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उत्तर प्रदेश
विंध्य एक्सप्रेसवे का काम तेज, जमीन के लिए 2800 करोड़ मंजूर
Rajeshwari Nishad
4 Nov 2026 8:24 PM IST

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क संपर्क को मजबूत बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रस्तावित विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए भूमि खरीद पर खर्च होने वाले 2800 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस धनराशि में से गाजीपुर जिले को 1100 करोड़ रुपये, चंदौली को 1200 करोड़ रुपये और मीरजापुर को 500 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। शासन के इस निर्णय के बाद तीनों जिलों में जमीन खरीद और किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। परियोजना पूरी होने पर पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के बीच बेहतर सड़क संपर्क स्थापित होगा, जिससे व्यापार, उद्योग, परिवहन और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार, विंध्य एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल लिंक स्पर परियोजना के लिए भूमि खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को लेकर शासन स्तर पर लगातार कवायद चल रही थी। संबंधित जिलों के प्रशासन ने जमीन खरीद के लिए धनराशि की मांग की थी। इसके बाद शासन ने 2800 करोड़ रुपये स्वीकृत करने का निर्णय लिया। संयुक्त सचिव निमेष कुमार शुक्ल ने 29 अक्टूबर को इस संबंध में शासनादेश जारी किया।
चंदौली को सबसे अधिक 1200 करोड़ रुपये
शासन की ओर से स्वीकृत कुल धनराशि में चंदौली जिले को सर्वाधिक 1200 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। वहीं, गाजीपुर को 1100 करोड़ रुपये और मीरजापुर को 500 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।तीनों जिलों में प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के लिए जमीन की पहचान और अधिग्रहण संबंधी प्रक्रियाएं शुरू की जा चुकी हैं। अब धनराशि उपलब्ध होने से भूमि खरीद और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।शासन की ओर से संबंधित जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। स्वीकृत धनराशि संबंधित जिलों के निर्धारित डिपॉजिट खातों में उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद प्रशासन भूमि खरीद से संबंधित आगे की प्रक्रिया पूरी करेगा।
चंदौली के 52 गांवों के करीब 9 हजार किसान प्रभावित
चंदौली जिले में प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के लिए 52 गांवों की भूमि चिह्नित की गई है। इस परियोजना से करीब नौ हजार किसानों के प्रभावित होने का अनुमान है।भूमि खरीद के लिए 1200 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने से इन किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।हालांकि, किसानों के लिए उचित मुआवजा, जमीन का सही मूल्यांकन और समय पर भुगतान सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। प्रशासन के सामने यह सुनिश्चित करने की चुनौती होगी कि संबंधित भूमि अभिलेखों का सत्यापन कर नियमानुसार भुगतान किया जाए।भूमि खरीद की प्रक्रिया में किसी प्रकार की समस्या सामने आने पर संबंधित किसानों की शिकायतों का समाधान भी आवश्यक होगा। इससे परियोजना के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी को रोका जा सकेगा।
सोनभद्र से गाजीपुर तक बेहतर सड़क संपर्क की योजना
विंध्य-पूर्वांचल लिंक स्पर परियोजना का उद्देश्य सोनभद्र, मीरजापुर, चंदौली और गाजीपुर के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करना है। यह मार्ग विंध्य क्षेत्र को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।इससे पहले उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने प्रयागराज से सोनभद्र तक लगभग 333 किलोमीटर लंबे विंध्य एक्सप्रेसवे और इससे जुड़ने वाले लगभग 117 किलोमीटर लंबे विंध्य-पूर्वांचल लिंक मार्ग को मंजूरी दी थी।प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे मीरजापुर से चंदौली होते हुए गाजीपुर तक जाएगा। दोनों परियोजनाओं को क्षेत्रीय परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
व्यापार और उद्योग को मिल सकता है बड़ा फायदा
विंध्य और पूर्वांचल क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क स्थापित होने से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।वर्तमान में कई क्षेत्रों से कृषि उत्पादों और औद्योगिक सामान को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में अपेक्षाकृत अधिक समय लगता है। आधुनिक एक्सप्रेसवे नेटवर्क विकसित होने से मालवाहक वाहनों की आवाजाही सुगम हो सकती है।इसका लाभ स्थानीय व्यापारियों, किसानों और छोटे उद्योगों को मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से कृषि उत्पादों की ढुलाई और मंडियों तक पहुंच बेहतर होने से किसानों के लिए नए बाजारों तक पहुंचने के अवसर बढ़ सकते हैं।इसके अलावा परिवहन संबंधी सुविधाएं बेहतर होने से नए औद्योगिक निवेश की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
गाजीपुर में विकसित हो सकता है बड़ा सड़क नेटवर्क
गाजीपुर जिले के हैदरिया क्षेत्र को प्रमुख सड़क संपर्क केंद्र के रूप में विकसित किए जाने की योजना है। यहां पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे का संपर्क स्थापित होने से क्षेत्रीय आवागमन को नई दिशा मिल सकती है।इसके अतिरिक्त आसपास के अन्य प्रमुख सड़क मार्गों के जुड़ने से लंबी दूरी के यात्रियों और मालवाहक वाहनों को लाभ होने की संभावना है।गाजीपुर में प्रस्तावित लिंक मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है। सितंबर में सामने आई जानकारी के अनुसार, हैदरिया क्षेत्र को भविष्य में महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किए जाने की योजना है।
भूमि खरीद की प्रक्रिया में आएगी तेजी
एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी परियोजनाओं में जमीन की उपलब्धता सबसे महत्वपूर्ण चरणों में से एक होती है। सड़क निर्माण शुरू होने से पहले संबंधित जमीन का अधिग्रहण, मुआवजा भुगतान और आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृतियां पूरी करनी होती हैं।2800 करोड़ रुपये की स्वीकृति के बाद संबंधित जिलों में इन प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।हालांकि, शासन द्वारा धनराशि स्वीकृत किए जाने और वास्तविक निर्माण कार्य शुरू होने के बीच कई प्रशासनिक तथा तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी की जानी हैं।परियोजना के समय पर पूरा होने के लिए भूमि खरीद के साथ निर्माण संबंधी तैयारियों और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय भी महत्वपूर्ण होगा।
पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई दिशा
उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार पर लगातार जोर दे रही है। इसका उद्देश्य प्रमुख शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ना है।विंध्य एक्सप्रेसवे तथा विंध्य-पूर्वांचल लिंक परियोजना इसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।इनके निर्माण से पर्यटन को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। विंध्य क्षेत्र के धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच सुविधाजनक होने से यात्रियों की आवाजाही बढ़ सकती है।साथ ही स्थानीय स्तर पर होटल, परिवहन, व्यापार और अन्य सेवा क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
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