीगत प्राप्तियांकिसानों का मुआवजावन टाइम सेटलमेंटहाइड्रोजन बसऔद्योगिक पार्कअपैरल पार्कहैंडीक्राफ्ट पार्कएमएसएमई पार्कटॉय पार्कमेडिकल डिवाइस पार्कलीजडीड आवंटनस्टॉल्ड प्रोजेक्ट्सराजस्वरजिस्ट्रीनई परियोजनाएंजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





