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एटा। उत्तर प्रदेश के एटा जिले में सड़क मरम्मत कार्य के दौरान विवाद का मामला सामने आया है। शीतलपुर गांव के पास सड़क की पटरी की मरम्मत करने पहुंची लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम पर कुछ दबंगों ने हमला कर दिया। आरोप है कि सड़क किनारे अवैध कब्जा किए लोगों ने मरम्मत कार्य का विरोध करते हुए कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। स्थिति बिगड़ने के बाद टीम को जेसीबी मशीन सहित मौके से वापस लौटना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय से अलीगंज जाने वाले प्रमुख मार्ग पर स्थित शीतलपुर गांव के पास शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी की टीम सड़क और उसकी पटरी की मरम्मत के लिए पहुंची थी। विभाग की ओर से सड़क किनारे खराब हिस्से को ठीक करने और आवागमन को बेहतर बनाने का काम किया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि इसी दौरान सड़क की पटरी पर कब्जा किए बैठे कुछ लोगों ने मरम्मत कार्य का विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि विरोध धीरे-धीरे विवाद में बदल गया और दबंगों ने पीडब्ल्यूडी कर्मचारियों के साथ अभद्रता शुरू कर दी।
कर्मचारियों का आरोप है कि दबंगों ने उनके साथ गाली-गलौज की और मारपीट करते हुए काम बंद करने का दबाव बनाया। हालात इतने बिगड़ गए कि कर्मचारियों को अपनी सुरक्षा के लिए मौके से हटना पड़ा। टीम जेसीबी मशीन लेकर वापस लौट गई।
घटना के बाद पीडब्ल्यूडी कर्मचारियों में आक्रोश है। विभागीय अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी गई है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा डालना गंभीर मामला है और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क की पटरी पर लंबे समय से कुछ लोगों का कब्जा है। विभाग की ओर से सड़क को बेहतर बनाने के लिए मरम्मत कार्य कराया जा रहा था, लेकिन कब्जाधारियों के विरोध के कारण काम प्रभावित हो गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया गया। अब पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी काम में बाधा डालने और कर्मचारियों के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने कहा कि सड़क मरम्मत का काम जनहित से जुड़ा हुआ है। ऐसे कार्यों में किसी भी तरह की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। विभाग की टीम जल्द ही दोबारा मौके पर पहुंचकर काम शुरू करने की तैयारी कर रही है।
इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और सड़क किनारे अतिक्रमण का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। प्रशासन के सामने अब सड़क पटरी से अवैध कब्जे हटाने और कर्मचारियों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की चुनौती है।





