उत्तर प्रदेश

महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, देवीपाटन मंदिर से CM योगी ने दिया बड़ा संदेश

Kavita2
11 Oct 2026 12:24 PM IST
महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, देवीपाटन मंदिर से CM योगी ने दिया बड़ा संदेश
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बलरामपुर। शारदीय नवरात्रि के शुभारंभ और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा, सम्मान तथा स्वावलंबन को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। बलरामपुर जिले के तुलसीपुर स्थित शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटी हो, बहन हो या कोई भी महिला, उसकी सुरक्षा हम सभी के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान इसी उद्देश्य के साथ संचालित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन एक साथ आगे बढ़ेंगे, तभी देश और प्रदेश का समग्र विकास संभव होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर केंद्र सरकार की महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं और कानूनों का भी उल्लेख किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2014 में शुरू किए गए अभियानों की चर्चा करते हुए कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ से लेकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम तक महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में प्रयास किए गए हैं।

महिलाओं की सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी: योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवीपाटन मंदिर में अपने संबोधन के दौरान महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

उन्होंने कहा, "बेटी हो, बहन हो, कोई महिला हो, उसकी सुरक्षा हम सबके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता रखती है।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल एक विषय नहीं, बल्कि समाज और शासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिलने के साथ ही उन्हें सम्मान और आत्मनिर्भर बनने के अवसर भी मिलने चाहिए।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन तीनों आवश्यक हैं।

इन तीनों पहलुओं को एक साथ आगे बढ़ाने से ही समाज में सकारात्मक बदलाव संभव होगा।

मिशन शक्ति अभियान को लेकर दिया संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में संचालित मिशन शक्ति अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देना है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान इसी क्रम में संचालित होगा।

मुख्यमंत्री के अनुसार, अभियान का मूल विषय महिलाओं की सुरक्षा, उनका सम्मान और उनका स्वावलंबन है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इन तीनों उद्देश्यों को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता।

महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देने के साथ उनके सम्मान और आत्मनिर्भरता को भी महत्व देना आवश्यक है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब महिलाएं सुरक्षित और आत्मनिर्भर होंगी, तभी देश और प्रदेश आगे बढ़ेंगे।

बेटी और बेटे में भेदभाव नहीं होना चाहिए

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बेटियों के प्रति समाज की सोच को लेकर भी महत्वपूर्ण बात कही।

उन्होंने कहा कि बेटी और बेटे के बीच किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए।

योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान का पहला संदेश बेटियों को बचाना और उन्हें शिक्षा देना था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों को समान अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज में बेटियों और बेटों को समान दृष्टि से देखा जाना चाहिए।

बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा को प्राथमिकता देने से उनके भविष्य को मजबूत बनाया जा सकता है।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का किया जिक्र

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार बनने के बाद महिलाओं और बेटियों के हित में कई महत्वपूर्ण पहल की गईं।

उन्होंने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को इस दिशा में एक प्रमुख कदम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान का उद्देश्य बेटियों के संरक्षण और उनकी शिक्षा को महत्व देना है।

उन्होंने कहा कि बेटियों को पहले बचाना है और फिर उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देने हैं।

योगी आदित्यनाथ ने इस अभियान को महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रस्तुत किया।

उन्होंने बताया कि बेटियों के प्रति भेदभाव समाप्त करना और उन्हें सम्मानजनक स्थान दिलाना समाज की जिम्मेदारी है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सशक्तिकरण की चर्चा करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान से शुरू हुई महिला सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ते हुए महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए भी कानून बनाया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने की व्यवस्था के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम बनाया गया है।

इस कानून का उद्देश्य महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देना है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए लगभग 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। हालांकि, आरक्षण का क्रियान्वयन संबंधित संवैधानिक प्रक्रियाओं और परिसीमन की शर्तों से जुड़ा है।

मुख्यमंत्री ने इसे महिलाओं के सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

महिला सशक्तिकरण से देश और प्रदेश का विकास

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन एक-दूसरे से जुड़े हुए विषय हैं।

उन्होंने कहा कि इन तीनों को साथ लेकर आगे बढ़ने से देश और प्रदेश का विकास होगा।

मुख्यमंत्री के अनुसार, केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि महिलाओं को सम्मान और आत्मनिर्भर बनने के अवसर भी मिलने चाहिए।

उन्होंने महिलाओं की भागीदारी को समाज की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।

योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए मिशन शक्ति अभियान की भूमिका पर जोर दिया।

शारदीय नवरात्रि और बालिका दिवस पर विशेष संदेश

शारदीय नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना और शक्ति की उपासना से जुड़ा है।

इसी अवसर पर अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस भी मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा और समान अवसरों के महत्व को सामने लाना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवीपाटन शक्तिपीठ से महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर अपना संदेश दिया।

देवीपाटन मंदिर उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और इसे देवी दुर्गा के 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है।

इस धार्मिक स्थल पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता के महत्व को रेखांकित किया।

महिलाओं के सम्मान और स्वावलंबन पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को एक साथ आगे बढ़ाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान इसी उद्देश्य के साथ संचालित होगा।

मुख्यमंत्री ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान से लेकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम तक की पहल का उल्लेख करते हुए महिलाओं को समान अवसर और अधिकार देने पर जोर दिया।

उन्होंने बेटियों और बेटों के बीच भेदभाव नहीं करने का संदेश भी दिया।

शारदीय नवरात्रि और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर देवीपाटन मंदिर से मुख्यमंत्री का यह संबोधन महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण पर केंद्रित रहा।

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