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रायबरेली। रेलवे ट्रैक के किनारे बैठी एक 35 वर्षीय महिला की कुछ देर बाद ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना से पहले महिला को पटरी के पास बैठे देखा गया था और किसी व्यक्ति ने उसकी तस्वीर भी खींची थी। रविवार शाम नीलांचल एक्सप्रेस की चपेट में आने के बाद महिला की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और पास में मिले मोबाइल फोन की मदद से उसकी पहचान उन्नाव निवासी मीनाक्षी यादव के रूप में की। महिला रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंची और घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है।
जीआरपी थानाध्यक्ष सचिन कुमार के मुताबिक घटना रविवार शाम करीब 4:30 बजे हुई। नीलांचल एक्सप्रेस बछरावां से रायबरेली की ओर जा रही थी। इसी दौरान रेलवे ट्रैक पर मौजूद महिला ट्रेन की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी गंभीर थी कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची। रेलवे ट्रैक के आसपास जांच की गई और महिला की पहचान करने की कोशिश शुरू हुई। शुरुआत में उसके बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी, लेकिन घटनास्थल के पास मिले मोबाइल फोन ने पहचान तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मोबाइल फोन के जरिए संपर्क करने पर महिला के परिवार के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद जीआरपी ने परिजनों को घटना की सूचना दी। मृतका की पहचान 35 वर्षीय मीनाक्षी यादव के रूप में हुई। वह उन्नाव जिले के मौरावां थाना क्षेत्र के ग्राम लोहरामऊ, रानीखेड़ा की रहने वाली थी। उसके पति का नाम वीरेंद्र यादव बताया गया है।
मीनाक्षी अपने घर से रेलवे ट्रैक तक कब और कैसे पहुंची, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। घटना से पहले वह ट्रैक के किनारे क्यों बैठी थी, इसकी भी जांच की जा रही है। जीआरपी महिला की गतिविधियों और घटना से पहले की परिस्थितियों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
इस मामले को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा घटना से पहले खींची गई तस्वीर की हो रही है। बताया जा रहा है कि महिला को रेलवे लाइन के किनारे बैठे देखकर किसी व्यक्ति ने उसकी तस्वीर खींच ली थी। कुछ समय बाद उसी स्थान पर ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई।
यह तस्वीर जांच के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकती है। इससे महिला के घटनास्थल पर पहुंचने के समय और उसकी स्थिति के बारे में कुछ जानकारी मिल सकती है। हालांकि केवल तस्वीर के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि वह वहां किस उद्देश्य से बैठी थी।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह दुर्घटना थी या महिला ने जानबूझकर ट्रेन के सामने आने जैसा कदम उठाया। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले परिवार के बयान और अन्य परिस्थितियों की जांच जरूरी मानी जा रही है।
जीआरपी मृतका के परिजनों से भी जानकारी ले सकती है कि वह रविवार को घर से कब निकली थी और उसने जाने से पहले किसी को कुछ बताया था या नहीं। परिवार के लोगों से यह भी पता लगाया जा सकता है कि पिछले कुछ दिनों में वह किसी परेशानी या तनाव में थी या नहीं।
मोबाइल फोन भी जांच में अहम साबित हो सकता है। जरूरत पड़ने पर घटना से पहले की कॉल और अन्य उपलब्ध जानकारी से यह समझने की कोशिश की जा सकती है कि मीनाक्षी किसके संपर्क में थी और रेलवे ट्रैक तक पहुंचने से पहले उसकी गतिविधियां क्या थीं।
घटना के बाद जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पोस्टमार्टम और अन्य औपचारिकताओं के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत से संबंधित चिकित्सकीय तथ्य भी स्पष्ट होंगे।
इस घटना के कारण रेलवे यातायात पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा। जीआरपी और रेलवे कर्मचारियों ने आवश्यक कार्रवाई के बाद ट्रैक को क्लियर करा दिया। इसके बाद रेलगाड़ियों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी रही।
नीलांचल एक्सप्रेस के गुजरने के दौरान हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों को भी स्तब्ध कर दिया। कुछ समय पहले जिस महिला को रेलवे लाइन के किनारे बैठे देखा गया था, उसके अचानक ट्रेन की चपेट में आने की खबर से आसपास के लोगों में चर्चा शुरू हो गई।
जांच का सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि मीनाक्षी उन्नाव से यहां तक कैसे पहुंची। उसके पास कोई यात्रा टिकट या अन्य सामान था या नहीं, इसकी जानकारी भी जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है। पुलिस उसके आने-जाने के संभावित रास्तों की जानकारी जुटा सकती है।
घटना के समय महिला अकेली थी या उससे पहले किसी के साथ देखी गई थी, इस बारे में भी जानकारी जुटाई जा सकती है। आसपास उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज या प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी मिलने पर घटनाक्रम को समझने में मदद मिल सकती है।
जीआरपी के सामने महिला की अंतिम गतिविधियों की समयरेखा तैयार करने की चुनौती है। वह घर से कब निकली, किस साधन से यहां पहुंची और रेलवे ट्रैक के पास कितनी देर तक रही, इन सवालों के जवाब मिलने के बाद घटना की परिस्थितियां अधिक स्पष्ट हो सकती हैं।
घटना से पहले खींची गई तस्वीर को लेकर भी यह पता लगाया जा सकता है कि फोटो किसने और कितने बजे लिया था। फोटो लेने वाले व्यक्ति से पूछताछ होने पर महिला की उस समय की स्थिति के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी मिल सकती है।
फिलहाल पुलिस ने घटना को लेकर जांच जारी रखी है। महिला की मौत के पीछे किसी पारिवारिक, व्यक्तिगत या अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए कारणों को लेकर किसी तरह का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी।
35 वर्षीय मीनाक्षी यादव की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। रविवार शाम करीब 4:30 बजे हुई घटना के बाद जीआरपी अब हर पहलू को जोड़कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि वह रेलवे ट्रैक तक क्यों पहुंची और ट्रेन की चपेट में आने से पहले वास्तव में क्या हुआ था।





