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बरामदे की कच्ची छत ढहने से महिला की मौत सफाई करते समय मलबे में दबी विषमा देवी

जहानाबाद: बिहार के जहानाबाद थाना क्षेत्र के चिल्ली गांव में शुक्रवार को दर्दनाक हादसा हो गया। बरामदे की कच्ची छत अचानक गिरने से 55 वर्षीय महिला विषमा देवी की मौत हो गई। हादसे के समय महिला बरामदे में झाड़ू लगाकर सफाई कर रही थीं। छत गिरने की आवाज सुनकर परिवार के लोग और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर महिला को बाहर निकाला, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
जानकारी के अनुसार, चिल्ली गांव निवासी राम बहादुर उत्तम की पत्नी विषमा देवी शुक्रवार सुबह घर के काम में लगी हुई थीं। सुबह तेज बारिश रुकने के बाद वह घर से जुड़े बरामदे में सफाई करने के लिए गई थीं। इसी दौरान अचानक बरामदे की कच्ची छत भरभराकर गिर गई।
बताया जा रहा है कि यह बरामदा राम बहादुर उत्तम के भतीजे विनोद कुमार के बंद पड़े मकान से जुड़ा हुआ था। इसी बरामदे में परिवार के लोग मवेशी यानी बकरियां बांधते थे। बारिश के कारण कच्ची छत कमजोर हो गई थी, जिसके चलते हादसा होने की आशंका जताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार सुबह बारिश थमने के बाद विषमा देवी बरामदे में झाड़ू लगा रही थीं। इसी दौरान अचानक छत गिर गई और वह भारी मलबे के नीचे दब गईं। छत गिरने की तेज आवाज सुनकर घर के लोग और आसपास के पड़ोसी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे।
ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए मलबा हटाने का काम शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद महिला को मलबे से बाहर निकाला गया। हादसे के बाद परिजन उन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों द्वारा मौत की पुष्टि किए जाने के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। अचानक हुई इस घटना से गांव में भी शोक का माहौल फैल गया।
ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण कई पुराने और कच्चे मकानों की हालत खराब हो गई है। ऐसे मकानों में रहने वाले लोगों को हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से कमजोर मकानों की जांच कराने और जरूरतमंद परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस को भी मामले की जानकारी दी गई। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
मौसम में बदलाव और लगातार बारिश के दौरान कच्चे मकानों और जर्जर संरचनाओं के गिरने की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। प्रशासन की ओर से भी लोगों को ऐसे स्थानों से सावधान रहने की अपील की जाती है।
परिजनों के अनुसार, विषमा देवी घर के कामकाज में हमेशा सक्रिय रहती थीं। हादसे के समय भी वह रोज की तरह बरामदे की सफाई कर रही थीं। किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही पल में इतनी बड़ी घटना हो जाएगी।
महिला की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन घटना को याद कर भावुक हो रहे हैं। गांव के लोग भी पीड़ित परिवार को सांत्वना दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में कच्चे मकानों और कमजोर छतों की स्थिति पर ध्यान देना जरूरी है। समय रहते मरम्मत नहीं होने पर ऐसे हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
प्रशासन से उम्मीद जताई जा रही है कि पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।





